सब रंग फीके लगते हैं,
माँ की दुआओं के रंग( maa ki duaon ke rang ) के आगे,
मुझे चारो ओर से जकडे हुए हैं,
उसके प्यार के धागे,
पहली बार सामना हुआ था,
जब उसके तेजस्वी चेहरे से,
अपनी बाहों का हार बनाकर यूं लिपटी थी,
अंग-अंग में जोश भर दिया था मेरे,
वो बादल थी प्यार का,
मुझ पर रुक-रुक कर बरस रही थी,
मेरी आँखें जिस मूरत को,
कब से देखने को तरस रही थी,
उस मूरत को देखते ही,
मेरे सोए भाग थे जागे,
सब रंग फीके लगते हैं,
माँ की दुआओं के रंग( maa ki duaon ke rang ) के आगे,
* * * * *
उसकी दुआओं के करामाती बादल,
मेरे सर पर मंडराते रहते हैं,
कभी गिरता हूँ कभी संभालता हूँ,
मुझ पर पड़ने वाली बुरी नजर को,
वो दूर भगाते रहते है,
मैं दूर रहूं या घर के पास,
माँ की दुआओं के रंग रहते हैं मेरे आस-पास,
मुस्कान के रंग मेरे चेहरे पर,
मेरी माँ की वजह से रहते हैं,
उससे जुडा है कुछ गहरा रिश्ता,
ये देखने वाले सब कहते हैं,
मेरी जिंदगी को माँ छूने भर से महकादे,
सब रंग फीके लगते हैं,
माँ की दुआओं के रंग( maa ki duaon ke rang ) के आगे,
मुझे चारो ओर से जकडे हुए हैं,
उसके प्यार के धागे,
* * * * *
मेरी किस्मत की लकीरों में,
माँ कुछ अपनी लकीरें मिला देती है,
मेरी किस्मत के लाखों सितारे,
वो पलक झपकते ही चमका देती है,
मेरे सपनों में रंग भरना,
हर पल मेरे संग चलना,
अनेक रंग मिलते हैं माँ के प्यार के,
हमारी ख्वाहिशें पूरी करने को,
माँ हर घड़ी तैयार रहें,
उलझी हुई जिंदगी की तारें,
माँ पल भर में सुलझा दे,
सब रंग फीके लगते हैं,
माँ की दुआओं के रंग( maa ki duaon ke rang ) के आगे,
मुझे चारो ओर से जकडे हुए हैं,
उसके प्यार के धागे,
* * * * *
माँ अपनी खुशियों से कुछ रंग चुराकर,
मेरी खुशियों में भर देती है,
आसमानी सितारे तो कुछ भी नहीं,
वो तो अपना सारा जीवन,
अपनी औलाद के नाम कर देती है,
जब दुआएं सर चढ़कर बोलेंगी,
तो जिंदगी गुनगुनाने लगेगी ,
रंग दुआओं का जब चढ जाएगा,
तो जिंदगी भी सुरीला संगीत सुनाने लगेगी,
मेरे रोम-रोम में बिजली सी दौड़ने लगती है,
माँ जो गले से लगा ले,
सब रंग फीके लगते हैं,
माँ की दुआओं के रंग( maa ki duaon ke rang ) के आगे,
मुझे चारो ओर से जकडे हुए हैं,
उसके प्यार के धागे,
* * * *
माँ की दुआओं के रंग( maa ki duaon ke rang ) :ममता का अमृत

ये मेरी माँ का आशीर्वाद है,
मेरे जीवन में आज जो खुशियों की बहार,
माँ दुआओं की शक्ति के रंग,
हमें दिखाई तो नहीं देते है पर,
हमेशा साथ-साथ रहते हैं,
ये हमारा एक सुरक्षा कवच है,
बड़े-बुजुर्ग ऐसा कहते हैं,
हम विचलित तो माँ विचलित,
हम मुस्कराएं तो वो भी साथ हमारे मुस्करा दे,
सब रंग फीके लगते हैं,
माँ की दुआओं के रंग( maa ki duaon ke rang ) के आगे,
मुझे चारो ओर से जकडे हुए हैं,
उसके प्यार के धागे,
* * * * *
वो सुबह उठे तो दुआएं दे,
रात को सोए तो दुआएं दे,
कभी प्यार से निहारती रहती है,
कभी मुझे अपनी गोदी में सुला दे,
वो सूरज से लाली मांगकर,
मेरे चेहरे को लाल बना देती है,
अपनी चमत्कारी दुआओं से,
मेरे चारों ओर वो सुरक्षा जाल बना देती है,
वो अपनी जोश भरी बातों से,
मेरे दिल में जोश जगा दे,
माँ की दुआओं के रंग( maa ki duaon ke rang ) के आगे,
मुझे चारो ओर से जकडे हुए हैं,
उसके प्यार के धागे,
* * * *
एक रंग मेरी हंसी में घुला है,
ये उपहार मुझे माँ से मिला है,
कभी मीठी जादुई लोरी सुनाकर,
कभी लाखों में मुझे एक बताकर,
वो मेरे सर को चूम लेती है,
रिश्ते-नाते हैं सबसे ऊपर,
वो बोलती है मेरे हाथों को छूकर,
जो झूकते है वो टिकते हैं,
जब भी बुजुर्गो से दुआएं मिले,
तूं अपना शिश झुकादे,
माँ की दुआओं के रंग( maa ki duaon ke rang ) के आगे,
मुझे चारो ओर से जकडे हुए हैं,
उसके प्यार के धागे,
* * * *
Creater- राम सैणी
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