जीवन का उसूल (jeevan ka usool) : जीते जी प्यार की सौगात
चाहे मत चढाना मात-पिता की , तस्वीरों पर महकते फूल, बस जीते जी वो खुश रहे, ये बनालो अपने जीवन
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चाहे मत चढाना मात-पिता की , तस्वीरों पर महकते फूल, बस जीते जी वो खुश रहे, ये बनालो अपने जीवन
माता-पिता है सच्ची पूंजी (sachchi poonji), ये दोनों हैं सफलता की कूंजी, माता-पिता के बिना क्या मजा है जीने में,
मैं कितना भी बोलूं सब ठीक चल रहा है, माँ यकीन कहाँ करती है माँ मेरे दिल की आवाज (dil
यादों की दास्तान (yaadon ki dastaan ) पुरानी है , आज माँ की आँखों में पानी है , जिस माँ
माँ रिश्तों की मिसाल(maa rishton ki misal)है, वो है तो जीवन खुशहाल है, जीवन में ना जाने माँ, कितने किरदार
ना ग़मों का अँधेरा हो , हर पल खुशियों का सवेरा हो , जहाँ पैर रख दे माँ एक बार,
अपने आँचल में छिपा ले मुझको (apne aanchal me chhipa le mujhko ) माँ अपने गले से लगाले मुझको ,
कैसे कटते है एक-एक दिन, किस हाल में हम जीते हैं, दुनिया के सब रंग गायब हो जाते हैं उनके,
माँ का आशीर्वाद (maa ka aashirvad ) है सर पर , माँ से है अटूट नाता , दौलत-शौहरत का मोह
स्पर्श माँ के हाथों का (shparash maa ke hathon ka ) , मुझे बहुत प्यारा लगता है। भर देता