एक प्रार्थना ( ek prarthana) पिता के लिए ,
जिसने हम पर बेशुमार उपकार किए,
हमारी प्रार्थनाओं में माँ का जिक्र तो होता है,
हम भूल गए उस मसीहे को,,
जो हम सबको एक माला में पिरोता है,
पिता एक माला के धागे जैसा है,
वो मांझी है हमारी कश्ती का,
वो सबको देखे एक नज़र,
उसके रहते एक अलग ही आनंद है,
हमारे जीवन में मस्ती का,
एक उपवास पिता के लिए,
एक प्रार्थना ( ek prarthana) पिता के लिए ,
जिसने हम पर बेशुमार उपकार किए,
* * * * *
माँ की वजह से मेरा वजूद है,
पिता ने हौसला रखना सिखाया है,
पहले दिल में था अब होंठो पर भी नाम है ,
पिता के लिए मेरा ये पहला पैगाम है,
भागदौड़ जीवन में कम होंगी,
जब मैं काम में हाथ बंटाऊंगा तो ,
पिता को भी खुशी मिलेगी,
मैंने आसमान को छू लिया है,
पिता के कांधे पर चढ़कर,
मैं दुनिया के रंग देख रहा हूँ,
पिता के पीछे-पीछे चलकर,
मैं हाथ जोड़ कर प्रणाम करूं,
जिस पिता ने मेरे सपने साकार किए,
एक प्रार्थना ( ek prarthana) पिता के लिए ,
जिसने हम पर बेशुमार उपकार किए,
* * * * *
मैं उसके सीने में धड़कती,
सांसों को भी गिन लेता हूँ,
उसके सीने पर सर रखकर,
मैं एक वादा हर दिन लेता हूँ,
अपने हाथों को उसके हाथों में रखकर,
वो पारस है पिता के रुप में,
वो हमें छाँव देता है बरगद का पेड़ बनकर,
सदा बचाकर रखता है हमें धूप से,
चल मंदिर की चौखट को चूमकर आएं,
पिता के लिए करते हैं प्रार्थनाएं,
फिर चूमना है पिता का माथा,
वक्त कैसा भी हो,वो बनाकर रखता है हमें राजा,
हमारी इच्छाओं को पूरा करने वाला,
वो मसीहा इकलौता है,
एक प्रार्थना ( ek prarthana) पिता के लिए ,
जिसने हम पर बेशुमार उपकार किए,
हमारी प्रार्थनाओं में माँ का जिक्र तो होता है,
हम भूल गए उस मसीहे को,,
जो हम सबको एक माला में पिरोता है,
* * * * *
पिता सोता हुआ भी कुछ सोचता रहता है,
वो बंद आँखों से भी सब देखता रहता है,
मैंने एक तस्वीर बनाई है,
पिता की उंगली पकड कर चलते हुए,
मैंने पिता को दिखाई है कल श्याम को,
उनके हमेशा सच्चा गले में बाहें डालते हुए,
हर वक्त फिक्रमंद हैं, सच्चा हमदर्द है,
पिता का प्यार है एक चमत्कार,
नींद कच्ची आँखों में लेकर,
वो करवटें बदल-बदलकर सोता है,
एक प्रार्थना ( ek prarthana) पिता के लिए ,
जिसने हम पर बेशुमार उपकार किए,
हमारी प्रार्थनाओं में माँ का जिक्र तो होता है,
हम भूल गए उस मसीहे को,,
जो हम सबको एक माला में पिरोता है,
* * * * *
एक प्रार्थना ( ek prarthana) पिता के लिए : पापा का आशीर्वाद

मेरी प्रार्थनाओं में पिता भी शामिल हैं,
उनके साथ एक अनमोल रिश्ता है,
परिवार का सहारा है,वो गुरुर हमारा है,
वो स्वस्थ रहें,मुस्कराता हर वक्त रहे,
सच में वो हमारी जिंदगानी है,
उसकी आँखों की घूर मुझको है मंजुर,
जो हर पल करता है बातें शयानी है,
उनका व्यक्तित्व बडा ही आकर्षक है,
वो मेरे जीवन के मार्गदर्शक हैं,
अपने परिवार की सफलता के लिए,
जो हर घड़ी दिल में सपने सजाता है,
एक प्रार्थना पिता के लिए ,
जिसने हम पर बेशुमार उपकार किए,
हमारी प्रार्थनाओं में माँ का जिक्र तो होता है,
हम भूल गए उस मसीहे को,,
जो हम सबको एक माला में पिरोता है,
* * * * *
बड़ी माँ फूली नहीं समाती उसे देखकर,
वो पिता से बातें करती नहीं थकती है दिनभर,
मैंने माँ से पूछ लिया एक दिन यूं ही,
बडा विचित्र है तुम्हारा स्वामी,
कैसे जुडा रिश्ता तुम्हारा इस कोहीनूर से,
माँ बोली मुस्काती हुईं,
पिता की खूबियां बताती हुईं,
सच में वो कम नहीं है किसी कोहीनूर से ,
वो मीठे स्वभाव के हैं शुरू से,
ईश्वर ही जानता है कैसे रिश्ता जुड़ गया,
उनसे उम्रभर के लिए,
एक प्रार्थना पिता के लिए ,
जिसने हम पर बेशुमार उपकार किए,
हमारी प्रार्थनाओं में माँ का जिक्र तो होता है,
हम भूल गए उस मसीहे को,,
जो हम सबको एक माला में पिरोता है,
* * * * *
creation -राम सैणी
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