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(Ek najar)

माँ की एक नजर (Ek najar) : खुशियों का सफर

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माँ ने देखा मेरी ओर जब प्यार से,
हर समस्या का हल मुझे मिल गया,
माँ ने हाथ सर पर रखा जब प्यार से,
मेरे मन का डर एक पल में हवा हो गया,
मेरे चेहरे पर पड़ी जब माँ की एक नजर(Ek najar),
देखते-देखते सब नया हो गया,
मैंने ईश्वर को मुस्कुराते हुए,
जब देखा माँ के रूप में,
घनी छांव के जैसा आनंद आने लगा,
मुझे शिखर दोपहर की तेज धूप में,
गहरी चिंताओं का,न‌ई-न‌ई परेशानियों का,
मन में जब-जब भी शोर मेरे उठा,
माँ ने कहा “मै हूँ ना”बस मन शांत था,
कल रात भी माँ की लोरियों का मधूर संगीत,
मेरे कानों में पड रहा था चारों ओर से,
हर ओर फैला था अंधकार,
मेरे आस-पास एकांत था,
माँ ने कल देखा मुझे क्रोध से एक नजर,
फिर भी मेरा सबसे पहले भला हो गया,
माँ ने हाथ सर पर रखा जब प्यार से,
मेरे मन का डर एक पल में हवा हो गया,
मेरे चेहरे पर पड़ी जब माँ की एक नजर(Ek najar),
देखते-देखते सब नया हो गया,
*      *         *        *         *        *

मेरी पलकों पर जब भी गिरती हैं ओस की बूंदें,
माँ हटा देती है अपनी जादुई फूंक से,
मेरे मन में जब भी कोई हलचल सी होई,
मेरे माथे पर मोहर लगाई अपने प्यार की,
“मेरा बच्चा” निकल गया माँ के जादुई मुख से,
हर सुबह लगाती है माँ माथे पर मेरे चंदन तिलक,
हाथों में धागा काले मोतियों वाला,
हर दिन सिखाती माँ एक नया सबक,
माँ ने कहा,तूं बनेगा विजेता एक दिन,
परेशानियों को जीतने वाला,
माँ ने छूकर मेरे मन के सतरंगी तार,
उसने किया है एहसान मुझे दिखाया ये संसार,
माँ ने रास्ता मुझे धर्म का दिखाकर,
मेरे मन में जला दिया अध्यात्म का दीया,
माँ ने हाथ सर पर रखा जब प्यार से,
मेरे मन का डर एक पल में हवा हो गया,
मेरे चेहरे पर पड़ी जब माँ की एक नजर(Ek najar),
देखते-देखते सब नया हो गया,
*      *         *        *         *        *
मेरे सपनों में रंग भर दिया,
अपने सपनों से रंग चुराकर,
मुझे विरासत में दी हैं खुशियां सारे जहां की,
अपनी खुशियों से नाता तोड़कर,
माँ की नजर में सबसे खूबसूरत हूँ मैं,
मेरी नज़र में खूबसूरत है ना कोई माँ के सिवा,
अब मेरा फ़र्ज़ है वो ही खुशियां लौटाने का,
जिस माँ ने अपने जीवन के कीमती पल,
मेरे लिए कर दिए हैं एक पल में स्वाह,
माँ ने प्यार से छुआ था जब मुझे पहली बार,
मानो मेरा हर सपना साकार हो गया,
माँ ने देखा मेरी ओर जब प्यार से,
हर समस्या का हल मुझे मिल गया,
माँ ने हाथ सर पर रखा जब प्यार से,
मेरे मन का डर एक पल में हवा हो गया,
मेरे चेहरे पर पड़ी जब माँ की एक नजर(Ek najar),
देखते-देखते सब नया हो गया,
*      *         *        *         *        *
धूल माथे पर लगाई जब माँ के पाँव की,
उसकी ममता के समंदर में खो सा गया,
मानो वक्त एक पल के लिए थम सा गया,
बंद पलकों से मुझे ईश्वर का दर्श हो गया,
मेरी किस्मत का सितारा,फर्श से अर्श हो गया,
माँ को झुककर मैंने जब नमन है किया,
सच मानो ईश्वर का भजन हो गया,
जब देखा मैंने माँ के चमकते चेहरे को,
सब टुटा भ्रम मन सरल हो गया,
मेरा मन बंध गया ना जाने किस डोर से,
मेरी धडकती सांसें गिन लेती है माँ दूर से,
माँ का आदर मेरे लिए प्रार्थना हो गई,
मैं जितना झुकता हूँ उतना नर्म हो गया,
उनकी सेवा ही मेरा पहला कर्म हो गया,
उनकी वजह से जुड गया मैं इस संसार से,
टुटा बन्धन मेरा एक अंधकार से,
ईश्वर के दुसरे रुप से मेरा नाता जब जुड गया,
माँ ने हाथ सर पर रखा जब प्यार से,
मेरे मन का डर एक पल में हवा हो गया,
मेरे चेहरे पर पड़ी जब माँ की एक नजर(Ek najar),
देखते-देखते सब नया हो गया,
*      *         *        *         *        *

माँ की एक नजर (Ek najar) और मन शांत : मेरा सुरक्षा कवच

 

(Ek najar)
(Ek najar)

क्यों है आंखों में पानी,बेवजह क्यों दुखी हो,
ये कैसे मुमकिन है यहा हर कोई सुखी हो,
मैने जाते हुए पुछा एक राख के ढेर से,
क्या मुक्ति मिल गई तुम्हें जन्म-मरण के फेर से,
जब से जपने लगा हूँ माला माँ के नाम की,
वाहवाही होने लगी है जग में राम की,
मुझ पर हो रही है बचपन से कृपा,
इस जादुई चेहरे का नाम मेरे मन में है छपा,
माँ ने रखा मेरा सिर जब अपनी गोद में,
मानो मुझे कोई कीमती अमृत कलश मिल गया,
माँ ने देखा मेरी ओर जब प्यार से,
हर समस्या का हल मुझे मिल गया,
माँ ने हाथ सर पर रखा जब प्यार से,
मेरे मन का डर एक पल में हवा हो गया,
मेरे चेहरे पर पड़ी जब माँ की एक नजर(Ek najar),
देखते-देखते सब नया हो गया,
*      *         *        *         *        *
ना रख आश कोई,हे दोस्त,इस सतरंगी संसार से
कोई बराबरी नहीं है माँ के प्यार से,
मत करना अफसोस तुम किसी शोक का,
एक कर्ज बाकी है अभी माँ की कोख का,
मैं मंत्र मुग्ध हो गया देखी जब पहली बार,
मुस्कराती हुई माँ की एक झलक,
मैने अभिवादन किया माँ को धीरे से,
अपनी हिलाकर बांई पलक,
वो चूमती रही मेरे नन्हें हाथों को,
मैं महसूस कर रहा था उनकी गर्म सांसों को,
जब मेरे सांसों की लौ आकर,
माँ तुम्हारी सांसों से मिली,
तुम्हारी कोख मेरा पहला घर हो गया,
तार जब टूटे मेरे ईश्वर की,
अलोकीक सफेद रोशनी से,
माँ के आंचल में आते ही मेरा रोना शुरू हो गया,
माँ ने देखा मेरी ओर जब प्यार से,
हर समस्या का हल मुझे मिल गया,
माँ ने हाथ सर पर रखा जब प्यार से,
मेरे मन का डर एक पल में हवा हो गया,
मेरे चेहरे पर पड़ी जब माँ की एक नजर(Ek najar),
देखते-देखते सब नया हो गया,
*      *         *        *         *        *
माँ बनकर अपनी ममता का समंदर उड़ेल दिया,
कभी हौंसला दिया तुम ने बनकर मेरा पिता,
रास्ता भी तूं है मंझिल भी तूं,
तुम्हारा आंचल मेरे लिए स्वर्ग सा हो गया,
मेरी सांसों में घुल गई तेरी सांसें माँ,
जब तुमने अपनी बांहों में लेकर,
पहली बार मुझे जकडा चारो ओर से ,
माँ ने देखा जब एक नजर मुझे प्यार से,
पिछले जन्म की यादों का जाल,
देखते ही देखते एक पल में मिट गया,
माँ ने देखा मेरी ओर जब प्यार से,
हर समस्या का हल मुझे मिल गया,
माँ ने हाथ सर पर रखा जब प्यार से,
मेरे मन का डर एक पल में हवा हो गया,
मेरे चेहरे पर पड़ी जब माँ की एक नजर(Ek najar),
देखते-देखते सब नया हो गया,
*      *         *        *         *        *
creater-राम सैणी
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