मेरी जीवन संगिनी (jeevan sangini) : प्रेम से सजा रिश्ता
मैं तो रखता हूँ उसे फूलों की तरह, जो बोलना है जिसे बोलनें दो, उसकी आँखोँ में नमी नहीं, […]
मैं तो रखता हूँ उसे फूलों की तरह, जो बोलना है जिसे बोलनें दो, उसकी आँखोँ में नमी नहीं, […]
जीवन बिल्कुल बदल गया है, आपके आने के बाद, एक रिश्ता ( Ek rishta )और बन गया है, आपका
आँखों में शर्म स्वभाव नर्म, चेहरे पर मोहिनी मुस्कान ( mohini muskan ) रखता है, बातों में जादू,जुबां पर काबू,
मुझे फूलों की तरह रखता है , ससुराल में मेरा पति, तो राजकुमारी बनाकर रखता था, मायके में मेरा
हमसफ़र की सादगी ( humsafar ki sadgi ) है, जैसे फूलों की ताजगी , मैं पल में दूर कर
ससुराल अमीर नहीं है तो कोई बात नहीं, लेकिन हमसफ़र दिल का अमीर ( dil ka amir ) चाहिए, मेरी