नानी का आंगन(Nani ka aangan ) : मुस्कराती यादें
हमारी नानी का आंगन(Nani ka aangan ), सच में नानी की तरह महान है , नानी के घर में हमारी […]
हमारी नानी का आंगन(Nani ka aangan ), सच में नानी की तरह महान है , नानी के घर में हमारी […]
अपने दुपट्टे के एक कोने में, खनकते सिक्के बांधकर रखती है, एक छोटा-सा मिनी बैंक ( minni bank ), मेरी
मैं कैसे उतारूंगा बड़ी माँ, कर्ज इस जादुई स्नान ( jadui sanan ) का, आपके प्यारे हाथों से नहाना, आपके
निराला है बड़ी माँ तुम्हारा अंदाज, इस उम्र में भी इतना कड़क मिज़ाज ( kadak mijaj ), तुम मीठे बोल
पुराने जमाने की पढ़ी-लिखी है, जुबां की थोड़ी-सी तीखी हैं, मैले कपड़ों से परहेज़ है, बड़ी माँ का पहरा
कच्चे घरों की दास्तान ( kachche gharon ki dastan ), मुझे सुनाओ बड़ी माँ अपनी जुबान, सच में मिट्टी की
मेरी नटखट चुटकी (natkhat chutaki ) क्यों बैठी है मुंह फुलाकर, अपना प्यारा-सा चेहरा एक तरफ घूमाकर, छोटी-छोटी बात पर
चलो बड़ी माँ ( chalo badi maa ) लौट चलते हैं आज बचपन में, मुझे एक-एक किस्सा सुना डालो, जो
छोटे से हमारे गाँव में, पीपल की घनी छाँव में, मेरी बड़ी माँ बैठी मिलती है, हम उसको अपनी
घर की बड़ी बेटी होने का अभिमान है, बेटों के जैसे पली हूँ, पाँव जमीं पर हैं मेरे, मैं आसमान