माँ की ममता का कोई मोल नहीं (maa ki mamta ka koi mol nahin )

माँ की ममता का कोई मोल नहीं (maa ki mamta ka koi mol nahin )

Last updated on April 3rd, 2024 at 05:16 pm

इस कविता को star दीजिए
मुझे आंखों से ना ओझल होने दिया,
जिस माँ की गोद में होश संभाला है,
मुझे महकते फूलों के जैसे पाला है,
*      *       *        *
हर किस्सा अनमोल है माँ का,
मैं कितने सुनाऊं उस के किस्से,,
माँ अपने सर ले लेती थी एक पल में,
जब भी कोई ग़म आया है मेरे हिस्से,
माँ प्यार करे बेइंतिहान मुझको ,
घेरा बनाकर अपनी बाहों का,
चमकते सूरज की रौशनी बनकर बिखर जाती है,
दूर करती है अंधेरा मेरी जीवन की राहों का,
चलते- चलते जब मैं थक जाता था,
मुझे अपनी गोद में लेती थी उठा,
हर पल रखती थी नजर मुझ पर,
माँ तो बस माँ होती है,
इसलिए होती है माँ सबसे जुदा,
माँ ने अपने प्यार के रंग में ,
मेरा रोम- रोम रंग डाला है ,
मुझे आंखों से ना ओझल होने दिया,
जिस माँ की गोद में होश संभाला है,
मुझे महकते फूलों के जैसे पाला है,
*       *        *         *       *

जब लगता हूँ मैं माँ के सीने से,

ऐसे लगता है जैसे मैंने ईश्वर को छूआ,
माँ रूठे चाहे मुस्कराए,
मेरे लिए निकले हर पल,
माँ के प्यारे मुख से दुआ,
मुझे रखती थी माँ पलकों पर बिठाकर,
जैसे यशोदा माँ का नंदलाला है,
मुझे आंखों से ना ओझल होने दिया,
जिस माँ की गोद में होश संभाला है,
मुझे महकते फूलों के जैसे पाला है,
*       *        *         *       *
मुस्कराती थी माँ सुनकर मेरी बातें,
मेरे गीले बिस्तर पर माँ की,
जागकर गुजरती थी अंधेरी रातें,
माँ को ना जाने ईश्वर ने,
किसी मिट्टी से उसे बनाया है
सबका ग़म नजर आता है माँ को,
पर अपना ग़म ना किसी को बताया है,
गलती से भी मेरे पाँव में,
लग जाती थी ठोकर कभी,
लगाकर अपने प्यार का मरहम,
ठीक कर देती थी पाँव को छूकर तभी,
माँ का दिल है दरिया के जैसा ,
ईशवर के बाद माँ ही मेरा रखवाला है ,
 मुझे आंखों से ना ओझल होने दिया,

जिस माँ की गोद में होश संभाला है,
मुझे महकते फूलों के जैसे पाला है,
*       *        *         *       *

माँ की ममता का कोई मोल नहीं (maa ki mamta ka koi mol nahin ) : बेपनाह प्यार

माँ के हिस्से में सुख के पल बहुत कम आए हैं,
जैसे भी पल आए हों जीवन में,
हर पल हंसकर बिताए हैं,
मेरा डर दूर करने के लिए,
माँ मुझको हवा में उछालती है,
हाथों में लेकर मुझको माँ,
गिरने से पहले संभालती है,
माँ ममता की छाँव है,
माँ से ही घर में उजाला है,
मुझे आंखों से ना ओझल होने दिया,
जिस माँ की गोद में होश संभाला है,
मुझे महकते फूलों के जैसे पाला है,
*      *      *        *        *
तेरी ममता का कोई मोल नहीं,
तुम ईश्वर की निशानी हो,
दानवीर बहुत हैं इस जहान में,
पर शायद माँ तुम से बड़ा कोई दानी हो,
कुछ यूं रच-बस गई है माँ,
तस्वीर तुम्हारी मेरे सीने में,
जीवन का सच्चा सुख है माँ के साथ जीने में,
तुम्हारे कदमों में बिखरी,
इस जहान की खुशियां तमाम हों,
मेरी हर प्रार्थना में शामिल मेरी माँ का नाम हो,
माँ चलती रहेंगी जब तक सांसें तुम्हारी,
हाथ थामकर रखुंगा मैं हर पल,
तुम्हारी दुआओं के बिना,
जीवन नहीं हो सकता मेरा सफल,
माँ-बेटे का रिश्ता इस जहान में सबसे प्यारा है,
ईश्वर के बराबर स्थान है तुम्हारा,
माँ ही मेरे जीवन की पहली पाठशाला है,
मुझे आंखों से ना ओझल होने दिया,
जिस माँ की गोद में होश संभाला है,
मुझे महकते फूलों के जैसे पाला है,
*      *      *        *        *
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