आसमान की परी नहीं (asman ki pari nahin) : बेटी का सम्मान
मैं आसमान की परी नहीं (asman ki pari nahin), कभी किसी मुश्किल से डरी नहीं, मुझे पिता से मिला ये […]
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मैं आसमान की परी नहीं (asman ki pari nahin), कभी किसी मुश्किल से डरी नहीं, मुझे पिता से मिला ये […]
बच्चे की प्यारी सूरत देखने को , एक माँ कैसे उठती है तड़फ, सारी खुशियां एक तरफ , माँ
मात-पिता को कर किनारे, मैं खाक छानता रहा अब तक ऊँचे पर्वत और घने जंगल की, मुझे क्या मालूम
फुर्सत के दो पल (fursat ke do pal) साथ बिताओ हमारे, ये वादा तुम्हारा हमें सख्त चाहिए, मात-पिता नहीं
टूटते रिश्ते (tootte rishte) माँ कुछ कह रहे हैं, अपने ही घर में हम बेगानें बनकर रह रहे हैं,
इस घर से है मुझे प्यार बहुत, ये घर मेरी माँ की निशानी (maa ki nishani) है, इस घर में
मेरे पैरों में ना डालो बेड़ियां हर बार, मुझ पर भी किया करो , माँ बंद आँखों से एतबार
रात को घर की छत पर बैठकर, आसमान के तारे गिन ना, बड़ा मुश्किल होता है, एक जिम्मेदार पिता (jimmedar
अगले महीने आऊंगा मैं, एक लंबी लेकर छुट्टी माँ, तुम्हारी जादुई सूरत देखकर यूं लगे, जैसे तुम हो मेरी संजीवनी
एक चंचल -सी गुडिया, एक प्यारी-सी परी (ek pyari si pari), भगवान को लिख बैठी है, वो एक चिठ्ठी प्यार