बेशुमार क़र्ज़ (beshumar karz) : माँ के प्यार के
बेशुमार क़र्ज़ (beshumar karz) : मैं चुकाऊं कैसे माँ तेरे बेशुमार कर्ज (beshumar karz) हैं मुझ पर उधार , […]
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बेशुमार क़र्ज़ (beshumar karz) : मैं चुकाऊं कैसे माँ तेरे बेशुमार कर्ज (beshumar karz) हैं मुझ पर उधार , […]
घर का बोझ अपने कांधों पर उठाना, क्यों बेटे की जिम्मेदारी है, ये है माँ तेरी बेटी की प्रतिज्ञा (beti
सब चाव पूरे कर लीजिए, जब तक माता-पिता का पहरा है, इस दुनिया में सब रिश्तों से बढ़कर , माता-पिता
हे ईश्वर, अगले जन्म भेजना माँ को, मेरे घर बेटी बनाकर, मैं रखुंगा उसे अपने सर का ताज बनाकर, *
कदम चूमती गई कामयाबी उसके, बेटा छूने लगा सितारे आसमान के (sitare aasman ke ), सब मिला गया धूल में
काश वो प्यार भरी यादें (pyar bhari yaaden ) , वो बचपन का सुहाना दौर, माँ फिर से आ जाए
मेरे जीवन का हर फैसला, उनको लेने का है अधिकार, होश संभाला है जिनकी बाँहों में , मिलता है
मांग लेती है हाथ जोड़कर माँ दुआएं हजार, सबको मालूम है माँ की दुआएं (maa ki duaayen ) तो ,
maayke ghar praai ( मायके घर पराई ) : भावनाओं की दास्तान बचपन से लेकर जवानी तक, मैं ये ही
झूठी मुस्कान (jhoothi muskan) : एक कड़वा सच भरपेट भी खाया है रूखी-सूखी भी खाई है, झूठी मुस्कान(jhoothi muskan)भी कंई