जगमगाता आंगन (jagmgata aangan) : माँ की मुस्कान से
बादलों का सीना चीरकर किरणें, हमारे आंगन में आ रही थी, प्यारा लग रहा था जगमगाता आंगन (jagmgata aangan), क्योंकी […]
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बादलों का सीना चीरकर किरणें, हमारे आंगन में आ रही थी, प्यारा लग रहा था जगमगाता आंगन (jagmgata aangan), क्योंकी […]
पढ़-लिखकर जब आया बेटा पहली बार, बड़ा किया अपने आंगन का द्वार, हटाकर माँ का लगाया तुलसी का पौधा
माँ तेरे हाथों की बनाई रोटी, अब कहाँ मिलती है, खा लेते हैं भूख मिटाने करने के लिए, पर पेट
सुनकर खाने की बुराई, एक पिता की आँख है भर आई, आज मेरी बेटी की विदाई है, ये मेरी उम्रभर
मैंने मान लिया है अपनी बहू को बेटी, यदि बहू भी मुझे माँ मान लें, हर घर में बहेगा सुख
माँ की चुप्पी (maa ki chuppi) कुछ कह रही है, क्यों गुमसुम बनकर रह रही है, आँखों में नींद नहीं
वर्षों बाद माँ चैन की नींद (chain ki neend ) सोने लगी है, चर्चा थोड़ी -थोडी अब होने लगी है,
एक बेटी का है अभिमान, सर पर दुपट्टा बेटी की शान (beti ki shan ) , खानदान से संस्कार मिलें
क्यों लेकर गए हो माँ को अपने द्वार, हे ईश्वर लौटा दो मेरी माँ ( meri maa) को तुम एक
मै कैसे मान लूं माँ अनपढ़ हैं, दिन-रात एक किया है मुझे पढ़ाने के लिए, कौन कहे माँ कुछ जानती