अनमोल बंधन(anmol bandhan )

अनमोल बंधन(anmol bandhan ) : शक्ति का आदर्श

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मुस्कान मैं हूँ तेरी तूं है मेरा उजाला,
इस जग में मिलेगा जो जन्म दोबारा,
मैं रब से माँगूगा माँ ये आँचल तुम्हारा,
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माँ यशोदा का रिश्ता जो श्याम से है,
कौशल्या माँ का जो राम से है,
मेरे जीवन का माँ तूं है सवेरा,
पहचान मेरी तेरे नाम से है,
बागों में जैसे गुंजें काली कोयल के बोल हैं,
तेरे मिस्री से बोल गुंजें,
घर में चारों ओर हैं,
माँ है तो घर में खुशियों का अम्बार है,
जिस घर में मिलते तेरे पाँव के निशान हैं,
पावन है जग मे उसके घर का द्वार है,
पूरा नाम कर पाए कोई तेरी कमी माँ,
तुम ही आसमान हो मेरा,
तुम ही हो जमीं माँ,
लहराता है माँ जब दुप्पटा तेरे सर का,
घर भी लगता है हमारा एक मन्दिर -सा,
ये मंदिर है हमारा सबसे प्यारा ,

अनमोल बंधन(anmol bandhan ) है ये सबसे निराला ,

मुस्कान मैं हूँ तेरी तूं है मेरा उजाला,
इस जग में मिलेगा जो जन्म दोबारा,
मैं रब से माँगूगा माँ ये आँचल तुम्हारा,

*       *      *          *        *          *

तेरे पाँव की मिट्टी माँ जब उड़े आसमान में,
सर मेरा झूकता है माँ तेरे सम्मान में,
माँ को मानते हैं सब मूरत प्यार की,
इस प्यारी मूरत की पूजा मैंने हर बार की,
तुफानों में फंसती जब भी ,
मेरे जीवन की नाव माँ,
अपने हाथों से पकड़ लेती हो मेरी बांह माँ,
ये ऊंचा आसमान भी माँ,
तेरे कद के आगे है नीचा,
मेरे जीवन को माँ,
तुम ने अपने प्यार से है सींचा,
माँ तेरी प्यारी मूसकान से खिले,
इस जग में हर महल-चौबारा,
मुस्कान मैं हूँ तेरी तूं है मेरा उजाला,
इस जग में मिलेगा जो जन्म दोबारा,
मैं रब से माँगूगा माँ ये आँचल तुम्हारा,
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अनमोल बंधन(anmol bandhan ) : शक्तिशाली रिश्ता
माँ सदियों से है ये जग,
तेरे प्यार का दीवाना,
आएगी जीवन में उसके बहार सदा,
जिसने माँ को ही रब है माना,
हाल जानती है माँ तूं मेरी रग-रग का,
कोई चलता नहीं तेरे आगे बहाना,
जानवर हो चाहे कोई परींदा,
बिन माँ के मुश्किल रहना है जिंदा,
सब मांगते जीवन में माँ का साथ हो,
सर पर सदा उसके प्यार की बरसात हो,
छोटी-छोटी खुशियों में भी,
खुश रहना सिखाती है माँ,
इस जग में प्यार से रहना सिखाती है माँ,
जीवन का पहला सबक मिलता,
माँ की पाठशाला में,
माँ सबको पिरो कर रखे,
अपनी प्यार की माला में,
हमारे सर पर हाथ माँ हमेशा रहे तुम्हारा,

अनमोल बंधन(anmol bandhan ) है ये सबसे निराला ,

मुस्कान मैं हूँ तेरी तूं है मेरा उजाला,

इस जग में मिलेगा जो जन्म दोबारा,
मैं रब से माँगूगा माँ ये आँचल तुम्हारा,

*       *      *          *        *          *

दीवानों के जैसे प्यार लुटाए माँ,
इस लिए ममता की मूरत कहलाए माँ,
उसके लिए सारी उम्र,
हम-सब रहते हैं बच्चे,
उसके  लिए होते हैं दिल के सब अच्छे,
माँ-बच्चों का यहाँ रुठना-मनाना,
बच्चों को बहुत भाता है,
ये माँ का प्यार दिखाना,
उसके आगे चल जाती है ,
हमारी सब मनमानियां ,
अपने दिल से लगाकर रखती है वो,
हमारे बचपन की सब निशानियां,
सदा प्यार बरसाए ऐसे,
जैसे बादल बरसता हो प्यारा,
मुस्कान मैं हूँ तेरी तूं है मेरा उजाला,
इस जग में मिलेगा जो जन्म दोबारा,
मैं रब से माँगूगा माँ ये आँचल तुम्हारा,
*       *      *          *        *          *
एक पल में पूरे कर देती है,
माँ दिल के अरमान हमारे,
उसकी पनाह में आकर,
भूल जाते हैं गम सारे,
उस घर का आंगन है प्यारा,
जहाँ माँ को समझें,मन्दिर की मूरत,
उस चौखट पर रहे सदा उजियारा,
जहाँ मिले माँ की खिलखिलाती सूरत,
रब के जैसा सहारा मिलता है जहाँ,
वो माँ का आंचल है कोई ओर नहीं,
अपना हमें सब-कुछ मान लें,
बिन बोले सब-कुछ जान ले,
वो माँ का आंचल है कोई ओर नहीं,
जब भी सुनता हूँ मैं,
आहट माँ के दो पाँव की,
आवाज़ गुंजती है मेरे दिल में,
बस एक माँ के नाम की,
माँ तुम्हारे प्यार की शीतल छाया से ,
घर शीतल रहे हमारा ,

अनमोल बंधन(anmol bandhan ) है ये सबसे निराला ,

मुस्कान मैं हूँ तेरी तूं है मेरा उजाला,
इस जग में मिलेगा जो जन्म दोबारा,
मैं रब से माँगूगा माँ ये आँचल तुम्हारा,

*       *      *          *        *          *

श्रवण -सा बेटा जन्में,
माँ की पावन कोख से,
देवता भी करते हैं प्रणाम,
लोक-परलोक से,
पीछे -पीछे चलता है माँ के जग सारा,
माँ का बलिदान है जग में सबसे न्यारा
फूलों की क्यारी है,
माँ जो हमारी है,
ये छाया है पीपल की,
हमारे मन करे शीतल भी,
माँ पर कुर्बान है जीवन ये सारा,
अनमोल बंधन(anmol bandhan ) है ये सबसे निराला ,
मुस्कान मैं हूँ तेरी तूं है मेरा उजाला,
इस जग में मिलेगा जो जन्म दोबारा,
मैं रब से माँगूगा माँ ये आँचल तुम्हारा,
*       *      *          *        *          *
creater -राम सैणी
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