(jeevan ka usool)

जीवन का उसूल (jeevan ka usool) : जीते जी प्यार की सौगात

Last updated on August 27th, 2026 at 06:22 pm

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चाहे मत चढाना मात-पिता की ,
तस्वीरों पर महकते फूल,
बस जीते जी वो खुश रहे,
ये बनालो अपने जीवन का उसूल (jeevan ka usool),
खुशियों के फूल भर देना जीवन में,
माता-पिता के जीते-जी,
घर में चारों ओर उजाला ही उजाला होगा,
माता-पिता के मुस्कराते ही,
चूम लेना उनके आशीर्वाद देने वाले हाथों को,
दिल में उतार लेना उनकी कीमती बातों को,
बडे किस्मत वाले होते हैं वो घर,
जहाँ उडती है माता-पिता के चरणों की धूल,
बस जीते जी वो खुश रहे,
ये बनालो अपने जीवन का उसूल (jeevan ka usool),
*       *        *        *       *        *

महकते फूलों से कीमती,
मुस्कान है उनके चेहरे की,
कहीं शाम ढलते ही फीकी ना हो जाए,
चमक माता-पिता के चेहरे की,
आज यदि माता-पिता के चेहरे पर मुस्कान दोगे,
कल ये ही मुस्कान लौटकर आएगी,
आज जो खुशी माता-पिता को मिल रही है,
कल ये ही खुशी आपके जीवन में छाएगी,
उनके जीते-जी कर लो ये परोपकार,
माता-पिता हैं कुदरत का उपहार,
ये दोनों हैं घर में सूगंध बिखेरते फूल,
चाहे मत चढाना मात-पिता की ,
तस्वीरों पर महकते फूल,
बस जीते जी वो खुश रहे,
ये बनालो अपने जीवन का उसूल (jeevan ka usool),
*       *        *        *       *        *
सदा खिलते रहें मात-पिता,
फूल महकते बनकर,
वो जितना जीए मस्ती से जींए
प्यार के बादल तुम बनकर,
बरसना उन पर जमकर,
मैं शीश झुकाऊं सदा दिल में बसाऊं,
हर आदेश में उनका दिल से करूं क़बूल,
चाहे मत चढाना मात-पिता की ,
तस्वीरों पर महकते फूल,
बस जीते जी वो खुश रहे,
ये बनालो अपने जीवन का उसूल (jeevan ka usool),
*       *        *        *       *        *
उड़ती रहे घर-आंगन में,
मात-पिता के चरणों की सदा धूल,
व्रत -उपवास सब हमारे,
पल में हो जाएंगे क़बूल,
उनकी छोटी-छोटी खवाईसें,
पूरा करें जी-जान से,
सदा हाथ रहें सर पर उनका,
ये विनती करें भगवान से,
उनका चेहरा रहे हमेशा चमकता,
सूरज की लाली के जैसे लाल,
चाहे मत चढाना मात-पिता की ,
तस्वीरों पर महकते फूल,
बस जीते जी वो खुश रहे,
ये बनालो अपने जीवन का उसूल (jeevan ka usool),
*       *        *        *       *        *

जीवन का उसूल (jeevan ka usool) : हमारी जिम्मेदारी

 

(jeevan ka usool)
(jeevan ka usool)

 

दिल है उनका सोने के जैसा,
चेहरे पर चमकते सितारे हैं,
वो रहें सदा गाते -गूणगनाते,
मात-पिता दिल की धड़कन हमारे हैं,
वो जहाँ चरण रखें मैं हाथ रखूं,
उनके चरणों में चुबने ना दूं कोई शूल,
चाहे मत चढाना मात-पिता की ,
तस्वीरों पर महकते फूल,
बस जीते जी वो खुश रहे,
ये बनालो अपने जीवन का उसूल (jeevan ka usool),
*       *        *        *       *        *
अन्त समय के बाद उनकी तस्वीर पर,
फूल चढ़ाओ या माला,
कितनी बार तुम ने सर झुकाया,
ये कौन है देखने वाला,
उपकार है उनका हम पर,
जिन्होंने जीवन हमारा संभाला,
मात-पिता के जीते-जी ये जान लो,
उन्हें दिल से अपना मान लो,
ये आशिर्वाद का है खजाना,
दिन-रात ये खजाना लूट लो,
माता-पिता की हम पर हैं मेहरबानी,
जो भुला देते हैं हमारी हर भूल को,
जो एक पल में हटा देते हैं,
हमारे सर से बुरी नजर का जाल,
चाहे मत चढाना मात-पिता की ,
तस्वीरों पर महकते फूल,
बस जीते जी वो खुश रहे,
ये बनालो अपने जीवन का उसूल (jeevan ka usool),
*       *        *        *       *        *
जब तक चलेंगे सीने में प्राण उनके,
मत भूलो एहसान उनको
ये हैं वो सच्चे हमदर्द हमारे,
जिन्होंने हमारे लिए छोड दिए,
अपने जीवन के सुख सारे ,
मात-पिता की सेवा के बिन,
कैसे उतारें हम उनका ऋण,
अगर उनके दुख-दर्द से हम ,
बन बैठे अनजान ,
तो हमारे दान-पुण्य सब पूजा-पाठ,
हो जाएंगे फिजुल,
चाहे मत चढाना मात-पिता की ,
तस्वीरों पर महकते फूल,
बस जीते जी वो खुश रहे,
ये बनालो अपने जीवन का उसूल (jeevan ka usool),
*       *        *        *       *        *
creater-राम सैणी
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