Last updated on March 4th, 2026 at 07:04 pm
एक माँ से बढ़कर कौन जाने ,
उसकी गोद का खालीपन ( god ka khalipan ),
एक औरत तभी माँ कहलाती है ,
जब देख ले,वो एक प्यारे से बच्चे का मुख,
मैं मुख से बयान नहीं कर सकती हूँ,
क्या होता है एक माँ बनने का सुख ,
* * * *
जब ईश्वर की कृपा से हुआ,
मुझे पहली बार एहसास,
वो दिन था मेरी जिंदगी का सबसे ख़ास,
मानो सफल हो गई मेरी कंई जन्मों की तपस्या,
मेरी सूनी कोख को मिला,
जब माँ बनने का सुख,
मुझे ऐसे लगा जैसे मिट हो गई हो,
मेरे जिंदगी की हर समस्या,
उसका प्यारा सा चेहरा ,
जैसे अभी से मेरे अंतर्मन में गया हो छप ,
एक माँ से बढ़कर कौन जाने ,
उसकी गोद का खालीपन ( god ka khalipan ),
एक औरत तभी माँ कहलाती है ,
जब देख ले,वो एक प्यारे से बच्चे का मुख,
मैं मुख से बयान नहीं कर सकती हूँ,
क्या होता है एक माँ बनने का सुख ,
* * * *
ईश्वर ने दिया है मेरे सब्र का मीठा फल,
जब हुई कृपा ईश्वर की,
मेरा संवर गया आज और कल,
हर दिन मेरा कुछ यूं गुजरता है
जैसे कंई वर्षों की प्यासी धरती पर,
घनघोर सावन दिन-रात बरसता है,
जब से हुई है मेरी कोख हरी-भरी,
चाँद-सा रौशन रहता है सदा मेरा मुख,
एक माँ से बढ़कर कौन जाने ,
उसकी गोद का खालीपन ( god ka khalipan ),
एक औरत तभी माँ कहलाती है ,
जब देख ले,वो एक प्यारे से बच्चे का मुख,
मैं मुख से बयान नहीं कर सकती हूँ,
क्या होता है एक माँ बनने का सुख ,
* * * * * *
जिस माँ की रहती है कोख सूनी,
घर रहता है औलाद से खाली,
दुनिया के ताने सुन-सुनकर,
सोचने लगती है क्यों ईश्वर ने,
मेरी किस्मत ऐसी लिख डाली,
मैं कैसे करूं सूनी कोख का दर्द बयां,
मुझको लगता है जैसे ,,
मेरी जिंदगी का है ये सबसे बड़ा गुनाह,
मेरे सीने में सूखा पड़ा है ,
अमृत रुपी दूध का सागर ,
मैं बेचैन हूँ तुझे छूने को ,
तूं कब लिपटेगा मेरे सीने से आकर ,
मुझे उम्मीद रहेगी आखरी सांस तक ,
एक माँ से बढ़कर कौन जाने ,
उसकी गोद का खालीपन ( god ka khalipan ),
एक औरत तभी माँ कहलाती है ,
जब देख ले,वो एक प्यारे से बच्चे का मुख,
मैं मुख से बयान नहीं कर सकती हूँ,
क्या होता है एक माँ बनने का सुख ,
* * * *
गोद का खालीपन ( god ka khalipan ) : खामोश आँचल

किस को बताऊं मैं दुख अपना,
औलाद को पाना होता है,
हर माँ का एक मीठा सपना,
हर दिन जीती हूँ मर-मर कर,
आज नहीं तो कल होगी मेरी कोख हरी,भरी,
इतना भरोसा मुझको है ईश्वर पर,
वो सबकी सुनता है एक दिन,
ये सोचकर उसकी चौखट पर,
मेरा भी सर जाता है झुक,
एक माँ से बढ़कर कौन जाने ,
उसकी गोद का खालीपन ( god ka khalipan ),
एक औरत तभी माँ कहलाती है ,
जब देख ले,वो एक प्यारे से बच्चे का मुख,
मैं मुख से बयान नहीं कर सकती हूँ,
क्या होता है एक माँ बनने का सुख ,
* * * * *
मै हाथ जोड़कर करती हूँ ,
हे ईश्वर तुझको नमस्कार,
औलाद से खाली ना रहे,
दुनिया में कोई भी परिवार,
मेरे दिल का दर्द छलकता है,
मेरे इन दो नयनों के रस्ते,
हर एक झोली में डाल दें सुख इतना की,
सब के दिन गुजरते रहें हंसते-हंसते,
औलाद बिन हर माँ अधूरी लगती है ,
हर दिन नए-नए ताने सुनती है ,
गोद में खेलेगा जब नंदलाला ,
मुख पर फैलेगा उजाला ,
ईश्वर करे,मेरे जीवन में जल्दी आये ,
जगमग करती वो सुहानी रूत ,
एक माँ से बढ़कर कौन जाने ,
उसकी गोद का खालीपन ( god ka khalipan ),
एक औरत तभी माँ कहलाती है ,
जब देख ले,वो एक प्यारे से बच्चे का मुख,
मैं मुख से बयान नहीं कर सकती हूँ,
क्या होता है एक माँ बनने का सुख ,
* * * *
हर फरयादी की करना तूं दुआ कबूल,
हटा देना उसकी राहों से दुःखों के सब शूल,
हर माँ को मौका देना ,
अपने बच्चे से लाढ लढाने का ,
हर माँ को मौका देना रूठने-मनाने का ,
माँ बनने का सुख देना हर माँ को,
बिन औलाद के किसी की गोद खाली ना हो,
बेटी मिले या बेटा दोनों को आँचल में छुपाएं,
दोनों हैं देन उसकी मन में ये भरोसा जगाएं,
होठों पर हंसी कायम रहे सुख हों या दुख,
एक माँ से बढ़कर कौन जाने ,
उसकी गोद का खालीपन ( god ka khalipan ),
एक औरत तभी माँ कहलाती है ,
जब देख ले,वो एक प्यारे से बच्चे का मुख,
मैं मुख से बयान नहीं कर सकती हूँ,
क्या होता है एक माँ बनने का सुख ,
* * * * * *
creation – राम सैणी
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