प्रेम का अमृत कलश ( amrit kalash ) : ममता का चमत्कार
रौनक,खुशियां,हौंसला,दुआएं, प्रेम का अमृत कलश ( amrit kalash )बनकर, प्यार से गले लगाना, हर चीज की दवा मिलती है, […]
रौनक,खुशियां,हौंसला,दुआएं, प्रेम का अमृत कलश ( amrit kalash )बनकर, प्यार से गले लगाना, हर चीज की दवा मिलती है, […]
खोल खजाने आज बड़ी माँ, तुम बादल की तरह बरस जाओ ना, मुझे चाहिए एक गुलाबी नोट( gulabi note ),
सब रंग फीके लगते हैं, माँ की दुआओं के रंग( maa ki duaon ke rang ) के आगे, मुझे
मैं तो रखता हूँ उसे फूलों की तरह, जो बोलना है जिसे बोलनें दो, उसकी आँखोँ में नमी नहीं,
जब भी ढूंढना पापा मेरे लिए, तुम मेरे सपनों का राजकुमार (mere sapnon ka rajkumar), यदि मेरी कुछ शर्तों को
मुझे अपने हाथों से तराशकर, पत्थर से मूरत (pathar se moorat)बना दीजिए, अपनी डांट का खजाना पापा, आज फिर से
खिल-खिलाकर हंसना मना है, क्यों शोर मचाया बेवजह है, बेटी हो,रहो बेटी की तरह ( beti ki tarah ), मर्यादा
हंस-हंसकर सबसे मिलती हूँ, माँ जैसी बातें ( maa jaisi baaten )मीठी करती हूँ, बातें करती हुई बहुत हिलती
मैं अपनी बेटी को अपनी सखी बनाऊंगी, उसे नाजूक फूलों जैसी कोमल नहीं, मैं उसे तेज-तर्रार मधुमक्खी(tej trar madhumakkhi)
जिस हाथ को थामकर बचपन में चलते थे, वो ही पिता के कांपते हाथ ( kanpte hath ), आज