papa jaisa banne ka sapna

पापा जैसा बनने का सपना ( papa jaisa banne ka sapna )

 

मैंने बचपन में देखा था
पापा जैसा बनने का सपना ( papa jaisa banne ka sapna )
उसके जैसा बनना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है
ना रातें गुज़रती है चैन से,
ना गुजरता मेरा दिन है ,
पापा मेहनत की कश्ती पर सवार रहते हैं,
वो समय के अनुसार बहते हैं,
वो सब के सुख में ढूंढ लेते हैं सुख अपना ,
मैंने बचपन में देखा था
पापा जैसा बनने का सपना ( papa jaisa banne ka sapna ),
उसके जैसा बनना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है
* * * * * *
दिनभर सब की सुनना,
धूप मिले छाँव मिले,
हमेशा अपनी मस्त चाल में चलना,
इसके लिए भी जिगर चाहिए,
हम सब के नाम लिख देना,
अपनी चेहरे की रौनक,
बैल के जैसे काम करना,
चाहे कैसा भी हो मन,
इसके लिए भी जिगर चाहिए ,
सुबह देखते हैं ना श्याम,
हर पल काम ही काम,
अपने जीवन के कीमती पल,
बिन सोच-विचार कर देते हैं हमारे नाम,
सच में कितना हिम्मतवाला है,
जो हम सबका रखवाला है,
शायद ही कभी करता होगा,
पेटभर समय से भोजन है,
मैंने बचपन में देखा था
पापा जैसा बनने का सपना ( papa jaisa banne ka sapna )
उसके जैसा बनना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है
* * * * * *
प्यारे पापा के जैसा बनने का,
मुझे भी शौंक है बचपन से,
मैं एक दिन हलका करुंगा,
अपने पापा के कांधों का बोझ,
मैं भी पूरी शक्ति लगा दूंगा अपने तन-मन से,
उनका पहरा रहे घर में हरदम,
मेरी ये ही है कामना,
मैंने बचपन में देखा था
पापा जैसा बनने का सपना ( papa jaisa banne ka sapna ),
उसके जैसा बनना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है
* * * *

पापा जैसा बनने का सपना ( papa jaisa banne ka sapna )  : पिता का संघर्ष मेरी ऊर्जा

 

 papa jaisa banne ka sapna
papa jaisa banne ka sapna

दुनिया के रंग देख रहा हूँ,
मै भी पापा संग चलते-चलते,
जीने के न‌ए-न‌ए ढंग सीख रहा हूँ,
मैं भी पापा संग चलते-चलते,
एक ना एक दिन मैं भी मिलाना सीख जाऊंगा ,
पापा की ताल में ताल,
मैं भी उनके चेहरे पर खुशहाली लाऊंगा,
जो हमें रखतें हैं हमेशा खुशहाल,
उनके पहरे में सोता था मैं नीडर होकर,
अब वो भी सोएंगे नींद चैन की,
अब से मेरी जिम्मेदारी होगी उनके सम्मान की,
मै भी अपनी जुबान में रखुंगा मीठापन,
जैसे पापा की जुबान में मीठापन है,
मैंने बचपन में देखा था
पापा जैसा बनने का सपना ( papa jaisa banne ka sapna )
उसके जैसा बनना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है
* * * * * *
पापा सींचते हैं दिल से,
हर रिश्ते की बुनियाद को,
छोटा हो या बड़ा घर में,
पापा बड़े ध्यान से सुनते हैं,
हर किसी की फरियाद को,
जिंदादिली दिखती है उनके हर काम में,
अपनी खुशियां हमारे नाम करना,
हमारे पीछे -पीछे चलना,
ऐसा मसीहा बनना हर जन्म में,
मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है,
पापा जैसा बनने का सपना ( papa jaisa banne ka sapna )
उसके जैसा बनना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है
* * * * * *
जिंदगी नहीं गुजारी है उन्होंने आराम में,
समय को पाबंद बनाकर,
दुखों को रखा है हराकर ,
हर उलझन को पल में सुलझाना,
समय कैसा भी हो,ना घबराना,
उनके जैसा जिगर बडा रखना,
मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है,
मैंने बचपन में देखा था
पापा जैसा बनने का सपना ( papa jaisa banne ka sapna )
उसके जैसा बनना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है
* * * * * *
पापा सदा मस्त अपनी चाल में चलते हैं,
वो हमें चैन की नींद सोता देखकर,
फूलों के जैसे खिलते हैं,
बड़ी माँ का आशीर्वाद लेकर,
सदा घर से निकलते हैं,
थकावट का जुबां पर जिक्र नहीं है,
परिवार की फिक्र हद से ज्यादा करते हैं,
लेकिन खुद की फ़िक्र नहीं है,
अपने प्यार की खुशबू परिवार में बिखेरते हैं,
सच में पापा हमारे लिए कीमती चंदन है,
मैंने बचपन में देखा था
पापा जैसा बनने का सपना ( papa jaisa banne ka sapna )
उसके जैसा बनना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है
* * * * * *
creation -राम सैणी
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