गुलाब के फूलों से भी प्यारी है,
माँ तेरे आंचल की खुशबू ( aanchal ki khushboo ) ,
जी चाहता है इस आंचल के नीचे,
मैं पूरी उम्र गुजार दूं,
तेरा आंचल हो सर पर,
तेरा पहरा हो घर पर,
तुम्हारे कदमों की गूंज हमेशा,
मेरे कानों में पड़ती रहे,
नेक कर्म और मेहनत की चाबी से,
मेरी किस्मत हर पल हर दिन,
कामयाबी की सीडियां चडती रहे,
जिस दिन आपसे बात ना हो,
मेरा जी बेचैन रहता है माँ पता नहीं क्यूं,
गुलाब के फूलों से भी प्यारी है,
माँ तेरे आंचल की खुशबू,
जी चाहता है इस आंचल के नीचे,
मैं पूरी उम्र गुजार दूं,
* * * *
माँ तेरे आंचल के चमकते रेशम के धागे,
यूं लगे जैसे तुम्हारे प्यार की शक्ति,
हर पल खडी हो मेरे आगे,
माँ तेरा आंचल इतना अनमोल है क्यूं,
सारे आंगन में बिखरी रहती है,
इस अनमोल आंचल की खुशबू,
इस प्यारे चेहरे को देखकर,
मैं सदा घर से निकलूं,
गुलाब के फूलों से भी प्यारी है,
माँ तेरे आंचल की खुशबू ( aanchal ki khushboo ),
जी चाहता है इस आंचल के नीचे,
मैं पूरी उम्र गुजार दूं,
* * * *
प्यार का मतलब है क्या ,
मैंने सीखा है इस आंचल के नीचे रहकर,
दुनिया में माँ है ईश्वर की जगह,
मैंने सीखा है इस आंचल के नीचे रहकर,
ना कोई आडम्बर,ना कोई मिलावट,
माँ तेरे निर्मल प्यार में,
ना दिल में नफ़रत,ना चेहरे पर थकावट,
दुसरा ना होगा माँ तेरे जैसा इस संसार में,
जिन हाथों ने मुझे छूआ पहली बार,
जी करें माँ उन हाथों को मैं बार-बार चूम लूं,
गुलाब के फूलों से भी प्यारी है,
माँ तेरे आंचल की खुशबू ( aanchal ki khushboo ),
जी चाहता है इस आंचल के नीचे,
मैं पूरी उम्र गुजार दूं,
* * * *
माँ तेरे आंचल की खुशबू के बराबर नहीं है,
कोई भी बाज़ारी खुशबू,
माँ जब छूता है मुझे तुम्हारा आंचल,
यूं लगे जैसे माँ प्यार कर रही हो हू-ब-हू,
एक कर्ज इस आंचल का भी,
ये आंचल है मेरी खुशियों की चाबी,
मैं आगे,खुशियां मेरे पीछे-पीछे आती हैं,
पहली शिक्षा पहला पाठ,
माँ तुम ने ही सिखाया है,
मेरी नस-नस में दौड़ रहा है,
माँ तुम ने जो दूध पिलाया है,
मेरी आँखों से ना बहने दिए,
माँ तुम ने कभी आंसू,
गुलाब के फूलों से भी प्यारी है,
माँ तेरे आंचल की खुशबू ( aanchal ki khushboo ),
जी चाहता है इस आंचल के नीचे,
मैं पूरी उम्र गुजार दूं,
* * *
माँ के आंचल की खुशबू ( aanchal ki khushboo ) : तेरी दुआओं का असर

तेरी तेरी ममता में है सच्चाई भी,
तेरी ममता में मिलती है वफा ,
मेरे साथ-साथ मुस्कराती थी कभी,
आज मैं बनूंगा तेरे मुस्कराने की वजह,
माँ आज भी वैसे ही प्यार जताती है,
सूरज की पहली किरण,
जब पड़ती है माँ तुम्हारे आंचल पर,
एक अलग ही आभा छा जाती हैं,
माँ तुम्हारे रूहानी चेहरे पर,
मेरा जी करता है मैं सारी उम्र,
इस आंचल से प्यार ही प्यार लूं,
गुलाब के फूलों से भी प्यारी है,
माँ तेरे आंचल की खुशबू ( aanchal ki khushboo ),
जी चाहता है इस आंचल के नीचे,
मैं पूरी उम्र गुजार दूं,
* * * *
सात सुरों की सरगम के जैसे,
बिल्कुल लगे अपनापन हो जैसे,
माँ के जैसे फर्ज निभाए,
ये तुम्हारा प्यारा आंचल,
माँ तेरे सिर की शान है ये आंचल,
सारे घर की संभाले कमान ये आंचल,
इस जहां में सबसे नयारा है,
ये तुम्हारा प्यारा आंचल,
ये आंचल मुझको बोले,
आ तेरी नज़र उतार दूं,
गुलाब के फूलों से भी प्यारी है,
माँ तेरे आंचल की खुशबू ( aanchal ki khushboo ),
जी चाहता है इस आंचल के नीचे,
मैं पूरी उम्र गुजार दूं,
* * *
ये आंचल मैंने अपने दिल में बसाया है,
माँ इस प्यारे आंचल में छूपाकर,
तुम ने मुझको दूध पिलाया है,
उस दूध की लाज निभानी है,
आज एक और कसम उठानी है,
इस आंचल का मान सदा रखुंगा,
ये आंचल मेरी माँ की इज्जत की निशानी है,
ये आंचल है मीठे जल की तरह,
ये आंचल है सुनहरे कल की तरह,
माँ तेरे इस प्यारे आंचल को,
मैं सदा अपने माथे से लगाकर चलूं,
गुलाब के फूलों से भी प्यारी है,
माँ तेरे आंचल की खुशबू ( aanchal ki khushboo ),
जी चाहता है इस आंचल के नीचे,
मैं पूरी उम्र गुजार दूं,
* * * *
creation -राम सैणी
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