(laut aana )

लौट आना (laut aana ) मेरे बच्चे : पिता का इंतजार

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लौट आना (laut aana ) रात होने से पहले,
लौट आना बरसात होने से पहले,
हर पल मेरा दिल धड़कता जाएगा,
अभी तूम शायद नहीं समझोगे,
बस अपने दिल की ही करोगे,
होश आएगी तुमको उस दिन,
जब तूं खुद पिता बन जाएगा,
मेरे दिल को सुकून नहीं मिलता है,
जब तक तुम्हारा चेहरा नहीं दिखता है,
इसलिए समय से घर आने को कहता हूँ,
तुम को चैन से सोता हुआ देखना चाहता हूँ,
मैं खुद सोने से पहले,
लौट आना (laut aana ) रात होने से पहले,
लौट आना बरसात होने से पहले,
*           *           *        *        *
परेशानी की लकीरें हैं तुम्हारी माँ के चेहरे पर,
वो सोती नहीं है मेरे कहने पर,
सो जाने का बहाना करती है,
लेकिन सारी रात नहीं सोती है,
उसकी आँखें रहती है चौखट पर,
तुम्हें देखती रहती है हर पल,
तुम्हारे कदमों की आहट सुनकर,
उसके चेहरे पर मुस्कान छाई होती है,
वो तुम्हारा चेहरा देखना चाहती है,
हर दिन खाना खाने से पहले,
लौट आना (laut aana ) रात होने से पहले,
लौट आना बरसात होने से पहले,
हर पल मेरा दिल धड़कता जाएगा,
अभी तूम शायद नहीं समझोगे,
बस अपने दिल की ही करोगे,\
होश आएगी तुमको उस दिन,
जब तूं खुद पिता बन जाएगा
*           *           *        *        *
मेरा ना सही अपनी माँ का फिक्र कर,
जिसकी सांसें चलती है,
तुम्हारा माथा चूमकर,
तूं समय से घर आएगा,
ये वादा कर उसके चरणों को छूकर,
मैं परेशान हूँ तेरे लिए,
वो परेशान है मेरे लिए,
तूं बेमतलब की परेशानी की वजह मत बन,
अपने दिल को सख्त कर,
सभंल जाओ तुम वक्त पर,
सौ बार सोच लो कोई भी वादा करने से पहले,
लौट आना (laut aana ) रात होने से पहले,
लौट आना बरसात होने से पहले,
*           *           *        *        *
पिता एक मसीहा है अंधियारी रातों का दीया है,
उसके जैसा समझने वाला,
दूसरा नहीं मिलेगा कोई इस जहान में,
उसकी बातों पर सर को हिला,
नजरों से अपनी नजरें तो मिला,
यदि सफल होना है जीवन के इम्तिहान में,
एक पिता की मजबूरी समझना,
उसकी आँखों में आँखें डालने से पहले,
लौट आना (laut aana ) रात होने से पहले,
लौट आना बरसात होने से पहले,
हर पल मेरा दिल धड़कता जाएगा,
अभी तूम शायद नहीं समझोगे,
बस अपने दिल की ही करोगे,
होश आएगी तुमको उस दिन,
जब तूं खुद पिता बन जाएगा
*           *           *        *        *

लौट आना (laut aana ) मेरे बच्चे : पिता की बेचैन रात

 

(laut aana )
(laut aana )

ये दौर है दौलत-शोहरत वाला,
दौलत से है घर में उजाला,
तूं चलें नेकी के रास्ते पर,
तेरे सर पर दुआओं वाला हाथ रहे,
माँ के अंतर्मन को समझें,
पिता को तूं पिता कहे,
कुछ बढ़ती उम्र का असर होगा,
कुछ संगत का भी असर रहेगा,
संस्कारों की भट्टी में तपकर,
हीरा तो सदा हीरा रहेगा,
ठंडे मन से सौ-बार सोचना,
कोई भी फैसला लेने से पहले,
लौट आना (laut aana ) रात होने से पहले,
लौट आना बरसात होने से पहले,
*           *           *        *        *
तूं एक अच्छा बेटा बनकर दिखा,
उस रास्ते पर चलना सदा,
जहाँ से हो हम-सब का भला,
मेरी आँखों में लाली रहती है,
जो मुझे जगाकर रखती है,
तुम्हें देखकर चलती है सांसें,
जब तक तुम आ नहीं जाते घर के आंगन में,
टकटकी लगाकर देखती हैं मेरी आँखें,
आँखों में नींद नहीं आती है,
तुम्हारी आवाज़ सुनने से पहले,
लौट आना (laut aana ) रात होने से पहले,
लौट आना बरसात होने से पहले,
हर पल मेरा दिल धड़कता जाएगा,
अभी तूम शायद नहीं समझोगे,
बस अपने दिल की ही करोगे,
होश आएगी तुमको उस दिन,
जब तूं खुद पिता बन जाएगा
*           *           *        *
परिवार को बहुत उम्मीदें हैं,
हम मन से सीधे-सादे हैं,
तुम हम-सब की उम्मीदों पर खरा उतरना,
तुम्हारी बड़ी माँ को चिंता रहती है,
वो पूरी रात जागती रहती है,
उसका आशिर्वाद लेकर दिन की शुरुआत करना,
मैंने जो कहा,उस पर ग़ौर करना,
जीवन में उलझनें हैं बहुत,
ये बेवजह का शोर मत करना,
बचकर रहना हर घड़ी ,
मुफ्त की सलाह देने से पहले,
लौट आना (laut aana ) रात होने से पहले,
लौट आना बरसात होने से पहले,
*           *           *           *           *

creation -राम सैणी
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