घर के सम्मान की रक्षा करना,
एक पत्नी का पहला धर्म है,
वैसे ही एक पत्नी के सम्मान की रक्षा करना,
उसके पति का पहला कर्म है,
सम्मान ही इस रिश्ते का मरहम है,
ये ही रिश्तों का स्वर्णिम सफर(svarnim safar)है,
सम्मान हो बुजुर्गो का,हर रिश्ते का,
घर में सबसे एक अपनापन,
छोटों को प्यार दें उनके हिस्से का,
कड़वी बातों से परहेज़ हो,
सबके चेहरे पर ताजगी हर रोज हो,
हर दिन रहेगा खुशियों का मेला,
यदि पत्नी का व्यवहार थोडा नर्म है,
घर के सम्मान की रक्षा करना,
एक पत्नी का पहला धर्म है,
सम्मान ही इस रिश्ते का मरहम है,
ये ही रिश्तों का स्वर्णिम सफर(svarnim safar)है,
* * * *
घर एक मंदिर के जैसा बनता है,
पत्नी की सूझ-बूझ और समझदारी से,
घर में हर घड़ी दिल लगता है,
जब घर में खुशियों की सवारी हो,
सुख-दुख और धूप और छाँव,
जीवन में आना-जाना है,
ढककर खडना है साथ मिलकर,
फिर क्या घबराना है,
दोनों के मिल-जुलकर रहते देखकर,
बच्चों पर पडता गहरा असर है,
घर के सम्मान की रक्षा करना,
एक पत्नी का पहला धर्म है,
सम्मान ही इस रिश्ते का मरहम है,
ये ही रिश्तों का स्वर्णिम सफर(svarnim safar)है,
* * * *
एक समझदार पत्नी के हाथ में होती है,
घर के सुख-चैन की चाबी,
फिर आने लगती है घर में,
धन-दौलत और कामयाबी,
घर के ना हों दो हिस्से,
कुछ हद तक ये पत्नी के हाथों में है,
गली-मोहल्ले में ना गूंजें,
अपने जान से प्यारे घर के किस्से,
कुछ हद तक ये पत्नी के हाथों में है,
कुछ पल के लिए कोई एक झुक जाए,
यदि सामने वाले का माथा गर्म है,
घर के सम्मान की रक्षा करना,
एक पत्नी का पहला धर्म है,
वैसे ही एक पत्नी के सम्मान की रक्षा करना,
उसके पति का पहला कर्म है,
सम्मान ही इस रिश्ते का मरहम है,
ये ही रिश्तों का स्वर्णिम सफर(svarnim safar)है,
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सम्मान से जीना चाहती है,
जाम खुशियों का पीना चाहती है,
हमसफ़र का हाथ लेकरअपने हाथों में,
उसके दिल का हाल समझने वाला,
उसके जीवन का रखवाला,
जो समझ लें उसके दिल में छुपी बातों को,
बस देखकर उसकी आँखों में,
एक शेरनी के जैसे बन जाती है,
हर मुश्किल के आगे ढटकर खड जाती है,
हमसफ़र हो अगर साथ देने वाला,
चेहरे की रंगत बढने लगती है,
जैसे हर मन्नत पूरी होने लगती है,
कदम से कदम मिलाकर हो चलने वाला,
पत्नी का सर ऊँचा रहे ससुराल में,
ये पति का पहला कर्म है,
घर के सम्मान की रक्षा करना,
एक पत्नी का पहला धर्म है,
वैसे ही एक पत्नी के सम्मान की रक्षा करना,
उसके पति का पहला कर्म है,
सम्मान ही इस रिश्ते का मरहम है,
ये ही रिश्तों का स्वर्णिम सफर(svarnim safar)है,
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रिश्तों का स्वर्णिम सफर(svarnim safar):घर की खुशियों का मंत्र

हर बात को दिल पर लगाना,
ये कोई अच्छी बात नहीं है,
छोटी सी बात को भी हवा देना,
ये कोई अच्छी बात नहीं है,
छोटी-छोटी बातों में भी मुस्करा देना चाहिए,
छोटी-छोटी बातों को हवा में उडा देना चाहिए,
पत्नी है घर का एक मजबूत स्तंभ तो,
पती घर के लिए अम्बर है,
घर के सम्मान की रक्षा करना,
एक पत्नी का पहला धर्म है,
सम्मान ही इस रिश्ते का मरहम है,
ये ही रिश्तों का स्वर्णिम सफर(svarnim safar)है,
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एक-दुसरे के लिए रिश्ते में वफादारी हो,
पति के सम्मान की भी ,
पत्नी के कांधों पर जिम्मेदारी हो,
मेरा नाम मिलकर पुरा होता है आपके नाम से है,
मेरी हर ख्वाहिश की लडी जुडी है,
मेरे हमसफ़र राम से है,
मैंने प्यार के मोती चुराए हैं,
आपके दिल के खजाने से,
जिंदगी का असली मजा है,रुठने-मनाने में,
एक दुसरे का हाथ बंटाने में कैसी शर्म है,
घर के सम्मान की रक्षा करना,
एक पत्नी का पहला धर्म है,
वैसे ही एक पत्नी के सम्मान की रक्षा करना,
उसके पति का पहला कर्म है,
सम्मान ही इस रिश्ते का मरहम है,
ये ही रिश्तों का स्वर्णिम सफर(svarnim safar)है,
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Creater-राम सैणी
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