माँ से सीखा है प्यार जताना,
रिश्तों में मीठापन भी,
प्यार बाँटते चलो ( pyar bantate chalo ) हंसकर मिलो ,
पिता से सीखा है परिवार चलाना,
परिवार है हमारी असली शक्ति,
परिवार ही कीमती धन भी,
जीवन की राहों में चलना है,
मुझे प्यार बांटते-बांटते,
हर पल आगे बढ़ना है,
सबका हाथ थामते-थामते,
हर घड़ी मेरी-मेरी से बचकर रहना,
परिवार में सबका है बराबर का किरदार,
बातों में दम हो,बातें भी कम हों,
हर बोल हो अपना वजनदार,
रूखे-सूखे ना हों रिश्ते,
हर रिश्ते में ज़रुरी है अपनापन भी,
माँ से सीखा है प्यार जताना,
रिश्तों में मीठापन भी,
प्यार बाँटते चलो ( pyar bantate chalo ) हंसकर मिलो ,
* * * *
सपनों में कैसे रंग भरना है,
अपनों के कैसे संग चलना है,
ये चलन मैंने पापा से सीखा है,
जीवन एक संघर्ष है,
जितना तपना है उतना चमकना है,
कहीं सर उठाकर चलना है,
कहीं सर झुकाकर चलना है,
अपने धर्म के लिए खडना है,
बेबस के लिए लडना है,
चाहे खर्च करना पडे धन भी,
माँ से सीखा है प्यार जताना,
रिश्तों में मीठापन भी,
प्यार बाँटते चलो ( pyar bantate chalo ) हंसकर मिलो ,
पिता से सीखा है परिवार चलाना,
परिवार है हमारी असली शक्ति,
परिवार ही कीमती धन भी,
* * * *
प्यार के बिना जीवन नीरस है,
पतझड़ हो या फूलों की बहार,
अपनों का संग है तो,
सुखी है सारा परिवार,
परिवार है ताक़त,ईश्वर पर भरोसा है ,
हर घड़ी कुछ नया जानने की,
मेरे मन में जिज्ञासा है,
वो शेर के जैसे दहाड़ता है,
जब भी गम के बादल छाए हैं,
ये गुण हैं मेरे अंदर भी,
जो पापा को देखकर आए हैं,
पापा के जैसे निर्मल रहता है,
मेरा तन-मन भी,
माँ से सीखा है प्यार जताना,
रिश्तों में मीठापन भी,
प्यार बाँटते चलो ( pyar bantate chalo ) हंसकर मिलो ,
पिता से सीखा है परिवार चलाना,
परिवार है हमारी असली शक्ति,
परिवार ही कीमती धन भी,
* * * *
रंग-बिरंगे सपने नयनों में लिए,
अपनी खुशियों का बलिदान अपनों के लिए,
ये गुण माँ के दूध से मेरी नस-नस में समाया है,
चेहरे की लकीरें को पडना,
अपने हक के लिए लडना,
माँ ने मुझे हर घड़ी नेकी का रास्ता दिखाया है,
सबके लिए न्याय एक बराबर हो,
सबका भला हो,तो क्या बात है,
हालात कैसे भी हो लेकिन मुस्कराने की कला हो,
तो क्या बात है,
प्यार के मोती घर में ऐसे बिखरें हों,
जैसे बारिश की बूंदों से नहाकर,
बगीचे के फूल अभी-अभी निखरे हों,
हर पल बड़े बनकर मत रहना,
कभी-कभी जीना बचपन भी,
माँ से सीखा है प्यार जताना,
रिश्तों में मीठापन भी,
प्यार बाँटते चलो ( pyar bantate chalo ) हंसकर मिलो ,
पिता से सीखा है परिवार चलाना,
परिवार है हमारी असली शक्ति,
परिवार ही कीमती धन भी,
* * * *
प्यार बाँटते चलो ( pyar bantate chalo ) : अपनों का संसार

चींटियां चलती है क़तार बनाकर,
बूंद-बूंद से सागर बनता है,
हम सबको रखती हैं ये समझाकर,
एक कोशिश मैंने भी की है,
परिवार में खुशियां बांटने की जिम्मेदारी,
मैंने भी अपने सर ली हैं,
जितना मिला हो उसके लिए धन्यवाद कहना,
यदि मन में कोई गिला हो तो खुलकर कहना,
हर घड़ी प्यार की भाषा बोलते हैं,
मेरी जिव्हा भी, मेरे दो नयन भी,
माँ से सीखा है प्यार जताना,
रिश्तों में मीठापन भी,
प्यार बाँटते चलो ( pyar bantate chalo ) हंसकर मिलो ,
पिता से सीखा है परिवार चलाना,
परिवार है हमारी असली शक्ति,
परिवार ही कीमती धन भी,
* * * *
मेहनत जीवन को निखार देती है,
हमारे सपनों में नया रंग भर देती है,
नेक कमाई घर को अंदर-बाहर से भर देती है,
मैं मात-पिता के पद-चिन्हों पर चलता हूँ,
मैं सबसे हंसकर गले मिलता हूँ,
कुछ कसमें पूरी करनी हैं,
कुछ वादों को निभाना है,
कुछ नया,कुछ हटकर करना है,
मैंने अपने मन में ये ठाना है,
रिश्तों की डोर से बंधा हुआ जीवन,
एक प्यारा-सा बंधन भी है,
माँ से सीखा है प्यार जताना,
रिश्तों में मीठापन भी,
प्यार बाँटते चलो ( pyar bantate chalo ) हंसकर मिलो ,
पिता से सीखा है परिवार चलाना,
परिवार है हमारी असली शक्ति,
परिवार ही कीमती धन भी,
* * * *
creation -राम सैणी
read more sweet poetry
click here –> माँ का मॉर्निंग अलार्म ( maa ka morning alarm ) : आलस पर वार ,
click here –> एक तोहफा ( Ek tohfa ) आपके लिए : मेरे पापा



