(maa ki pyari kokh )

माँ की प्यारी कोख (maa ki pyari kokh ) : जीवन का चमत्कार

Last updated on March 11th, 2026 at 06:39 pm

इस कविता को star दीजिए

 

दुनिया से जाने के लिए कंई रास्ते हैं मगर,
दुनिया में आने के लिए एक ही रास्ता है ,
वो है माँ की प्यारी कोख (maa ki pyari kokh ),
*     *        *        *

माँ की कोख है मेरा पहला घर,
इसलिए उसकी कोख मुझे,
हद से ज्यादा प्यारी है,
इस कोख के आगे सर झूकता है,
ये तो जान हमारी है,
सबसे अलग इस जहान में,
तेरा और मेरा नाता है माँ,
ये प्यारी कोख ही मेरी जन्मदाता है माँ,
दुनिया से जाने के लिए कंई रास्ते हैं मगर,
दुनिया में आने के लिए एक ही रास्ता है ,
वो है माँ की प्यारी कोख (maa ki pyari kokh ),
*     *        *        *
राम जाने कैसे माँ बिन देखे,
रखती थी ख्याल मेरा,
मेरी भूख -प्यास मेरा हिलना- डुलना,
ना बांका हो एक बाल भी मेरा,
माँअपने प्यारे हाथों से छूकर,
मेरे दिल की धड़कन जान लेती थी,
ईश्वर पर कर के भरोसा,
सब सही होगा ये मान लेती थी,
माँ का मुस्कराता चेहरा हो सबके पास,
माँ का सहारा हो सबके पास,
माँ बिन जीवन है क्या ये सोचकर मन कांपता है।
दुनिया से जाने के लिए कंई रास्ते हैं मगर,
दुनिया में आने के लिए एक ही रास्ता है ,
वो है माँ की प्यारी कोख (maa ki pyari kokh ),
*       *       *       *
माँ तेरी कोख का रहूँगा सदा करजाई मैं,
जब तक सीने में प्राण रहें,
ईश्वर के बाद माँ ही ईश्वर है,
इस बात का सदा ज्ञान रहे,
तेरी कोख से बाहर आकर,
मैं जब लग जाऊंगा तुम्हारे सीने से,
सुना है अनंत,निस्वार्थ सुख मिलता है,
माँ के एक पल के छूने से,
तुम कितनी खुश हो जाओगी माँ,
मेरी पहली किलकारी सुनकर,
मेरी वर्षों की प्यास पूरी हो जाएगी माँ,
तुम्हारे सीने से लगकर,
सुना है,वो दो जहां का मालिक भी,
माँ के अंदर ही बसता है,
दुनिया से जाने के लिए कंई रास्ते हैं मगर,
दुनिया में आने के लिए एक ही रास्ता है ,
वो है माँ की प्यारी कोख (maa ki pyari kokh ),
*     *        *        *

माँ की प्यारी कोख (maa ki pyari kokh ) : मेरी जन्मदाता

 

(maa ki pyari kokh )
(maa ki pyari kokh )

 

नौ महीने का वो जीवन प्यारा,
वो एक-एक पल माँ, मैंने तुम्हारे सहारे गुजारा,
वो था एक अंधयारा-सा जीवन माँ,
तुम्हारी गोद में आकर मुझे उजाला मिला,
मेरा तन-मन है करजाई तुमहारा,
जब तुम्हारे अमृत रूपी दूध का ,
मुझे पहला निवाला मिला,
माँ जिनको चाहिए स्वर्ग का सुख,
माँ के चरणों में सर झुकाने से ही,
मिलता वो‌ रास्ता है,
दुनिया से जाने के लिए कंई रास्ते हैं मगर,
दुनिया में आने के लिए एक ही रास्ता है ,
वो है माँ की प्यारी कोख (maa ki pyari kokh ),
*       *       *        *
माँ के बिन गुज़रेंगे दिन ये सोचना बेकार है यूं ही,
मेरी धड़कन तूं मेरी हिम्मत तूं ,
ईश्वर भी मेरा है तूं ही  ,
माँ मेरा ये जीवन है तेरा उपहार,
मैं कैसे भूल जाऊं माँ तेरा ये उपकार,
मेरे जीवन का एक ही उद्देश्य,
मैं हर घड़ी करू,माँ तेरा सत्कार,
तुम कैसे पड लेती हो,मेरे मन की भाषा माँ,
मुझे हल्की सी खरोंच भी,
तुम आने नहीं देती हो जरा-सी माँ,
एक माँ की की ये ही विशेषता है,
दुनिया से जाने के लिए कंई रास्ते हैं मगर,
दुनिया में आने के लिए एक ही रास्ता है ,
वो है माँ की प्यारी कोख (maa ki pyari kokh ),
*     *        *
मेरे हाथों की लकीरों में,
माँ दिखती है तस्वीर तुम्हारी,
मैं कैसे भूल जाऊं वो दिन,
माँ जब तुम्हारी पीठ पर बैठकर,
हर दिन करता था सवारी,
ईश्वर करे खुशी तुम्हारे चेहरे पर,
हर वक्त यूं ही विराजमान रहे,
जब तक ये धरती ये नीला आसमान रहे,
मैं रहूँगा सदा तुम्हारे चरणों में,
मुझे तुम्हारे दूध का वास्ता है,
दुनिया से जाने के लिए कंई रास्ते हैं मगर,
दुनिया में आने के लिए एक ही रास्ता है ,
वो है माँ की प्यारी कोख (maa ki pyari kokh ),
*        *        *        *
creater-राम सैणी
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