sabse badi yodha maa

सबसे बड़ी योद्धा माँ ( sabse badi yodha maa ) : माँ की शक्ति

रिशते निभाने का हूनर,
माँ से बढ़कर और कौन जाने,
इस जग में है सबसे बड़ी योद्धा माँ ( sabse badi yodha maa ),
जो कभी हार ना माने,
माँ हर पल करें मेरी हौंसला हफजाई,
माँ तेरे प्यार का रहूंगा मैं सदा करजाई,
‌मेरे ख्वाब है रंग-बिरंगे,
वो हर हाल में पूरे होंगे,
मेरे गले में दुआओं की माला है,
अपनी जान से बढ़कर माँ ने मुझे पाला है,
हर रात को चल देती है माँ,
मुझे चंदा मामा से मिलाने,
इस जग में है सबसे बड़ी योद्धा माँ ( sabse badi yodha maa ),
जो कभी हार ना माने,
*        *        *
माँ रिश्तों को ऐसे निभाए की,
उनमें डाल दें एक नई जान,
माँ वो यौधा है जो जीवन में,
हर पल दे एक नया इम्तिहान,
माँ के हाथों में है एक करामात ,
जीवन जीने की सीख देती माँ की हर बात है,
आसमां में खिले हुए चाँद मामा को,
पलक झपकते ही हमारी झोली में डाल दें,
खुद झुक जाए चाहे कुछ पल के लिए,
लेकिन कभी हमें झुकने ना दे,
माँ का कर्ज कोई चूका ना पाए,
ये कह गए लोग शयाने,
रिशते निभाने का हूनर,
माँ से बढ़कर और कौन जाने,
इस जग में है सबसे बड़ी योद्धा माँ ( sabse badi yodha maa ),
जो कभी हार ना माने,
*        *        *      *
खुद हार कर जो हमको जीता दे वो है माँ,
अपना सारा जीवन हमारी ,
परवरिश में लगादे,वो है माँ,
अपनी सब इच्छाएं मारकर,
अपना सब कुछ हम पर वार कर ,
रंग खुशियों के हमारे चेहरे पर सजाए वो माँ है,
क्या जीना उस इन्सान का,
जो माँ के प्यार की कद्र ना जाने,
जो माँ को माँ ना माने,
रिशते निभाने का हूनर,
माँ से बढ़कर और कौन जाने,
इस जग में है सबसे बड़ी योद्धा माँ ( sabse badi yodha maa ),
जो कभी हार ना माने,
*      *       *       *
माँ हाथ पकड़ कर मेरा,
मुझे तुफानों से लड़ना सिखादे ,
मैं भी भूल जाता हूँ अपनी दिनभर की थकान,
जब माँ मेरी ओर देखकर प्यारा से,
एक बार मुस्करादे,
जिस गोद में बचपन गुजारा है,
जिस के रहते ये सारा जहां हमारा है,
हमारा चेहरा खिल जाता है,
जिसकी कदमों की आहट से,
हमारा सीना चौड़ा हो जाता है,
जिसके सीने की गर्माहट से,
माँ के चरणों में झुक जाने का आनंद क्या है,
ये समझ आया जब झूककर देखा आसमां ने,
रिशते निभाने का हूनर,
माँ से बढ़कर और कौन जाने,
इस जग में है सबसे बड़ी योद्धा माँ ( sabse badi yodha maa ),
जो कभी हार ना माने,
*        *        *      *

सबसे बड़ी योद्धा माँ ( sabse badi yodha maa ) :रिश्तों की नींव है माँ

 

sabse badi yodha maa
sabse badi yodha maa

माँ वो हस्ती है जो पार लगादे,
मझधार में फंसीं मेरे जीवन की नाव को,
माँ पास है तो हर दिन मस्ती है,
मैं क्यों ना याद रखूँ अपने जीवन में,
माँ के प्यार की घनी छाँव को,
उसकी लोरियों के गीत के आगे,
इस जग के सब सुर हैं बे-रंग,
माँ की लोरियों में मुझे
झलकता है अपनापन,
इसलिए माँ की लोरियाँ हैं मुझे सबसे पसंद,
माँ सारी उम्र लुटाए फिर भी कम ना हों,
कभी माँ के प्यार के खजाने,
रिशते निभाने का हूनर,
माँ से बढ़कर और कौन जाने,
इस जग में है सबसे बड़ी योद्धा माँ ( sabse badi yodha maa ),
जो कभी हार ना माने,
*      *       *       *

माँ बेवजह हम पर प्यार लुटाए,
हमारी सारी गलतियां,
एक पल में भूल जाए,
हमको यूं जकड़ ले ,
बनाकर अपनी बांहों का घेरा,
जैसे कंई घनी काली रातों के बाद,
आया हो जीवन में सुखों का सवेरा,
हों मीठे बोल जुबां के,
सर पर हाथ हों उसकी ममता के छाँव के,,
जग में हो पहचान मेरी,
तुने मुझे इस काबिल बनाया है,
माँ को जिसने अपने दिल में बसाया है,
रब की कृपा का सुख उसने पाया है,
रब है माँ मेरे लिए सब है माँ मेरे लिए,
मेरे जीवन की परेशानियों को ,
मेरी माँ से बढ़कर और कौन जाने ,
रिशते निभाने का हूनर,
माँ से बढ़कर और कौन जाने,
इस जग में है सबसे बड़ी योद्धा माँ ( sabse badi yodha maa ),
जो कभी हार ना माने,
*        *        *      *
creater-राम सैणी
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