(muskrati betiyan)

मुस्कराती बेटियां (muskrati betiyan): बेटी है तो खुशियां हैं

Last updated on March 29th, 2026 at 01:17 pm

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एक बाप के सिर का गुरुर हैं,
माँ के चेहरे की मुस्कान है,
वो घर सदा बुलंदियों पर रहता है,
जहाँ मुस्कराती बेटियां (muskrati betiyan) हैं,
जिस घर में बेटी को लक्ष्मी माना जाता है,
उस घर पर ईश्वर भी मेहरबान हैं।
जहाँ सबके दिल में रहती हैं बेटियां,
जिस घर में हंसकर गले मिलती है बेटियां,
जिस आंगन में बजती है पायल की झंकार,
जिस घर में हर वक्त खुला रहता है,
बेटियों के लिए दिल का द्वार,
वो घर सबसे महान है,
एक बाप के सिर का गुरुर हैं,
माँ के चेहरे की मुस्कान है,
वो घर सदा बुलंदियों पर रहता है,
जहाँ मुस्कराती बेटियां (muskrati betiyan) हैं,
* * * * * * *

बाप के दिल में रहती हैं प्राण बनकर,
उसके सर का सम्मान बनकर,
हर सुख-दुख में बेटियां साथ निभाएं,
माँ-बाप के कदमों के साथ कदम मिलाए,
बेटियों के चेहरे की देखकर मुस्कान,
उनकी आए जान में जान,
बाप के दिल पर राज करे हरदम,
बाप जिन पर नाज करे हरदम,
एक आवाज पर दौड़ी चली आएं,
इसलिए बाप के दिल की कहलाती परियां हैं,
एक बाप के सिर का गुरुर हैं,
माँ के चेहरे की मुस्कान है,
वो घर सदा बुलंदियों पर रहता है,
जहाँ मुस्कराती बेटियां (muskrati betiyan) हैं,
* * * * *
बेटियों के नाज-नखरे माँ हंसकर उठाए,
घर के हर काम में,माँ का हाथ बटाएं,
माँ भी है उनके बिन अधूरी,
माँ के लिए बेटियां भी हैं जरूरी,
छोटी-छोटी बात पर मुंह फुलाएं,
हर रिश्ते को दिल से निभाएं,
माँ से रिश्ता है एक सहेली के जैसा,
घर को स्वर्ग सा सुंदर बना देती हैं,
वो छोटा हो या हवेली के जैसा,
बेटियां चाहती हैं अपने परिवार की खुशी,
कभी-कभी करने दीजिए उनको अपने मन की,
वो घर सदा बुलंदियों पर रहता है,
जहाँ बेरोकटोक रहती हैं बेटियां,
एक बाप के सिर का गुरुर हैं,
माँ के चेहरे की मुस्कान है,
वो घर सदा बुलंदियों पर रहता है,
जहाँ मुस्कराती बेटियां (muskrati betiyan) हैं,
* * * *
बेटी बिन हर त्योहार है सूना,
सूनी है हर भाई की कलाई,
बेटियों के संग रौनक है घर की,
वो नहीं हैं कम किसी से,
बेटियां आज हर जगह हैं छाई,
बेटियां नहीं बोझ हैं
इनको पूजे सारा संसार,
बेटियां हैं महकते फूल आँगन के,
ये भी हैं प्यार की हकदार,
बेटियां हैं दिल का टुकड़ा,
हर आंगन की चीं-चीं करती चिड़ियां हैं,
एक बाप के सिर का गुरुर हैं,
माँ के चेहरे की मुस्कान है,
वो घर सदा बुलंदियों पर रहता है,
जहाँ मुस्कराती बेटियां (muskrati betiyan) हैं,
* * * * * * *

मुस्कराती बेटियां (muskrati betiyan): माँ-बाप का प्यार

 

(muskrati betiyan)
(muskrati betiyan)

उनको मजबूत बनाता है,
अपने (माँ-बाप का प्यार,)
बेटियां छू लेती है तार माँ-बाप के दिल के,
इसलिए बेटियों से करते हैं प्यार वो दिल से,
माँ-बाप में बसती है बेटियों की जान,
सारी उम्र करती है बेटियां इन दोनों का सम्मान,
घर के काम से जी ना चुराएं,
इसलिए सबके मन बस जाएं,
हर बेटी में दिखती है माँ की छवि,
बेटी की आँखों में ना आए कभी नमी ,
खुली हवा में उडने दीजिए,
उसके सपनों को पूरा कीजिए,
वो घर सदा बुलंदियों पर रहता है,
जिस आंगन में पलती बेटियां हैं,
एक बाप के सिर का गुरुर हैं,
माँ के चेहरे की मुस्कान है,
वो घर सदा बुलंदियों पर रहता है,
जहाँ मुस्कराती बेटियां (muskrati betiyan) हैं,
* * * * *
बेटे-बेटियों में कभी भी,
भेदभाव मत कीजिए,
उनको भी बेटों के बराबर,
दिल से सम्मान दीजिए,
एक जैसे रखिये दोनों को,
अपने आँचल में छुपाकर,
दोनों को रखिये अपने गले से लगाकर,
समझदारी से करती है हर काम वो,
सर-आँखों पर रखती हैं माँ-बाप को,
इनसे महकता है सारा आंगन,
ये खिलते हुए फूलों की कलियां हैं,
एक बाप के सिर का गुरुर हैं,
माँ के चेहरे की मुस्कान है,
वो घर सदा बुलंदियों पर रहता है,
जहाँ मुस्कराती बेटियां (muskrati betiyan) हैं,
* * * * * * *
creater-राम सैणी
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