तेरी कोख को माना है घर अपना,
दुनिया में आने का मुझे भी हक दो माँ (mujhe bhi haq do maa)
तेरी आँखों में ना आएं आंसू मेरी वजह से,
तूं मेरे लिए मत रो माँ
* * * *
मैं ना मांगू कभी खेल-खिलोने,
मुझे नहीं चाहिए कोई मोतियों की माला,
माँ से बढ़कर कोई और नहीं होगा,
जिसने अपने जीवन का सुख मेरे नाम कर डाला,
मैं देखूं अगर माँ तेरी वजह से,
इस दुनिया के रंग निराले,
मेरी माँ की झोली में डाल दें सुख सारे,
मेरी विनती ये ही है तुम से,हे ऊपरवाले,
माँ ही है मेरे अंधेरे जीवन का दीपक,
मेरे दिल में जगह रहीं हैं तेरे प्यार की लौ माँ,
तेरी कोख को माना है घर अपना,
दुनिया में आने का मुझे भी हक दो माँ (mujhe bhi haq do maa)
तेरी आँखों में ना आएं आंसू मेरी वजह से,
तूं मेरे लिए मत रो माँ
* * * *
तेरी कोख में चल रही है एक बेटी की सांसें,
ये जानकर माँ कभी तुम आंसू ना बहाना,
माँ होती है ईश्वर स्वरूप मैंने तो ये ही माना,
मुझको पाकर तुम सदा मुस्कराओगी
माँ ऐसा हो जाएगा कुछ पल के बाद,
मेरी सूरत देखें बिना एक पल भी,
तुम रह नहीं पाओगी,
तेरे बिन कोई सांझ-सवेरा ,
मेरे जीवन में कभी ना हो माँ,
तेरी कोख को माना है घर अपना,
दुनिया में आने का मुझे भी हक दो माँ (mujhe bhi haq do maa) ,
तेरी आँखों में ना आएं आंसू मेरी वजह से,
तूं मेरे लिए मत रो माँ,
* * * *
तुम रहो मेरे संग सदा,
मैं बनकर रहूँ तेरा अंग सदा,
मेरा जीवन हो जाए पूरा रंगमय,
तेरे प्यार के रंगों से सदा ,
तुम बन जाना ढाल मेरी,
मेरे सर पर रखना अपने दो प्यारे हाथ,
मुझे रखना ममता की छाँव तले,
मेरे जीवन में होती रहे सदा,
तेरे पावन प्यार की बरसात,
अपने प्यार के रंग में,
मुझे भी एक दिन रंग दो माँ,
तेरी कोख को माना है घर अपना,
दुनिया में आने का मुझे भी हक दो माँ (mujhe bhi haq do maa)
तेरी आँखों में ना आएं आंसू मेरी वजह से,
तूं मेरे लिए मत रो माँ
* * * *
मुझे भी हक दो माँ (mujhe bhi haq do maa) : एक बेटी की आवाज

मुझको भी हो ये अभिमान हर पल
मेरी जननी रखती है मेरा ध्यान पल-पल,
मुझे रंगना अपने प्यार के रंग में सदा,
तेरी मीठी लोरियो का संगीत,
मेरे कानों में रस घोलता है,
तेरे प्यार का जादू मेरे सर चढ़कर बोलता है,
मेरे जीवन का हर लम्हा गुजरे तेरे संग,
चाहे सुख हो या दुख हो माँ,
तेरी कोख को माना है घर अपना,
दुनिया में आने का मुझे भी हक दो माँ (mujhe bhi haq do maa),
तेरी आँखों में ना आएं आंसू मेरी वजह से,
तूं मेरे लिए मत रो माँ
* * * *
तुम करना मेरा मार्गदर्शन,
मेरी उंगली थामे रखना तुम,
मुझे गोद में उठा कर जगा देना,
जब मीठे सपनों में हो जाऊं मैं गुम,
तुम्हारी गोद में आकर मेरा डर हो जाता है गायब,
माँ तुम्हारी कीमत मेरे जीवन में ऐसे है,
जैसे मुझको मिल गया हो कोई हीरा नायाब ,
हीरे-मोती सब मिट्टी की ढेरी,
तेरी सांसों की डोर से जुड जाए,
मेरे सांसों की डोरी,
हमारा रिश्ता बिल्कुल डोर-पतग जैसा हो माँ,
तेरी कोख को माना है घर अपना,
दुनिया में आने का मुझे भी हक दो माँ (mujhe bhi haq do maa),
तेरी आँखों में ना आएं आंसू मेरी वजह से,
तूं मेरे लिए मत रो माँ
* * * *
मैंने सुना है सब रिश्ते हैं फीके,
तेरे प्यार के आगे ओ माँ मेरी,
तेरे जैसा ना होगा दूजा कोई,
मैं बनकर रहूंगी जां तेरी,
तेरा प्यार है निर्मल निश्चल,
तुम ममता की खुली किताब हो माँ,
मैं जानती हूँ मुझको दुनिया में लाने के लिए,
तुम कितनी बेताब हो माँ,
माँ के अंदर बसता है ईश्वर,
तुम मेरे लिए ईश्वर का रूप हो माँ,
तेरी कोख को माना है घर अपना,
दुनिया में आने का मुझे भी हक दो माँ (mujhe bhi haq do maa),
तेरी आँखों में ना आएं आंसू मेरी वजह से,
तूं मेरे लिए मत रो माँ
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creater-राम सैणी
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