मेरे सपनों को पंख ( sapnon ko pankh ) लगा दो माँ
माँ,मेरे सपनों को पंख ( sapnon ko pankh ) लगा दो आज, मै भी पहनना चाहती हूँ कामयाबी का ताज, […]
माँ,मेरे सपनों को पंख ( sapnon ko pankh ) लगा दो आज, मै भी पहनना चाहती हूँ कामयाबी का ताज, […]
हम हार जाएं तो वो फिर से जीता सकता है , हम गिर जाएं तो वो फिर से उठा सकता
तस्वीर छू कर माँ की, आंसू बहाने का क्या फायदा, जीते जी निभा लेता अगर तूं, माँ की सेवा करने
छूकर तस्वीर तेरी ( chhookar tashvir teri ) मैं टूट जाता हूँ , मेरी आँखें छलक जाती हैं कंई बार
सबसे प्यारा नाम है माँ, सच्चे प्यार की पहचान (sachhe pyar ki pahchan ) है माँ, राम जाने वो कब
यदि माँ के प्रति श्रद्धा (maa ke prati shrdha ) का भाव है, दिल में हमारे सेवा का चाव है,
मैं भी देखना चाहती हूँ माँ, ये ईश्वर का बनाया प्यारा संसार, जीने का हक ना मुझसे छीन माँ,
माँ तेरा दूध है अमृत के जैसा, मेरे तन-मन में जोश जगाए, इस पावन दूध से बिखरी है, मेरे
रिशते निभाने का हूनर, माँ से बढ़कर और कौन जाने, इस जग में है सबसे बड़ी योद्धा माँ ( sabse
माना की माँ के साये में कभी कोई ग़म ना था, पर पिता का बलिदान ( pita ka balidan