बड़ी माँ का प्यारा चश्मा (pyara chashma) : मेरी मासूम गलती
मेरे हाथों से ना जाने कैसे छूट गया है, आज सुबह-सुबह मुझसे बडी माँ का, प्यारा चश्मा (pyara chashma)टूट गया […]
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मेरे हाथों से ना जाने कैसे छूट गया है, आज सुबह-सुबह मुझसे बडी माँ का, प्यारा चश्मा (pyara chashma)टूट गया […]
बेटियों की शिक्षा से आएगी, समाज में एक नई रोशनी(nai roshani), मैं रोशन ये सारा जग बनाऊंगा, मै हद में
हर रात को मुझे माँ सपने आते हैं, मुझे गहरी नींद से जगाते हैं, शायद मैं धनवान बनने वाला हूँ,
जो हमारे अंदर संस्कारों का बीज बोता है, हमारी जिद्द को अपना फर्ज मानकर निभाता है, पति से पहले पिता
बाबुल का आंगन (baabul ka angan)छोड़ना एक बेटी के लिए, इतना भी आसान नहीं है , जहाँ गुजारा है बचपन
तेरे चेहरे पर मुस्कान यूं ही बरकरार रहे, चाहे कीमत कुछ भी चुकानी पडे माँ, तेरी खुशी ही मेरी पूजा
मुझे जितनी भी दुआएं मिली हैं वो सब आपको लग जाएं, मैं चाहती हूँ आपके नाम (apke naam), मेरे
जब पिता कमाकर लाता था, हम हर रोज गर्म रोटी (garam roti)खाते थे, आज हम खुद कमाने लगे हैं, लेकिन
हर कदम पर आपका आशीर्वाद (apka ashirvad)है, मुझे आपसे प्रेरणा मिलती है, मैं संभल-संभल कर चलती हूँ पापा, अब तो
माँ के होते हुए कोई हवा मुझे छू जाए , ऐसी हवा कभी चली ही नहीं, माँ के शक्तिशाली आँचल