पिता के कांपते हाथ ( kanpte hath ) : पिता का सहारा
जिस हाथ को थामकर बचपन में चलते थे, वो ही पिता के कांपते हाथ ( kanpte hath ), आज […]
जिस हाथ को थामकर बचपन में चलते थे, वो ही पिता के कांपते हाथ ( kanpte hath ), आज […]
जीवन बिल्कुल बदल गया है, आपके आने के बाद, एक रिश्ता ( Ek rishta )और बन गया है, आपका
माँ तुम्हारे हाथों से लिया हुआ, एक सिक्का( ek sikka ) गोल-गोल था, जो मुझे देती थी तुम बचपन
एक प्रार्थना ( ek prarthana) पिता के लिए , जिसने हम पर बेशुमार उपकार किए, हमारी प्रार्थनाओं में माँ का
दिल के सच्चे थे,घर कच्चे थे, बड़ी माँ के पहरे में रहते बच्चे थे, सर पर बड़ी माँ का आशीर्वाद
लौट आना (laut aana ) रात होने से पहले, लौट आना बरसात होने से पहले, हर पल मेरा दिल धड़कता
दहेज का अंत भी कभी होगा क्या, इसके बिना नहीं हो सकती,क्या बेटी विदा, ये बख्शीश नहीं है रब
मेरी कोख के जाये का सवाल था, शायद ये नए ख़ून का उबाल था, माँ बताओ तुम्हारे एहसान है
पापा के सीने पर मैं बचपन में, बेख़ौफ़ होकर सो जाया करती थी, पापा का सीना (papa ka seena)था, मेरे
मायके सा ससुराल ( mayke sa sasural) मिला है, परिवार एक दम खुशहाल मिला है, बढ़-चढ़ कर ससुराल की बातें