जिस मंदिर के दरवाजे कभी बंद नहीं होते
उस मंदिर का देवता पिता होता है ,
पिता है परिवार की शक्ति (parivar ki shakti),
पिता है अकेला वो ही व्यक्ति,
ज़ो कभी भूले से भी हम से खफा नहीं होता है,
हरदम अपने लहू से हमें सींचें,
भरोसा करता है अपनी आँखों को मीचें,
ये खामोश समंदर की तरह दिखता है,
जो बूंद-बूंद करके रिसता है,
वो हमेशा बहता है कल-कल करके,
पिता मानता है हमें सफल करके,
मैं क्यों ना करूं अपने तन-मन से,
उस फरीशते की भक्ति,
पिता है परिवार की शक्ति (parivar ki shakti),
पिता है अकेला वो ही व्यक्ति,
ज़ो कभी भूले से भी हम से खफा नहीं होता है,
* * * * *
हमारी किस्मत कब जागेगी,पता नहीं,
लेकिन पिता हमेशा जागता रहता है,
हमारे सितारे कब चमकेंगे,पता नहीं,
लेकिन पिता हमेशा चमकता रहता है,
इसे मुश्किलों से हमेशा बचाए रखना,
एक प्रार्थना है आपके आगे,हे ईश्वर,
इसके चेहरे पर उजाला फैलाए रखना,
एक प्रार्थना है आपके आगे,हे ईश्वर
कौन नाप सका है आज तक पिता के दिल को,
वो कितना साफ और कितना गहरा होता है,
जिस मंदिर के दरवाजे कभी बंद नहीं होते
उस मंदिर का देवता पिता होता है ,
पिता है परिवार की शक्ति (parivar ki shakti),
पिता है अकेला वो ही व्यक्ति,
ज़ो कभी भूले से भी हम से खफा नहीं होता है,
* * * * *
जब बंद मिलते है दुनिया के द्वार सारे,
तब सिर्फ पिता का द्वार खुला होता है ,
जब हट जाते हैं हाथ सर से,
तब सिर्फ पिता का हाथ सर पर होता है,
पिता हमारे लिए ताकत का खजाना है,
ये खजाना बडा ही अनमोल है,
सुख मिले या दुख मिले,
पता ही नहीं चलता कब गुजर गए,
पिता का साया है तो,सबके मुंह पर मीठे बोल हैं,
जो सूरज की तपती गर्मी से हमें बचाता है,
गर्मी से बचाने वाला वो छाता पिता है,
जिस मंदिर के दरवाजे कभी बंद नहीं होते
उस मंदिर का देवता पिता होता है ,
कौन नाप सका है आज तक पिता के दिल को,
वो कितना साफ और कितना गहरा होता है,
जिस मंदिर के दरवाजे कभी बंद नहीं होते
उस मंदिर का देवता पिता होता है ,
पिता है परिवार की शक्ति (parivar ki shakti),
पिता है अकेला वो ही व्यक्ति,
ज़ो कभी भूले से भी हम से खफा नहीं होता है,
* * * * *
सबके बड़ा धनवान पिता है,
सबसे प्यारा इंसान पिता है,
किस्मत है उस पर मेहरबान,
जिसके साथ खडा पिता है,
एक जादुई शक्ति है उसके पास,
मेरी माँ की धड़कन चलती हैं उसके साथ,
मेरी बड़ी माँ का सीना चौड़ा हो जाता है,
जब मुलाकात होती है उसके साथ,
ज्यादा नहीं दौडाता घोड़े पिता अपने मन के,
हमेशा सादे कपड़े रखता है,पिता अपने तन के,
अपनी ख़्वाहिशें पर लगाम रखता है,
दिनभर वो टुकड़ों में आराम करता है,
माँ के पेट से लेकर पैदा हुए थे,
शायद,जिम्मेदारियों का भार सर पर,
अपने दिल की नहीं सुनाते हैं,कभी वो घर पर,
जो हर दिन निभाता जाता है खेल समझकर ,
उन जिम्मेदारियों का नाम पिता है,
जिस मंदिर के दरवाजे कभी बंद नहीं होते
उस मंदिर का देवता पिता होता है ,
पिता है परिवार की शक्ति (parivar ki shakti),
पिता है अकेला वो ही व्यक्ति,
ज़ो कभी भूले से भी हम से खफा नहीं होता है,
* * * * *
पिता है परिवार की शक्ति (parivar ki shakti) : जिंदगी का मजबूत स्तंभ

हाथों में रंग मेहनत के भरे हुए हैं,
उसकी आँखों का रंग देखकर लगता है,
जैसे पिछली कंई रातों से वो जगे हुए हैं,
चेहरे की लकीरों में सवाल छुपाकर रखतें हैं,
हम सबको अपना दिल बनाकर रखतें हैं,
इस मिट्टी का हर कण गवाह हैं,
सच में पिता हमारे जिंदगी का बादशाह है,
संभालकर रखना हे दोस्त,
कुदरत के इस कीमती नगीने को,
सदियां ऐसे गुजर जाती हैं,
हम जैसे याद रखते हैं दिन-महीनों को,
उसकी सेवा करते हुए दिन बीते तों,
तभी सार्थक समझना इस जीने को,
पिता के साथ है हमारे जीवन में मस्ती,
पिता है परिवार की शक्ति (parivar ki shakti),
पिता है अकेला वो ही व्यक्ति,
ज़ो कभी भूले से भी हम से खफा नहीं होता है
* * * * *
वो हाथ जोड़कर करते हैं प्रार्थना,
उस प्रार्थना में हम-सबका जिक्र होता है,
खुद छोड़कर पिता को,
सारे परिवार का फिक्र होता है,
वो हमारे परिवार का सबसे कीमती मोती है,
उसके चेहरे पर मुस्कान थिरक उठती है,
हमारे चेहरे की देखकर ज्योति है,
वो दुनिया में एक ही ऐसा चेहरा है,
जो खुद पर गर्व करता है,
हमारे सर पर देखकर कामयाबी का सेहरा है,
उस कामयाबी का असली हकदार,
सच में,पिता ही होता है
जिस मंदिर के दरवाजे कभी बंद नहीं होते
उस मंदिर का देवता पिता होता है ,
पिता है परिवार की शक्ति (parivar ki shakti),
पिता है अकेला वो ही व्यक्ति,
ज़ो कभी भूले से भी हम से खफा नहीं होता है,
* * * * *
Creater -राम सैणी
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