मैं मनाना चाहता हूँ बड़ी हर्षो-उल्लास से,
अपनी माँ का जन्मदिन ( maa ka janmdin ) धूमधाम से,
मैं मनाना चाहता हूँ उस दिन को,आपके नाम से,
हमारे घर में खुशियों का माहोल छाएगा,
बताओ ना माँ,आपका जन्मदिन कब आएगा,
नए बूट,तन पर नए कपड़े होंगे,
आने वाले मेहमानों के स्वागत में,
हम दरवाजे पर हाथ जोड़कर खडे होंगे,
घर के बुजुर्गो से आपको आशीर्वाद मिलेगा,
घर का हर छोटा बच्चा मुस्कराता हुआ,
आपके पाँव को हाथ लगाएगा,
बताओ ना माँ,आपका जन्मदिन कब आएग,
* * * * * * * *
मैंने अपने गली-मोहल्ले के दोस्तों को,
आपके जन्मदिन का न्योता भेज दिया है,
मैंने अपने गाँव के बाहर मंदिर में,
हवन करने वाले साधू-संतों को भी बोल दिया है,
अपने बचपन के सभी दोस्तों को,
उनके हिस्से का काम सौंप दिया है,
मैंने घर को सजाने का काम,
खुद अपने हाथों में लिया है,
ये आपकी कोख का जाया माँ ,
उस दिन दिवाली के दीपकों की तरह ,
अपने पूरे घर को सजाएगा,
मैं मनाना चाहता हूँ बड़ी हर्षो-उल्लास से,
अपनी माँ का जन्मदिन ( maa ka janmdin ) धूमधाम से, ,
मैं मनाना चाहता हूँ उस दिन को,आपके नाम से,
हमारे घर में खुशियों का माहोल छाएगा,
बताओ ना माँ,आपका जन्मदिन कब आएगा,
* * * * * * * *
कल शाम को मैं पंडित जी से मिलने गया था,
अपने घर में उस शुभ दिन को,
पूजा-पाठ कराने का समय लिया था,
आपके नाम से सबसे पहले उस दिन,
दस ब्राह्मणों को खाना खिलाना है,
अपने गली-मोहल्ले की कंजकों को,
उनके पाँव धोकर सबसे पहले जिमाना है,
उस दिन खाना बडा लाजवाब होगा,
जो भी खाएगा,आपके गुण गाएगा,
बताओ ना माँ,आपका जन्मदिन कब आएगा,
मैं मनाना चाहता हूँ बड़ी हर्षो-उल्लास से,
अपनी माँ का जन्मदिन ( maa ka janmdin ) धूमधाम से,
मैं मनाना चाहता हूँ उस दिन को,आपके नाम से,
हमारे घर में खुशियों का माहोल छाएगा,
बताओ ना माँ,आपका जन्मदिन कब आएगा,
* * * * * * * *
बड़ी प्यारी-प्यारी बातें करने लगा है,
आजकल कुछ ज्यादा ही ख्याल रखने लगा है,
जिस फूल को मैंने उगाया था,अपनी बगिया में,
आज वो खुद खिलने लगा है,
इस सलोनी सूरत से हर पल,
हमारे घर में उजाला बिखरने लगा है,
मैं एक दिन बेटी बनकर पैदा हुई थी,
मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था,
अपनी जन्मदात्री के लगकर सीने से,
बेटियों का जन्मदिन किसे याद रहता था,
उस पुराने जमाने में ,
बेटी की माँ को सब सुनाते थे,
जो भी घर में बेटी का चेहरा देखने आएगा,
मैं मनाना चाहता हूँ बड़ी हर्षो-उल्लास से,
अपनी माँ का जन्मदिन ( maa ka janmdin ) धूमधाम से, ,
मैं मनाना चाहता हूँ उस दिन को,आपके नाम से,
हमारे घर में खुशियों का माहोल छाएगा,
बताओ ना माँ,आपका जन्मदिन कब आएगा,
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माँ का जन्मदिन ( maa ka janmdin ) : माँ के नाम एक उत्सव

सब रिश्ते बनाकर दे दिए,
उस नीली छतरी वाले ने,
पहले बेटी,फिर बहन बनी,
एक साथ कंई किरदार निभाए,
इस ज़माने में एक औरत ने,
एक माँ का जन्मदिन,उस दिन होता है,
जब वो पहली बार माँ बनती है,
जिस दिन तूं मेरी गोद में आया था,
वो ही तारीख मेरे जन्मदिन की तारीख बनती है,
जिस दिन तेरा जन्मदिन होगा,
उसी शुभ दिन मेरा भी जन्मदिन आएगा,
बताओ ना माँ,आपका जन्मदिन कब आएगा,
मैं मनाना चाहता हूँ बड़ी हर्षो-उल्लास से,
अपनी माँ का जन्मदिन ( maa ka janmdin ) धूमधाम से,
मैं मनाना चाहता हूँ उस दिन को,आपके नाम से,
हमारे घर में खुशियों का माहोल छाएगा,
बताओ ना माँ,आपका जन्मदिन कब आएगा,
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सच माँ,आपका जन्मदिन भी होगा,
हर साल मेरे जन्मदिन के साथ-साथ,
आज से हमारे इस सपनों के घर में,
दो-दो जन्मदिन होंगे एक साथ,
उस दिन घर की चौखट फूलों से हरी-भरी हो,
उस शुभ दिन हमारे घर में जमकर खर्च हो,
मेरा जन्मदिन आता है हर साल “2 मार्च” को,
हर साल धूमधाम से आपका जन्मदिन हो,
ये कितनी ख़ुशी की बात है माँ,
आज से “2 मार्च” को ही आपका जन्मदिन भी आएगा,
मैं मनाना चाहता हूँ बड़ी हर्षो-उल्लास से,
अपनी माँ का जन्मदिन ( maa ka janmdin ) धूमधाम से, ,
मैं मनाना चाहता हूँ उस दिन को,आपके नाम से,
हमारे घर में खुशियों का माहोल छाएगा,
बताओ ना माँ,आपका जन्मदिन कब आएगा,
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मैंने फूलों का एक ताज बनाया है,
सुबह-सुबह उठकर आज के आज बनाया है,
मैं आपके सर पर फूलों का ताज रखूंगा,
धन्यवाद माँ,मेरे जीवन को,
फूलों के जैसा बनाने के लिए,
मैं उस दिन आपके पाँव के नीचे,
अपने दोनों हाथ रखूंगा,
धन्यवाद माँ,मुझे अपनी ममता से,
हर पल नहलाने के लिए,
ये दिन मुझे उम्रभर याद रहेगा माँ,
ये दिन हमेशा खास रहेगा माँ,
मेरे जन्मदिन के साथ-साथ हर साल,
मेरी माँ का भी जन्मदिन मनाया जाएगा,
बताओ ना माँ,आपका जन्मदिन कब आएगा,
मैं मनाना चाहता हूँ बड़ी हर्षो-उल्लास से,
अपनी माँ का जन्मदिन ( maa ka janmdin ) धूमधाम से,
मैं मनाना चाहता हूँ उस दिन को,आपके नाम से,
हमारे घर में खुशियों का माहोल छाएगा,
बताओ ना माँ,आपका जन्मदिन कब आएगा,
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Creater- राम सैणी
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