नटखट चुटकी (natkhat chutaki ) का ग़ुस्सा : सबसे अलग
मेरी नटखट चुटकी (natkhat chutaki ) क्यों बैठी है मुंह फुलाकर, अपना प्यारा-सा चेहरा एक तरफ घूमाकर, छोटी-छोटी बात पर
मेरी नटखट चुटकी (natkhat chutaki ) क्यों बैठी है मुंह फुलाकर, अपना प्यारा-सा चेहरा एक तरफ घूमाकर, छोटी-छोटी बात पर
चलो बड़ी माँ ( chalo badi maa ) लौट चलते हैं आज बचपन में, मुझे एक-एक किस्सा सुना डालो, जो
छोटे से हमारे गाँव में, पीपल की घनी छाँव में, मेरी बड़ी माँ बैठी मिलती है, हम उसको अपनी
घर की बड़ी बेटी होने का अभिमान है, बेटों के जैसे पली हूँ, पाँव जमीं पर हैं मेरे, मैं आसमान