मेरे सपनों को पंख लगाए कौन,
मेरी ओर हाथ अपना बढ़ाए कौन,
पापा बिन कौन सुनेगा ( papap bin kaun sunega ),
पापा की कीमत होती है क्या,
कोई मुझसे पूछो तो जरा,
वो हैं तो रात चांदनी है,
सच में पापा ही हमारी जिंदगी हैं,
पापा के जैसा हौंसला कौन दिलाएगा,
मेरे सपनों को पंख लगाए कौन,
मेरी ओर हाथ अपना बढ़ाए कौन,
पापा बिन कौन सुनेगा ( papap bin kaun sunega ),
* * * * *
दिन ताजगी भरे रहते हैं,
मत डर,चल निडर होकर,
पापा हमेशा ही ये कहते हैं ,
मेरी ज़िन्दगी में महकते फूल,
पापा बिन कौन चुनेगा,
मेरे सपनों को पंख लगाए कौन,
मेरी ओर हाथ अपना बढ़ाए कौन,
पापा बिन कौन सुनेगा ( papap bin kaun sunega ),
पापा की कीमत होती है क्या,
कोई मुझसे पूछो तो जरा,
* * * * *
जिंदगी की गाड़ी उनकी यादों के सहारे,
रूक-रूक कर चल रही है,
खुशियां हमारे घर के सामने से,
झुक-झुक कर चल रही हैं,
कैसे भी हों हालात यदि पापा का हो साथ,
तो हम लड़ सकते हैं,
चाहे कितने ही तुफां आएं,
हम पापा की उंगली पकड़कर चल सकते हैं,
अपने अब पराए हो चले हैं,
रिश्ते-नाते सब खोखले हो चले हैं,
जिंदगी में सकून पापा बिन कैसे मिलेगा,
मेरे सपनों को पंख लगाए कौन,
मेरी ओर हाथ अपना बढ़ाए कौन,
पापा बिन कौन सुनेगा( papap bin kaun sunega ),
* * * * *
पापा के साये में दुनिया,
प्यारी-प्यारी लगती थी,
हर कीमती चीज उस वक्त हमारी लगती थी,
बांह पकड़ कर हमारे साथ,
थोडा अकड़ कर हमारे साथ,
जिंदगी की सुनसान राहों पर ,
पापा बिन कौन चलेगा,
मेरे सपनों को पंख लगाए कौन,
मेरी ओर हाथ अपना बढ़ाए कौन,
पापा बिन कौन सुनेगा,
पापा की कीमत होती है क्या,
कोई मुझसे पूछो तो जरा( papap bin kaun sunega ),
* * * * *
पापा बिन कौन सुनेगा ( papap bin kaun sunega ) : मेरी प्रेरणा

मैं आसमां के तारे गिनकर खुश हों जाता हूँ,
माँ से पापा के बारे में सुनकर खुश हो जाता हूँ,
हम हर दिन जीने की वजह ढूंढ लेते हैं,
झूठें वादे और नफ़रत से कोई वास्ता नहीं है,
बिन मेहनत के सफलता का कोई रास्ता नहीं है,
पापा की कही बातें बहुत याद आती हैं,
घूमना-फिरना साथ-साथ,
रात का खाना खाते थे साथ-साथ,
पापा संग गुजारी रातें बहुत याद आती हैं,
खुशियां अधूरी सी लगती हैं,
हमारे चेहरे पर अब खुशियों की बहार,
पापा बिन कौन लाएगा,
मेरे सपनों को पंख लगाए कौन,
मेरी ओर हाथ अपना बढ़ाए कौन,
पापा बिन कौन सुनेगा ( papap bin kaun sunega ),
* * * * *
झूठा सा लगता है लोगों का अपनापन,
लाखों सवाल छिपे हैं मन में,
पूछे तो किस से पूछे ये मेरा मन,
मेरे दिल का हर कोना खाली रहेगा,
बिन पाप के सदा-सदा,
यादों का सिलसिला यूं ही चलता रहेगा,
पापा के लिए सदा-सदा,
यूं लगे पापा आज भी हमारे साथ खडा हो,
घर में आपकी जगह को,
पापा बिन कौन भरेगा,
मेरे सपनों को पंख लगाए कौन,
मेरी ओर हाथ अपना बढ़ाए कौन,
पापा बिन कौन सुनेगा ( papap bin kaun sunega ),
पापा की कीमत होती है क्या,
कोई मुझसे पूछो तो जरा,
* * * *
एक शक्ति है हमारे आसपास,
जब भी हो चेहरा हमारा उदास,
किसी ना किसी रूप में आ जाती है,
पापा के जैसे रखती है ख्याल,
माँ ने लिया है अब सब-कुछ संभाल,
हर फैसला लेती है बेमिसाल,
जब माँ पापा की जगह आ जाती है,
मेरे लिए सपने रंग-बिरंगे,
पापा बिन कौन बुनेगा,
मेरे सपनों को पंख लगाए कौन,
मेरी ओर हाथ अपना बढ़ाए कौन,
पापा बिन कौन सुनेगा ( papap bin kaun sunega ),
पापा की कीमत होती है क्या,
कोई मुझसे पूछो तो जरा,
* * * * *
creation -राम सैणी
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