चाँद की तरह है शीतल स्वभाव,
दिलों में शीतलता बिखेरने का काम मिला है,
अपनी जादुई मुस्कान से सबका मन मोह लेता हूँ
बडी माँ से मुझे छोटा गोपाल ( chhota gopal)नाम मिला है,
बडी माँ कहती हैं सीना तानकर,
सारा घर रौशन है एक चाँद से,
जो सबको रखता है अपने मोह-जाल में बांधकर,
एक अकेला शेर जंगल का,
सब पर रहता भारी है,
चतुर-चालाक,बोले बेबाक,
हर किसी को काबू करने की,
वो हर पल रखता तैयारी है,
हमारी बेचैन अंतरआत्मा को,
अब जाकर आराम मिला है,
अपनी जादुई मुस्कान से सबका मन मोह लेता हूँ
बडी माँ से मुझे छोटा गोपाल ( chhota gopal)नाम मिला है,
* * * * * *
एक धरती एक आकाश,
एक ही काफी है फूल गुलाब का,
शीतल सा पानी,मधुर-सी वाणी,
हर घड़ी जादू दिखाता है,
वो अपने तेज दिमाग का,
टेढ़े-मेढ़े रास्तों पर चलता है,
वो हमेशा चलता है अपनी मस्त चाल से,
जितनी खूबियां होती है एक गुणवान पुत्र में,
वो सब खुबियां हैं हमारे छोटे गोपाल में,
हमारे घर में खुशियों ने डाला है डेरा,
जब से ईश्वर का छोटे गोपाल के रुप में,
एक प्यारा पैगाम मिला है,
चाँद की तरह है शीतल स्वभाव,
दिलों में शीतलता बिखेरने का काम मिला है,
अपनी जादुई मुस्कान से सबका मन मोह लेता हूँ
बडी माँ से मुझे छोटा गोपाल ( chhota gopal)नाम मिला है,
* * * * * *
सबका खिंचे अपनी ओर ध्यान,
मोटी-मोटी दो आँखें,
मिस्री सी मीठी उसकी जुबान,
प्यार लेता है प्यार बांटता है,
प्यार बसा उसके संस्कारों में,
बड़ी माँ तारीफ करती है,
उसके भक्तिमय विचारों की,
उसकी दिल की दीवारों पे,
मात-पिता का नाम लिखा है
चाँद की तरह है शीतल स्वभाव,
दिलों में शीतलता बिखेरने का काम मिला है,
अपनी जादुई मुस्कान से सबका मन मोह लेता हूँ
बडी माँ से मुझे छोटा गोपाल नाम मिला है,
* * * * * *
वो अपनी मोहनी बातों से,
सबके दिल में घर कर लेता है,
वो अपनी मोहनी आँखों से,
एक जादू सा कर देता है,
दिल में जोश रखता है,
वो कोसों दूर है सुस्ती से,
बड़ी माँ के विचारों से मिलते हैं उसके विचार,
हर पल मस्त रहता है अपनी मस्ती में,
जब वो मुझे बड़ी माँ कहकर बुलाता है,
मेरा चेहरा गुलाब के फूल के जैसे खिला है,
चाँद की तरह है शीतल स्वभाव,
दिलों में शीतलता बिखेरने का काम मिला है,
अपनी जादुई मुस्कान से सबका मन मोह लेता हूँ
बडी माँ से मुझे छोटा गोपाल ( chhota gopal)नाम मिला है,
* * * * * *
घर की रौनक छोटा गोपाल ( chhota gopal ) : बड़ी माँ का दुलारा

हर काम में दिखाए सूझ-बूझ,
बातों में उसकी गम्भीरता है,
नापतोल कर बोलता है,
वाणी में उसकी शीतलता है,
माँ के दिल कुछ ज्यादा ही करीब है,
उज्जवल उसका नशीब है,
नर्म स्वभाव शरारती कम है,
कामयाबी उसके पीछे-पीछे चलती है,
वो जब भी घर से मेरे पाँव छूकर निकला है,
चाँद की तरह है शीतल स्वभाव,
दिलों में शीतलता बिखेरने का काम मिला है,
अपनी जादुई मुस्कान से सबका मन मोह लेता हूँ
बडी माँ से मुझे छोटा गोपाल ( chhota gopal)नाम मिला है,
* * * * * *
बड़ी माँ मजबूत रखती है उसका सुरक्षा घेरा,
उसकी सूरत देखकर निकलता है,
बड़ी माँ का मीठा सवेरा,
वो झूककर प्रणाम करता है,
अपनी बड़ी माँ के छोटे-छोटे काम करता है,
एक लौटा लेकर मीठे जल का,
वो सूरज को नमस्कार करता है,
ईश्वर की भक्ति उसकी रगों में बसी है,
माँ सरसवती जैसे उसकी जिव्हा में बसी है,
वो बडी फुर्ती से करता है,
जब भी उसे जिम्मेदारी वाला,
कोई भी काम मिला है,
चाँद की तरह है शीतल स्वभाव,
दिलों में शीतलता बिखेरने का काम मिला है,
अपनी जादुई मुस्कान से सबका मन मोह लेता हूँ
बडी माँ से मुझे छोटा गोपाल ( chhota gopal)नाम मिला है,
* * * * * *
एक प्यारी सी मुस्कान थिरकती रहती है,
उसके भोले-भाले मुख पर,
उगते सूरज की पहली किरणें लौट जातीं हैं उसके प्यारे से मुख को छूकर,
उगते सूरज की किरणें उसके मुख पर पड़ते ही,
चेहरा लाल और चमकदार हो जाता है,
साथ पाकर वो अपनी माँ का,
पहले से और भी दमदार हो जाता है,
वो खुशी से उछल पड़ता है,
रौनक देखकर त्योहारों की,
वो बाखुबी निभाता है हमेशा,
उसे छोटे गोपाल का जो किरदार मिला है,
चाँद की तरह है शीतल स्वभाव,
दिलों में शीतलता बिखेरने का काम मिला है,
अपनी जादुई मुस्कान से सबका मन मोह लेता हूँ
बडी माँ से मुझे छोटा गोपाल ( chhota gopal)नाम मिला है,
* * * * * *
creation -राम सैणी
read more sweet poetry
click here –> माँ की हंसी (maa ki hansi) से रोशन घर : मेरी प्रार्थना
click here –> बड़ी माँ का प्यारा चश्मा (pyara chashma) : मेरी मासूम गलती



