जब तक बागों में नाचे मोर ,
कोयल गीत सुनाती रहे,
मैं ईश्वर से करता हूँ ये ही प्रार्थना,
मेरी माँ यूं ही मुस्कराती रहे( maa yoon hi muskrati rahe ),
* * * * *
कोयल की मीठी बोली जो भी सुने ,
सबके दिलों में मिठास घोल जाए,
कोयल की मीठी बोली माँ की बोली से,
कितना मेल खाए,
माँ की जुबान से निकले हर बोल,
मेरे कानों में देते हैं शहद घोल,
ये ही वो सच्चा रिश्ता है,
जो है ज़माने में सबसे अनमोल,
मैं आज भी चाहता हूँ मेरी माँ बचपन की तरह,
मुझे आज भी अपने हाथों से खिलाती रहे,
जब तक बागों में नाचे मोर ,
कोयल गीत सुनाती रहे,
मैं ईश्वर से करता हूँ ये ही प्रार्थना,
मेरी माँ यूं ही मुस्कराती रहे( maa yoon hi muskrati rahe ),
* * * * *
माँ बिन तेरे ये मेरा जीवन है ऐसा,
जैसे बिन मांझी के नाव,
माँ की चाकरी करने का है मुझे बडा चाव ,
तुम खुशबू हो महकते फूलों की माँ,
जो बिखेर महक घर के हर कोने में,
पूरा घर बिखर जाता है एक माँ के ना होने से,
माँ की ममता बच्चों को यूं ही मिलती रहेंगी,
जब तक सावन में झूले पड़ते रहें और,
बारिश की बूंदें छम -छम करके गीत सुनाती रहें,
जब तक बागों में नाचे मोर ,
कोयल गीत सुनाती रहे,
मैं ईश्वर से करता हूँ ये ही प्रार्थना,
मेरी माँ यूं ही मुस्कराती रहे( maa yoon hi muskrati rahe ),
* * * * *
कोयल का बोलना जैसे दिल को बहुत भाता है,
मीठे बोल सबको भाए ये भी हमें सिखाता है,
जब भी मुंह खोले हमेशा,
माँ के सम्मान में ही बोलें
घर में उजाला है माँ के संग,
माँ बरसाए हमेशा प्यार के रंग,
ऐसी मोहीनी तस्वीर के आगे,
खुद ही मस्तिष्क झुक जाता है,
इस प्यारी मूरत को पाकर,
जैसे घर में ईश्वर मिल जाता है,
हम चाहते हैं ये दुनिया उम्रभर,
हमे माँ के नाम से ही बुलाती रहे,
जब तक बागों में नाचे मोर ,
कोयल गीत सुनाती रहे,
मैं ईश्वर से करता हूँ ये ही प्रार्थना,
मेरी माँ यूं ही मुस्कराती रहे( maa yoon hi muskrati rahe ),
माँ यूं ही मुस्कराती रहे( maa yoon hi muskrati rahe ) : शब्दों से परे

कभी उंगली पकड़ी थी जिसने,
मैं भी उसका हाथ रखुगा पकड़कर,
मैं चलूंगा हमेशा हाँ में सर हिलाकर,
जिस माँ ने रखा है हमेशा,
अपने सीने से जकड़कर,
माँ का साथ जैसे ईश्वर का हाथ,
मेरे दिल के हर कोने में माँ,
तुम्हारा एक खास मुकाम है,
मेरी जुबान पर रहता हमेशा,
बस एक तेरा ही नाम है,
जब तक चाँद की चाँदनी से,
तन -मन सबका खिलता रहे और,
सूरज की रौशनी हम सबको ,
एक नई राह दिखाती रहे,
जब तक बागों में नाचे मोर ,
कोयल गीत सुनाती रहे,
मैं ईश्वर से करता हूँ ये ही प्रार्थना,
मेरी माँ यूं ही मुस्कराती रहे( maa yoon hi muskrati rahe ),
* * * * *
जितनी करो तारीफ माँ की उतना ही कम है,
माँ के बिन कैसे गुजरेंगे दिन,माँ है तो हम हैं,
तुम्हारे प्यार का रंग माँ ऐसा चढ़ा है
सब रंग फीके हैं उसके आगे,
लोहे की जंजीरों से भी मजबूत है,
माँ तुम्हारे मजबूत प्यार के धागे,
इस जादुई से चेहरे पर,
सदा खुशियों का उजाला फैला रहे,
इन करामाती हाथों से,
आप सदा हमको छूती रहें,
हर कोई चाहता है कि माँ हमें,
जीवन भर रास्ता दिखाती रहे,
जब तक बागों में नाचे मोर ,
कोयल गीत सुनाती रहे,
मैं ईश्वर से करता हूँ ये ही प्रार्थना,
मेरी माँ यूं ही मुस्कराती रहे( maa yoon hi muskrati rahe ),
* * * * *
मेरे रोम-रोम में बसे है मां,संस्कार तुम्हारे ,
मेरी पहचान होती है दुनिया में इनके ही सहारे,
तुम हो नदियां की धारा के जैसे,
जिसको मिले उसका जीवन खिल जाए,
तड़फते दिल को आराम आ जाए,
जिसे प्यार तुम्हारा मिल जाए,
वो लोग किस्मत के धनी होते हैं माँ,
जो हर वक्त माँ की पनाह में होते हैं,
माँ के राज में हम बेखौफ होकर सोते हैं,
जब तक फूल महकते रहें और
फूलों की महक हमें लूबाती रहे,
जब तक बागों में नाचे मोर ,
कोयल गीत सुनाती रहे,
मैं ईश्वर से करता हूँ ये ही प्रार्थना,
मेरी माँ यूं ही मुस्कराती रहे( maa yoon hi muskrati rahe ),
* * * * *
creater-राम सैणी
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