माँ का शक्तिशाली आँचल(shaktishali aanchal) : अटूट कवच
माँ के होते हुए कोई हवा मुझे छू जाए , ऐसी हवा कभी चली ही नहीं, माँ के शक्तिशाली आँचल […]
माँ के होते हुए कोई हवा मुझे छू जाए , ऐसी हवा कभी चली ही नहीं, माँ के शक्तिशाली आँचल […]
घर के सम्मान की रक्षा करना, एक पत्नी का पहला धर्म है, वैसे ही एक पत्नी के सम्मान की रक्षा
पिता बरसता है तो बरस लेने दो दिल हलका हो जाएगा , थम जाएगा उनके पिता के भीतर का
मैं तो रखता हूँ उसे फूलों की तरह, जो बोलना है जिसे बोलनें दो, उसकी आँखोँ में नमी नहीं,
सब रंग फीके लगते हैं, माँ की दुआओं के रंग( maa ki duaon ke rang ) के आगे, मुझे
जितने बहते हैं आंसू (ansoo)आँखों से, तुम आज बह जाने दो, ये शुभ वेला है विदाई का, फिर ना छलकेंगे
खोल खजाने आज बड़ी माँ, तुम बादल की तरह बरस जाओ ना, मुझे चाहिए एक गुलाबी नोट( gulabi note
रौनक,खुशियां,हौंसला,दुआएं, प्रेम का अमृत कलश ( amrit kalash )बनकर, प्यार से गले लगाना, हर चीज की दवा मिलती है, मात-पिता
जहाँ सुनाते हैं सब अपनी-अपनी फरियाद, पिता उस मंदिर के जैसा लगता है, हर वक्त,हर मोड़ पर हाजिर रहता है,
कुछ कच्ची कुछ पक्की,थोडी जली हुई, कुछ रोटियों का टेढ़ा-मेढ़ा आकार था, मेरी पहली रोटी ( pahli roti )को