तूं मेरी कंई जन्मों की कमाई हैं,
यूं लगता है जैसे कोई परी मेरे लिए,
आसमान से उतर कर आई है
एक बेटी क्या होती उसकी माँ से पूछो,
सच में मेरी जान,तूं मेरी परछाई है( toon meri parchhai hai),
मुझे अपनी जान का फिक्र नहीं था,
एक नन्ही सी जान के आगे,
बिन देखे मुझे सब्र नहीं था,
जब तक तूं मेरी गोद में आकर ना खेले,
तुम मुझसे बेझिझक सांझा करना,
छोटी से छोटी अपने मन की बात,
एक माँ से ज्यादा कौन समझेगा,
अपनी बेटी के जज्बात,
मत सोचना इस घर में तूं पराई है,
एक बेटी क्या होती उसकी माँ से पूछो,
सच में मेरी जान,तूं मेरी परछाई है( toon meri parchhai hai),
* * * * *
तेरे-मेरे बीच ना होगी,कभी कोई दीवार,
तेरे-मेरे बीच हो सकती है झूठ-मूठ की तकरार,
तूं उडना चाहेंगी अगर आसमान में,
मैं तेरे पंख बनूंगी,
तूं समझना ना खुद को अकेली,
मैं तेरे साथ चलूंगी,
कोई कमी नहीं आने दूंगी,मैं तेरे सम्मान में ,
सबसे प्यारा रिश्ता है माँ-बेटी का,
इस रंग-बिरंगे जहान में,
तूं प्यार की ज्योत बनकर,
मेरी आँखों में समाई है,
तूं मेरी कंई जन्मों की कमाई हैं,
यूं लगता है जैसे कोई परी मेरे लिए,
आसमान से उतर कर आई है
एक बेटी क्या होती उसकी माँ से पूछो,
सच में मेरी जान,तूं मेरी परछाई है( toon meri parchhai hai),
* * * * *
तुम रखना हर कदम नापतोल कर,
अपने दिल का भेद रखना मेरे आगे खोलकर,
जब भी मन में कोई शंका जाग उठे,
दिल बेलगाम घोड़ों के जैसे भाग उठे,
मैं तुम्हारी हर समस्या का समाधान निकाल लूंगी,
हर छोटी से छोटी ख़ुशी बटोरकर,
मैं तुम्हारी झोली में डाल दूंगी,
मेरी हर खुशी पर तुम्हारा अधिकार होगा,
जो अब तक मेरे हिस्से आई है,
तूं मेरी कंई जन्मों की कमाई हैं,
यूं लगता है जैसे कोई परी मेरे लिए,
आसमान से उतर कर आई है
एक बेटी क्या होती उसकी माँ से पूछो,
सच में मेरी जान,तूं मेरी परछाई है( toon meri parchhai hai),
* * * * *
मेरे पैर जमीं पर नहीं लगते थे,
जब तुम ने पहली बार माँ बोला था,
जब तुम चलते-चलते गिर जाती थी,
हर बार मेरा मन डोला था,
तुम्हारी नन्ही-नन्ही किलकारियों पर,
मैं हद से ज्यादा फिदा थीं,
मै कैसे रखुं तुम्हारे चेहरे पर,
एक प्यारी सी हंसी,इस बात की फ़िक्र
मुझे हद से ज्यादा सदा थी,
तेरे आने से हमारे घर में,
एक अलग ही रौनक छाई है,
तूं मेरी कंई जन्मों की कमाई हैं,
यूं लगता है जैसे कोई परी मेरे लिए,
आसमान से उतर कर आई है
एक बेटी क्या होती उसकी माँ से पूछो,
सच में मेरी जान,तूं मेरी परछाई है( toon meri parchhai hai),
तूं मेरी परछाई है( toon meri parchhai hai) : मेरी नन्ही सी जान
* * * * *

तेरे छोटे-छोटे पाँव में,
जब चाँदी की पायल बजती थीं,
सब के मन को मोह लेती थी,
जब तूं धीरे-धीरे चलती थी,
जब मेरे गले में डालती थी,
तूं अपनी बाहों का हार,
मेरे चेहरे पर छा जाती थी एक नई बहार,
उस रब ने बड़ी फुर्सत से,
कितनी प्यारी मूरत बनाई है,
तूं मेरी कंई जन्मों की कमाई हैं,
यूं लगता है जैसे कोई परी मेरे लिए,
आसमान से उतर कर आई है
एक बेटी क्या होती उसकी माँ से पूछो,
सच में मेरी जान,तूं मेरी परछाई है( toon meri parchhai hai),
* * * * *
मेरी खुशियों की दो वजह,
मुझे ईश्वर से मिला है एक बेटी एक बेटा,
हर घड़ी इनसे दूर रहें बुरी बला,
ये मेरे जीवन भर की कमाई हैं,एक बेटी एक बेटा,
मेरे हाथों की लकीरों पर,
तुम रख दो अपने दोनों हाथ,
दिन गुजरे तुम्हारा हंसते-खेलते,
मीठी-मीठी नींद इन प्यारी आँखों में,
ईश्वर करे आएगी हर रात,
कभी लगती है तेज-तर्रार,
कभी लगती मीठी रस-मलाई है,
तूं मेरी कंई जन्मों की कमाई हैं,
यूं लगता है जैसे कोई परी मेरे लिए,
आसमान से उतर कर आई है
एक बेटी क्या होती उसकी माँ से पूछो,
सच में मेरी जान,तूं मेरी परछाई है( toon meri parchhai hai),
* * * * *
आसमान में हाथ उठाकर,
तूं अपने पंख फैलाया कर,
तितली नहीं है मेरी बेटी,
तूं मधूमक्खी बनकर दिखाया कर,
जुबान रसीली,आँखें नीली,
थोड़ी नाग के जैसी है फनकार जरूरी,
मधूर व्यापार,बातों में शिष्टाचार,
हर घड़ी रहना खबरदार जरूरी,
आ,जी भर कर देखूं इस मूरत को,
जिसने अपनी ममता से,
मेरी सूनी गोद सजाई है,
तूं मेरी कंई जन्मों की कमाई हैं,
यूं लगता है जैसे कोई परी मेरे लिए,
आसमान से उतर कर आई है
एक बेटी क्या होती उसकी माँ से पूछो,
सच में मेरी जान,तूं मेरी परछाई है( toon meri parchhai hai),
* * * * *
Creater -राम सैणी
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