पापा,मैं अलग हूँ (main alag hoon ) : पीढ़ियों का संवाद
मुझे जी-भरकर सोना है पापा, मुझे आपके जैसा क्यों होना है पापा, मैं अलग हूँ (main alag hoon ) मेरे
मुझे जी-भरकर सोना है पापा, मुझे आपके जैसा क्यों होना है पापा, मैं अलग हूँ (main alag hoon ) मेरे
माँ चाँद को छूकर देखना है(maa chand ko chhookar dekhana hai) , कुछ पल उसके संग खेलना है, मेरे लिए
दीप खुशी के ( Deep khushi ke) मन में जलाकर, चेहरे पर प्यारी-सी मुस्कान सजाकर, हर सुबह मेरे पाँव
माँ-बाप की आखिरी उम्मीद ( aakhari ummid ) भी , हमारा बेटा तोड़ गया है , ईश्वर के भरोसे