मैं कितना बदल गया हूँ (main kitna badal gaya hoon) माँ
हर दिन खाने में नकल उतारता था, हर घड़ी बस माँ-माँ पुकारता था, मैं कितना बदल गया हूँ(main kitna badal
हर दिन खाने में नकल उतारता था, हर घड़ी बस माँ-माँ पुकारता था, मैं कितना बदल गया हूँ(main kitna badal
चाँद की तरह है शीतल स्वभाव, दिलों में शीतलता बिखेरने का काम मिला है, अपनी जादुई मुस्कान से सबका मन
हर रात को मुझे माँ सपने आते हैं, मुझे गहरी नींद से जगाते हैं, शायद मैं धनवान बनने वाला हूँ,
लौट आना (laut aana ) रात होने से पहले, लौट आना बरसात होने से पहले, हर पल मेरा दिल धड़कता
काला रंग ( kaala rang ) है ईश्वर की रचना, हर घड़ी बस ये ही मानकर हंसना, वो लोग होते
बातें करता हूँ नापतोल कर, अपने से बड़ों को बुलाता हूँ जी बोलकर, प्यार से बोलना मेरा स्वभाव है
मुझे रखना है एक प्यारा-सा नाम, सबसे पहले करना है मुझे ये ही काम, माँ कोई नाम सोचकर बताओ ना,
जब हम बढ़ने लगें बुढ़ापे की ओर, हमारी नजर भी जब हो जाए कमजोर, तुम हाथ हमारा थामकर चला
बेटियां पिता के,बेटे माँ के दिल के करीब होते हैं, बेटियां ही नहीं बेटे भी अकेले में रोते हैं,
चल लाली ( chal lali ) तुझे शैर कराऊं, अपने खेत-खलिहान की, चिड़ियों को चहकते देखना, परींदो को उड़ते देखना, वो