बहन की पुकार ( bahan ki pukar ) : भैया तू ही आधार
सुन बहन की पुकार ( bahan ki pukar ) , दिल से जुड़े दिल के तार, मात-पिता की तरह […]
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सुन बहन की पुकार ( bahan ki pukar ) , दिल से जुड़े दिल के तार, मात-पिता की तरह […]
जीवनकी की गाड़ी कैसे चलती है, कभी अकेले चलाकर तो दिखा, पिता का किरदार ( pita ka kirdar ) निभाना
बेटियां पिता के,बेटे माँ के दिल के करीब होते हैं, बेटियां ही नहीं बेटे भी अकेले में रोते हैं,
मैं बाबुल के आंगन की एक उड़ती चिड़िया, क्या उड़ना एक दिन सच होगा, जिस दिन आएगी वो घड़ी, मुझे
मेरे मन में एक जिज्ञासा है, माँ प्रेम की परिभाषा ( prem ki paribhasha ) क्या है, कुछ और भी
माँ का ऋण ( maa ka rinn ) हम-सब पर हमेशा रहेगा उधार, कोई गरीब हो,या बड़ा साहुकार, तुम एक
बच्चों की मन चाही खुशियां, उनकी झोली में पा सकती है, क्या माँ के जैसी भी कोई हो सकती
लोरी का जादू ( lori ka jadu ) माँ कितना पुराना है , बचपन की लोरी से हर बच्चे का दोस्ताना
मुख से जो भी निकला है वो पूरा किया है, पर्वत से भी ऊँचा जिसका हौंसला है , मौन,तपस्वी पिता
कच्चे घरों की दास्तान ( kachche gharon ki dastan ), मुझे सुनाओ बड़ी माँ अपनी जुबान, सच में मिट्टी की