बड़ी माँ का प्यारा चश्मा (pyara chashma) : मेरी मासूम गलती
मेरे हाथों से ना जाने कैसे छूट गया है, आज सुबह-सुबह मुझसे बडी माँ का, प्यारा चश्मा (pyara chashma)टूट गया […]
मेरे हाथों से ना जाने कैसे छूट गया है, आज सुबह-सुबह मुझसे बडी माँ का, प्यारा चश्मा (pyara chashma)टूट गया […]
खोल खजाने आज बड़ी माँ, तुम बादल की तरह बरस जाओ ना, मुझे चाहिए एक गुलाबी नोट( gulabi note
दिल के सच्चे थे,घर कच्चे थे, बड़ी माँ के पहरे में रहते बच्चे थे, सर पर बड़ी माँ का आशीर्वाद
हमारी नानी का आंगन(Nani ka aangan ), सच में नानी की तरह महान है , नानी के घर में हमारी
अपने दुपट्टे के एक कोने में, खनकते सिक्के बांधकर रखती है, एक छोटा-सा मिनी बैंक ( minni bank ), मेरी
मैं कैसे उतारूंगा बड़ी माँ, कर्ज इस जादुई स्नान ( jadui sanan ) का, आपके प्यारे हाथों से नहाना, आपके
निराला है बड़ी माँ तुम्हारा अंदाज, इस उम्र में भी इतना कड़क मिज़ाज ( kadak mijaj ), तुम मीठे बोल
पुराने जमाने की पढ़ी-लिखी है, जुबां की थोड़ी-सी तीखी हैं, मैले कपड़ों से परहेज़ है, बड़ी माँ का पहरा
कच्चे घरों की दास्तान ( kachche gharon ki dastan ), मुझे सुनाओ बड़ी माँ अपनी जुबान, सच में मिट्टी की
मेरी नटखट चुटकी (natkhat chutaki ) क्यों बैठी है मुंह फुलाकर, अपना प्यारा-सा चेहरा एक तरफ घूमाकर, छोटी-छोटी बात पर