हिन्द की बेटी (Hind ki beti)
घर की बड़ी बेटी होने का अभिमान है, बेटों के जैसे पली हूँ, पाँव जमीं पर हैं मेरे, मैं आसमान […]
घर की बड़ी बेटी होने का अभिमान है, बेटों के जैसे पली हूँ, पाँव जमीं पर हैं मेरे, मैं आसमान […]
माँ एक प्यारी सौगात (maa ek pyari saugaat ) है, वो ठंडी-ठंडी बरसात है , माँ के प्यार का
खुशियां छाई रहती है जीवन भर, जब पिता का आशीर्वाद (pita ka aashirwad) हो सर पर, हर घड़ी मेरा हौंसला
जीवन के रंग (jeevan ke rang ) हैं कैसे-कैसे, धीरे-धीरे समझ रहा हूँ मात-पिता के साये में, एक कांटा भी
दहेज नहीं शिक्षा दो माँ (Dahej nahin shiksha do maa) दहेज नहीं शिक्षा दो माँ (Dahej nahin shiksha do
मैं हूँ मात-पिता के सर का ताज ( sar ka taaj ), मेरा हर फैंसला है लाजवाब, वो जिसके हाथों
मै ढूंढता नहीं ईश्वर को बाहर, उसकी मूरत मेरे घर में ही रहती है, मैं छू लेता हूँ चरण उस
एक माँ से बढ़कर कौन जाने , उसकी गोद का खालीपन ( god ka khalipan ), एक औरत तभी माँ
मुझे ऐसे घर भेजना हे पालनहार, जिस घर में बेटी का सत्कार हो, मैं बनूं हर दिल का ( Har
अनाथ-आश्रम और वृद्ध-आश्रम को, यदि एक परिवार में बदल डालें हम, सच में हो जाएगा एकता का संगम ( Ekta