पिता के खजाने से (pita ke khajane se ) : धन की महत्ता
मै उड़ाता रहा धन-दौलत, पिता के खजाने से (pita ke khajane se ), पिता हर बार समझाता था, मुझे किसी […]
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मै उड़ाता रहा धन-दौलत, पिता के खजाने से (pita ke khajane se ), पिता हर बार समझाता था, मुझे किसी […]
जब किसी की सूनी कोख (sooni kokh ) देखकर , कोई उसे बांझ बोलता है औलाद से तरसती उस माँ
मेरी पहली पाठशाला (pahli pathshala ) पहला प्यार है माँ, उसकी वजह से छाई रहती है, मेरी आंखों में चमक चेहरे
अनमोल बंधन(anmol bandhan ) है ये सबसे निराला , मुस्कान मैं हूँ तेरी तूं है मेरा उजाला, इस जग में
माँ का परिचय (maa ka prichay ) पूछ रहे थे चमकते सितारे मुझसे , क्या माँ ऐसे ही रहती
आगे बढ़ो (aage badho ) : एक बेटे को नशीहत तूम आगे बढो (aage badho ) हर पल, एक
माँ होती है हर बार वजह मेरे मुस्कराने की (vajay mere muskrane ki ) मैं समझता रहा माँ को क्या
बेटी की डोली (beti ki doli ) के वो पावन पल , याद आएगा उसका प्यार-दुलार, जब बेटी को डोली
स्वर्ग से सुन्दर आंगन (swarag se sundar aangan ) : जहाँ मुस्कराती माँ मिले उस घर का पानी है
बेटी का लालन-पालन (beti ka lalan-palan ) करते हैं, माता-पिता मिट्टी की घाघर के जैसे, बेटी की इज्जत होती है,