(do pyari saugat)

रब ने दी दो प्यारी सौगात (do pyari saugat) : मेरा संसार

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रब की कृपा से मिली है,
मुझे दो प्यारी सौगात (do pyari saugat),
अच्छा हमसफ़र और संस्कारी औलाद,
मैं हाथ जोड़कर करुं रब का शुक्रीया ,
मेरी झोली को खुशियों से भर दिया,
मुझे मिली है रब से दो सबसे अनमोल खैरात,
धीरे-धीरे करके मुझे उस रब ने,
हर मीठी सुबह के साथ,एक न‌ई खुशी दी है,
पहले मनचाहा हमसफ़र मिला है,
फिर संस्कारी औलाद का फल मिला है,
सच में ,मेरी मांगी हुई हर मुराद पूरी की है,
रब ने की है मेरे जीवन में खुशियों की बरसात,
रब की कृपा से मिली है,
मुझे दो प्यारी सौगात (do pyari saugat),
अच्छा हमसफ़र और संस्कारी औलाद,
*          *         *          *          *
मैं और भला क्या मांगू रब से,
मुझे बिन मांगे सब मिला है,
जितना मिला है उस में ही खुश हो जाएं,
यहाँ इतना सब्र किसी को कब मिला है,
मेरे मन को समझने वाला है,
हद से बढ़कर मुझे चाहने वाला है,
मेरे सुर में सुर मिलाकर रखता है,
मेरी गलतियों को छुपाने वाला है,
सब कहते हैं मैं किस्मत की धनी हूँ,
एक प्यारे से परिवार की बहू बनी हूँ,
एक पिता की तरह वो मेरा ख्याल रखता है,
कांच की तरह वो मेरी संभाल रखता है,
मेरे लिए वो सबसे खास दिन है,
जब वो हमारे दरवाजे पर लेकर आया था बारात,
रब की कृपा से मिली है,
मुझे दो प्यारी सौगात (do pyari saugat),
अच्छा हमसफ़र और संस्कारी औलाद,
*          *         *          *          *
घर में मुझे एक बहु का अधिकार मिला है,
माँ समान सास का प्यार मिला है,
अपनी जादुई बातों से मेरा मन मोहने वाला,
मुझे हमसफ़र बडा ही खुद्दार मिला है,
डोर-पतंग के जैसी, हमारी जोडी लगती है,
हम दोनों की सूझ-बूझ से,
हमारे जीवन की गाड़ी चलती हैं,
हमारे घर की चौखट को चूम रही है,
खुशियां और कामयाबी दिन-रात,
रब की कृपा से मिली है,
मुझे दो प्यारी सौगात (do pyari saugat),
अच्छा हमसफ़र और संस्कारी औलाद,
मैं हाथ जोड़कर करुं रब का शुक्रीया ,
मेरी झोली में पाई है रब ने,
दो सबसे अनमोल खैरात,
*          *         *          *          *
मेरी हैसियत से बढ़कर मुझे रब ने दिया है,
हंसते-खेलते तीन बच्चों का मुझे तोहफा दिया है,
दो प्यारी सी बेटियां और एक बेटे का,
मुझको रब से वरदान मिला है,
मुझे एक बहु से माँ बनने का सम्मान मिला है,
घर में संस्कारी बच्चों के आने से,
खुशियों का मेला लगता है,
संत-फकीर बोल ग‌ए हैं,
अच्छे कर्मों का हमेशा अच्छा फल मिलता है,
बडी बेटी और बेटे का स्वभाव,
बिल्कुल अपने पिता से मिलता-जुलता है,
उन सबका प्यारा मुख  देखकर,
मेरे दिन की होती है शुरुआत,
रब की कृपा से मिली है,
मुझे दो प्यारी सौगात (do pyari saugat),
अच्छा हमसफ़र और संस्कारी औलाद,
*          *         *          *          *

रब ने दी दो प्यारी सौगात (do pyari saugat) :  रिश्तों की दौलत

 

(do pyari saugat)
(do pyari saugat)

बस मंझली बेटी का थोडा गर्म मिजाज लगता है,
मेरे हमसफ़र की मूरत बस्ती है,मेरे मन-मंदिर में,
हम मिलजुल कर रहते हैं अपने प्यारे से घर में,
मैंने कूट-कूट कर भरे हैं अपने बच्चों में संस्कार,
हमारे आंगन की मिट्टी में समाया है,
रब की कृपा से बस प्यार ही प्यार
हमारे घर में सब चलते हैं,
एक -दुसरे से कदम मिलाकर साथ-साथ,
रब की कृपा से मिली है,
मुझे दो प्यारी सौगात (do pyari saugat),
अच्छा हमसफ़र और संस्कारी औलाद,
मैं हाथ जोड़कर करुं रब का शुक्रीया ,
मेरी झोली में पाई है रब ने,
दो सबसे अनमोल खैरात,
*          *         *          *          *
प्यार-मोहब्बत से जीने वाला है,
मेरा हमसफ़र अपनी जिंदगी को,
सदा अपने दिल में बिठाकर रखता है,
अपनी जन्मदात्री और अपनी अर्धांगिनी को,
बच्चों संग बच्चा बनकर रहता है,
अपने मन की बातें वो खुलकर करता है,
वो चेहरा देखकर  पड लेता है,
हलचल हमारे मन की,
वो हंसकर,हवा में उडा देता है,
छोटी-छोटी बातें अनबन की,
उसकी मीठी-मीठी जादुई बातें,
हर रोज मन लगाकर सुनती हूँ,
कभी उनके दिल की करती हूँ,
कभी करती मैं अपने दिल की हूँ,
हर किसी की मदद करता है,
अपने बढ़ाकर दोनों हाथ,
रब की कृपा से मिली है,
मुझे दो प्यारी सौगात (do pyari saugat),
अच्छा हमसफ़र और संस्कारी औलाद,
*          *         *          *          *
मोतियों के जैसे रखता है,
हम सबको संभालकर,
एक लडी में रखता है परिवार को,
अपने प्यार की डोरी से बांधकर,
मैंने अपने घर की दीवारों को,
अपने प्यार के रंग से,रंग दिया है,
मैंने अपने जीवन के हर पल को,
उनके प्यार के रंग में,रंग लिया है,
मेरे जीवन के वो सबसे यादगार पल है,
जब उनसे हुई थी पहली मुलाकात,
रब की कृपा से मिली है,
मुझे दो प्यारी सौगात (do pyari saugat),
अच्छा हमसफ़र और संस्कारी औलाद,
मैं हाथ जोड़कर करुं रब का शुक्रीया ,
मेरी झोली में पाई है रब ने,
दो सबसे अनमोल खैरात,
*          *         *          *          *
Creater-राम सैणी
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