दिल का अमीर ( dil ka amir ) हमसफ़र : सच्चा साथी
ससुराल अमीर नहीं है तो कोई बात नहीं, लेकिन हमसफ़र दिल का अमीर ( dil ka amir ) चाहिए, मेरी […]
ससुराल अमीर नहीं है तो कोई बात नहीं, लेकिन हमसफ़र दिल का अमीर ( dil ka amir ) चाहिए, मेरी […]
बाबूल का आंगन ( babul ka aangan ) छोड़कर, नाजों से पली,मेरी लाडली जो गई है, ऐसे लगता है जैसे
पुराने जमाने की पढ़ी-लिखी है, जुबां की थोड़ी-सी तीखी हैं, मैले कपड़ों से परहेज़ है, बड़ी माँ का पहरा
पापा आपकी लाडली ( papa aapki ladli ) , आपकों ढूंढने है निकली, आप बैठ गए हो कहाँ छूपकर, मैं
बेटों का अभिमान (beton ka abhiman ) ना कर, बेटे नहीं हैं सुख की वजह, बेटों वाले मात-पिता भी, आजकल
औलाद से हारकर आए हैं, वृद्ध-आश्रम में एक और पिता(ek aur pita ), मन पर एक बोझ लेकर आए हैं,
खुद ही झुक जाता है उनके आगे मेरा सर, पिता की वजह से (pita ki vajah se ) मुस्कराता
सबसे बड़ा धनवान वो नहीं जिनके घर खजाने से भरी पेटियां हैं, असली धनवान है वो इंसान, हंसती,गाती-मुस्कराती हुई,
घर में एक बेटी होना भी लाजमी है, तभी बेगानी बेटी ( begani beti ) का दर्द समझेगा हर आदमी
आँखें बंद करके जो किया है भरोसा, उस भरोसे की लाज (bharose ki laaj ) निभाना, बेटी होती है