आँखों में शर्म स्वभाव नर्म,
चेहरे पर मोहिनी मुस्कान ( mohini muskan ) रखता है,
बातों में जादू,जुबां पर काबू,
सच में वो सबसे प्यारा इंसान लगता है,
मैने रखे थे जो व्रत,सफल हो गए वो सब,
मैंने की थी जो प्रार्थनाएं,
वो पूरी हो गई सब के सब,
खुशी-खुशी गुजर रहा है जीवन का सफ़र,
मेरे दिल में जैसी छवि थी,
बिल्कुल वैसा ही है मेरा हमसफ़र,
वो एक पहरेदार की तरह,
हम-सबका ध्यान रखता है,
आँखों में शर्म स्वभाव नर्म,
चेहरे पर मोहिनी मुस्कान ( mohini muskan ) रखता है,
बातों में जादू,जुबां पर काबू,
सच में वो सबसे प्यारा इंसान लगता है,
* * * *
नींदा-चुगली से वो कोसों दूर है,
शांत स्वभाव से जग में मशहूर है,
वो सबका भला चाहने वाला है,
वो बातें नहीं करता घुमा-फिराकर,
हर बात रखता है दिल में छुपाकर,
वो गुस्से में भी देखता है,
हम सबको मुस्कराकर,
हर काम में मेरी राय लेता है,
जहाँ जरुरत हो वहाँ सुझाव देता है,
वो दिल से मेरा सम्मान करता है,
आँखों में शर्म स्वभाव नर्म,
चेहरे पर मोहिनी मुस्कान ( mohini muskan ) रखता है,
बातों में जादू,जुबां पर काबू,
सच में वो सबसे प्यारा इंसान लगता है,
* * * * *
सच में मुझे अपनी किस्मत पर नाज़ है,
वो खुले विचारों वाला है,
अच्छे संस्कारों वाला है,
हर काम पुरा करता है वो आज के ही आज है,
उसकी अच्छी संगत है,चेहरे पर रंगत है,
रिश्तों को रखता है जैसे मोतियों की माला हो,
मेरी सखी-सहेलियों में चर्चा है,
वो बिल्कुल मेरे जैसा है,ये सबको पता है,
मनचाहा हमसफ़र मिला है,
हंसती-मुस्कराती बृजबाला को,
मीठा बोलना,घर को जोड़कर रखना,
जग में ऊँची पहचान रखता है,
आँखों में शर्म स्वभाव नर्म,
चेहरे पर मोहिनी मुस्कान ( mohini muskan ) रखता है,
बातों में जादू,जुबां पर काबू,
सच में वो सबसे प्यारा इंसान लगता है,
* * * * *
कुछ ज्यादा ही लगाव है माँ के साथ,
वो हम दोनों की सुनता है बराबर बात,
उलझी पहेली सुलजाना जानता है,
रुठे हुए को मनाना जानता है,
हंसकर हवा में उडा देता है,
वो छोटी-छोटी बातों को,
नफ़रत नहीं दिल में प्यार पालता है,
रिश्तों को काँच के जैसे संभालता है,
वो रात को सोता है खोलकरआँखों को,
माँ के पैरों के नीचे अपने हाथ रखता है,
मेरे पैरों के नीचे सारा आसमान रखता है,
आँखों में शर्म स्वभाव नर्म,
चेहरे पर मोहिनी मुस्कान ( mohini muskan ) रखता है,
बातों में जादू,जुबां पर काबू,
सच में वो सबसे प्यारा इंसान लगता है,
* * * * *
मोहिनी मुस्कान ( mohini muskan ) वाला हमसफ़र : मेरा सच्चा हमसफ़र

मुझसे थोड़ी ज्यादा है उसकी लंबाई,
मेरे हाथों में लाकर थमा देता है,
वो अपनी नेक कमाई,
सच की राह पर चलना,उसको पसंद है,
हम सबको साथ लेकर चलना,उसको पसंद है
मेरे तन-मन में मेरा हमसफ़र,
ईश्वर के जैसे स्थान रखता है,
आँखों में शर्म स्वभाव नर्म,
चेहरे पर मोहिनी मुस्कान ( mohini muskan ) रखता है,
बातों में जादू,जुबां पर काबू,
सच में वो सबसे प्यारा इंसान लगता है,
* * * *
हर बहन-बेटी का सम्मान करता है,
सबके दामन में खुशियां भरता है,
सच में अभिमान के काबिल है,
मेरी सब ख्वाहिशें पूरी करता है,
मेरी सब फरमाईसें पूरी करता है,
सच में वो सम्मान के काबिल है,
मेरी खूबियां वो सबको बताता है,
मुझको मेरे घर के नाम से बुलाता,
हमारे छोटे से परिवार का,
वो एक मजबूत स्तंभ है,
ज्यादा बातें करना उसे पसंद नहीं है,
पीठ पीछे बोलना उसे पसंद नहीं है,
मैं जितना सोचा करतीं थी,
वो उससे ज्यादा अक्लमंद है,
जहाँ जरुरत ना हो,
वहाँ अपनी वो बंद जुबान रखता है,
आँखों में शर्म स्वभाव नर्म,
चेहरे पर मोहिनी मुस्कान ( mohini muskan ) रखता है,
बातों में जादू,जुबां पर काबू,
सच में वो सबसे प्यारा इंसान लगता है,
* * * * *
creation -राम सैणी
read more sweet poetry
click here –> बेटा कहकर पुकारा (beta kahkar pukara ): कुदरत का चमत्कार,
click here –>माँ की तरह थाम लेना ( maa ki tarah thaam lena )



