क्यों लाढ लढाया आपने ,
क्यों बांहों का बनाया घेरा है,
आपके सीने से लगने का पापा,
सबसे पहला हक ( pahla haq ) मेरा है,
मेरे सिवा कोई और नहीं कर सकता,
मेरे पापा की पीठ की सवारी,
आगे से कभी ना हो ऐसा,
पापा ये आपकी भी है जिम्मेदारी,
आज से सब-कुछ छोडा है आप पर,
गुस्सा रहता है मेरी नाक पर,
पापा छोड़ो मेरी कलाई को,
पहले बोलो,गोद में क्यों उठाया छोटे भाई को,
देखो कैसे गुस्से से लाल हो गया,
मेरा ये चाँद-सा चेहरा है,
क्यों लाढ लढाया आपने ,
क्यों बांहों का बनाया घेरा है,
आपके सीने से लगने का पापा,
सबसे पहला हक ( pahla haq ) मेरा है,
* * * *
मेरे हिस्से का प्यार हमेशा,
मुझको ही मिलना चाहिए,
जब भी बोले सिर्फ मेरे लिए,
बस आपके होठों को हिलना चाहिए,
आपकों सिर्फ बस सिर्फ,
पहले मुझको आदर देना होगा,
आपका हाथ सबसे पहले,
बस मेरे सर पर होगा,
मेरा लगाव आपसे घर में,
कुछ ज्यादा ही गहरा है,
क्यों लाढ लढाया आपने ,
क्यों बांहों का बनाया घेरा है,
आपके सीने से लगने का पापा,
सबसे पहला हक ( pahla haq ) मेरा है, ,
* * * *
पापा,आप डांटों चाहे प्यार करो,
चाहे कभी-कभी हाथ दो-चार करो,
ध्यान रहे कभी नाराज़ ना करना,
इस घर की राजकुमारी को,
हर घड़ी चाहिए साथ आपका,
इस फूलों की क्यारी को,
मैंने पापा को माना है दुनिया सारी,
पापा ही मीठा सवेरा है,
क्यों लाढ लढाया आपने ,
क्यों बांहों का बनाया घेरा है,
आपके सीने से लगने का पापा,
सबसे पहला हक ( pahla haq ) मेरा है,
* * * *
मुझे बताओ मैं कैसे मनाऊं,
इस शैतानों की नानी को,
रब ही जाने कब शांत है कब गुस्सा आ जाए,
इस झांसी वाली रानी को,
चलो मैं गलती मान लेता हूँ,
आगे से ना होगा ये कभी दोबारा,
तुम अक्लमंद हो घर में सबकी पहली पसंद हो,
वो भी तो है छोटा भाई तुम्हारा,
गुस्से में ये प्यारा सा मुख लग रहा है,
जैसे हवा से भरा कोई गुब्बारा है,
क्यों लाढ लढाया आपने ,
क्यों बांहों का बनाया घेरा है,
आपके सीने से लगने का पापा,
सबसे पहला हक ( pahla haq ) मेरा है,
* * * *
पापा की गोदी का पहला हक ( pahla haq ) : पापा मेरी दुनिया

तुम बन जाना उसकी रक्षक,
तुम बन जाना उसकी शिक्षक,
वो तुम्हे मंझली दीदी कहकर बुलाएगा,
सबसे पहले तुम खेलोगी,
घर के सभी खिलोनों से,
कुछ तुम खाना कुछ उसे खिलाना,
प्यार बढ़ता है मिल-बांटकर खाने से,
प्यार बांटोगी तो प्यार मिलेगा,
प्यार से ही चलता ये जग सारा है,
क्यों लाढ लढाया आपने ,
क्यों बांहों का बनाया घेरा है,
आपके सीने से लगने का पापा,
सबसे पहला हक ( pahla haq ) मेरा है,
* * * *
मुझे मीठी-मीठी बातों से मत बहलाना,
मै अक्ल से तेज-तर्रार हूँ पापा,
मुझे ये पसंद ना होगा,
कोई प्यार बांट ले मेरा आधा,
अब पापा की बात मान जरा,
उस पर भी दे थोडा ध्यान जरा,
मात-पिता का प्यार सबके लिए,
घर में होता है एक सा,
उसमें नहीं होता मेरा-तेरा है,
क्यों लाढ लढाया आपने ,
क्यों बांहों का बनाया घेरा है,
आपके सीने से लगने का पापा,
सबसे पहला हक ( pahla haq ) मेरा है,
* * * *
चलो गोद में आप मुझे उठाना,
कांधे पर बिठाना भाई को,
आप ज्यादा दिल पर मत लेना,
भाई बहन की इस झूठी-मुठी लड़ाई को,
बस मुझे गुस्सा आ जाता है कभी-कभी,
मेरा खुद पर नहीं रहता है काबू,
एक बेटी अपने पापा की ,
कुछ ज्यादा ही करीब होती है,
लोग कहते हैं की बेटियां,
घर का चमकता नशीब होती है,
एक बेटी को पापा का साथ,
पापा को बेटी का साथ प्यारा है,
क्यों लाढ लढाया आपने ,
क्यों बांहों का बनाया घेरा है,
आपके सीने से लगने का पापा,
सबसे पहला हक ( pahla haq ) मेरा है,
* * * *
creation -राम सैणी
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