Last updated on September 9th, 2026 at 06:14 pm
माँ रिश्तों की मिसाल(maa rishton ki misal)है,
वो है तो जीवन खुशहाल है,
जीवन में ना जाने माँ,
कितने किरदार निभाती है,
कभी हमारी दोस्त बनती है तो,
कभी हमदर्द कहलाती है।
हमारे सुख-दुख में हमेशा माँ साथ खडी है,
वो हमारी खुशियों की लडी है,
जिस के पास हमेशा माँ रहती है,
उसका जीवन मालामाल है,
माँ रिश्तों की मिसाल(maa rishton ki misal)है,
वो है तो जीवन खुशहाल है,
* * * * *
सूनसान-सी काली रातों में,
इस धरती पर माँ ईश्वर का एक मसीहा है,
हरदम अपने में मस्त इस दुनिया में,
माँ उम्मीद का जगमगाता एक दीया है,
मेरे दिल का हाल माँ,दोस्त बनकर जान ले,
बातों के रास्ते धीरे-धीरे माँ,
हमारी नब्ज को पहचान ले,
कोख से लेकर आखरी सांस तक माँ,
वो प्रार्थनाओं के अंबार लगा देती है,
सुबह से लेकर शाम तक माँ,
हमारे सोए हुए किस्मत के सितारे माँ,
पलक झपकते ही चमका देती है,
एक दिन के जैसे गुजरता है,
माँ के आंचल में एक साल है,
माँ रिश्तों की मिसाल(maa rishton ki misal)है,
वो है तो जीवन खुशहाल है,
* * * * *
हर समस्या का हल वो जाने,
आने वाला कल वो जाने,
माँ बनकर रहती है साया मेरा ,
मुझको माने अपने तन के प्राण,
वो बोलती है बाकी सब-कुछ है पराया मेरा,
अपनी गोद में रखकर मेरा सर,
अपने प्यारे हाथों से धीरे-धीरे सहलाती है,
माँ रिश्तों की मिसाल(maa rishton ki misal)है,
वो है तो जीवन खुशहाल है,
जीवन में ना जाने माँ,
कितने किरदार निभाती है,
कभी दोस्त बनती है हमारी,
कभी हमदर्द कहलाती है।
* * * *
मानें जो ना हार कभी,
प्यार करें जिसको सभी,
छोटी- छोटी खुशियों में भी,
माँ मुस्कराना जाने,
अपने बच्चों के सिवा,
इस संसार के सब सुख,
माँ ठुकराना जाने,
ठोकर लगती है मेरे पाँव में,
आंसू माँ की आँखों से बहते हैं,
मुझे उठाए रखती है गोद में,
खुद उसके पाँव धूप में तपते हैं,
कभी मेरे बालों को संवारे,
कभी चूमती मेरे गाल है,
माँ रिश्तों की मिसाल(maa rishton ki misal)है,
वो है तो जीवन खुशहाल है,
* * * * *
माँ रिश्तों की मिसाल(maa rishton ki misal) : माँ हर दर्द की दवा

दिखावे की प्रीत तो मिल जाएगी,
पर माँ जैसी प्रीत कहाँ मिलती है,
माँ छू लेती है मन के तार,
अपने आँचल में छुपाए बार-बार,
माँ की सूरत है करामाती,
अपना साया भी साथ छोड़ दें ,
माँ हर कदम पर साथ निभाती है,
मेरा चेहरा खुशी से खिल जाता है,
माँ जब मन्द-मन्द मुस्कराती है,
माँ रिश्तों की मिसाल(maa rishton ki misal)है,
वो है तो जीवन खुशहाल है,
जीवन में ना जाने माँ,
कितने किरदार निभाती है,
कभी दोस्त बनती है हमारी,
कभी हमदर्द कहलाती है।
* * * *
कभी मेरा पहरेदार बनकर माँ,
मुझको हर मुश्किल से बचाती है,
हमे छू ना ले कोई भी मुश्किल,
माँ ढाल बनकर खड जाती है,
कभी गुरू बनकर जीवन का पाठ पढाए,
कभी एक दोस्त बनकर,
हमें सच और झूठ से परिचित कराएं,
दुनिया को परखने की कला सीखाए,
शत्रुओं से लडने के लिए एक जलजला बनाए,
वो अपने प्रेम से काट देती है,
नफरत का मायाजाल है,
माँ रिश्तों की मिसाल(maa rishton ki misal)है,
वो है तो जीवन खुशहाल है,
* * * *
मार खाना माँ के हाथों की,
एक वरदान के जैसा लगता है,
खाकर मार हम झूमने लगते हैं मस्ती में,
ये हमको कोई सम्मान के जैसा लगता है,
हे ईश्वर कैसे रखुंगा ध्यान में उसका,
किस मुख से करूं गुणगान मैं उसका,
अल्फाज़ नहीं कोई पास है मेरे,
उससे ज्यादा कोई खास ना मेरे,
मुख पर रहे सदा मुस्कान उसके,
जो माँ अपनी जान हम पर लुटाती है,
माँ रिश्तों की मिसाल(maa rishton ki misal)है,
वो है तो जीवन खुशहाल है,
जीवन में ना जाने माँ,
कितने किरदार निभाती है,
कभी दोस्त बनती है हमारी,
कभी हमदर्द कहलाती है।
* * * *
creater-राम सैणी
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