मुझे ढूंढने से भी नहीं मिलेगा,
इस दुनिया में पिता के जैसा चित्रकार,
वो है मेरे लिए सारा संसार ,
वो है मेरी दुनिया का चित्रकार (meri duniya ka chitarkar),
मेरे जीवन में रंग भरने के लिए,
पिता झुक जाता है हर बार,
हमारे सपनों में रंग भरने का काम,
पिता ने बाखुबी उठाया है,
अपने सपनों को रंग हीन करके,
मेरे सपनों को रंगीन बनाया है,
उस फरिश्ते के आगे मेरा सर,
नतमस्तक हो जाता है बार-बार,
मुझे ढूंढने से भी नहीं मिलेगा,
इस दुनिया में पिता के जैसा चित्रकार,
वो है मेरे लिए सारा संसार ,
वो है मेरी दुनिया का चित्रकार (meri duniya ka chitarkar),
* * * * * *
इंद्रधनुष से प्यारे रंग चुराकर,
मेरे जीवन में बिखेर दिए हैं,
मेरे जीवन की सब बाधाएं हटाकर,
मेरे जीवन में खुशी के फूल बिखेर दिए हैं,
उसे अपने चेहरे की कोई परवाह नहीं पर,
मेरे चेहरे पर मुस्कान चाहिए,
उसे अपनी पहचान की कोई परवाह नहीं पर,
दुनिया में मेरी ऊँची पहचान चाहिए,
वो अपने सपनों को नजरंदाज करके,
मेरे सपने करता है साकार,
मुझे ढूंढने से भी नहीं मिलेगा,
इस दुनिया में पिता के जैसा चित्रकार,
वो है मेरे लिए सारा संसार ,
वो है मेरी दुनिया का चित्रकार (meri duniya ka chitarkar),
मेरे जीवन में रंग भरने के लिए,
पिता झुक जाता है हर बार
* * * * *
रंग-बिरंगे फुलों से खुशबू चुराकर,
मेरे जीवन को खुशबूदार बना दिया है,
मुझे ज़ीने के काबिल बनानें के लिए,
खुद को मिट्टी संग मिट्टी बना लिया है,
कुछ रंग हैं उसकी सादगी के,
कुछ रंग हैं उसके भोलेपन के,
कुछ रंग हैं उसकी मीठी वाणी के,
कुछ रंग हैं उसके अकेलेपन के,
ये रंग हैं पिता के लहू में शामिल,
ये रंग मेरे लिए हैं पिता का उपहार,
मुझे ढूंढने से भी नहीं मिलेगा,
इस दुनिया में पिता के जैसा चित्रकार,
वो है मेरे लिए सारा संसार ,
वो है मेरी दुनिया का चित्रकार (meri duniya ka chitarkar),
मेरे जीवन में रंग भरने के लिए,
पिता झुक जाता है हर बार
* * * * * *
मेरे जीवन में पिता ने खूब रंग भर दिए हैं,
अपनी मन की इच्छाओं के दरवाजे,
एक दम बंद किए हैं,
सूरज से लाल रंग चुराकर,
मेरे चेहरे की लाली बना दिया है,
कोयल से मीठी वाणी चुराकर,
मेरी वाणी को मीठा बना दिया है,
पिता के चेहरे में होने लगे हैं,
मुझको ईश्वर के दीदार,
मुझे ढूंढने से भी नहीं मिलेगा,
इस दुनिया में पिता के जैसा चित्रकार,
वो है मेरे लिए सारा संसार ,
वो है मेरी दुनिया का चित्रकार (meri duniya ka chitarkar),
मेरे जीवन में रंग भरने के लिए,
पिता झुक जाता है हर बार
* * * * * *
मेरी दुनिया का चित्रकार(meri duniya ka chitarkar): पिता का अनमोल स्पर्श

आग बरसाती धूप मुझे छू भी नहीं सकती,
पिता पीपल की छाँव बनकर खडा है,
वो हर घड़ी मेरी ढाल बनकर,
मेरे साथ-साथ चला है,
हवाओं से शीतलता चुराकर,
मेरे मन-मस्तिष्क को शीतल किया है,
वो खुद के लिए थोडा और,
हमारे लिए ज्यादा जीया है,
पिता की असली शक्ति है,
हमारे परिवार का प्यार,
हमें ढूंढने से भी नहीं मिलेगा,
पिता के जैसे सच्चा पालनहार,
मुझे ढूंढने से भी नहीं मिलेगा,
इस दुनिया में पिता के जैसा चित्रकार,
वो है मेरे लिए सारा संसार ,
वो है मेरी दुनिया का चित्रकार (meri duniya ka chitarkar),
मेरे जीवन में रंग भरने के लिए,
पिता झुक जाता है हर बार
* * * * * *
हमारे घर की चार-दीवारी में,
एक फरिश्ते का वास है,
जो घर से बेशक दूर रहे,
मगर दिल के हमेशा पास है,
उसकी आँख़ों में हजारों सपने हैं,
लेकिन मुख पर हमेशा मौन है,
जो बिन स्वार्थ के पसीना बहाए,
जग में ऐसा भला दूसरा कौन है,
जग में कहीं ओर नहीं मिल सकता है,
एक दमदार खरा सोना है पिता का यार,
मुझे ढूंढने से भी नहीं मिलेगा,
इस दुनिया में पिता के जैसा चित्रकार,
वो है मेरे लिए सारा संसार ,
वो है मेरी दुनिया का चित्रकार (meri duniya ka chitarkar),
मेरे जीवन में रंग भरने के लिए,
पिता झुक जाता है हर बार
* * * * * *
परिवार से हद से ज्यादा करता है प्यार,
पिता है एक अनोखा चित्रकार,,
मेरी माँ की मांग में रहता है,
लाल सिंदूर बनकर पिता,
मेरी बड़ी माँ की जान बनाकर रहता है पिता,
हमारे चेहरे पर प्यारी मुस्कान है पिता,
हमारा पहला धर्म है ( पिता का सम्मान,)
वो दर्पण के आगे खड़ा होकर,
खुद से बातें करता है,
वो हमेशा नेकी के रास्ते पर चलता है,
पिता है कुदरत का एक अनोखा चमत्कार,
मुझे ढूंढने से भी नहीं मिलेगा,
इस दुनिया में पिता के जैसा चित्रकार,
वो है मेरे लिए सारा संसार ,
वो है मेरी दुनिया का चित्रकार (meri duniya ka chitarkar),
मेरे जीवन में रंग भरने के लिए,
पिता झुक जाता है हर बार
* * * * * *
creation -राम सैणी
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