मत डर क्या होगा कल, साथ तुम्हारे मैं हूँ ना (main Hoon naa ),
धीरे सही पर चल तो सही,
एक बार तूं घर से निकल,
साथ तुम्हारे मैं हूँ ना (main Hoon naa ),
* * * * * *
रास्ते भी होंगे उबड़-खाबड़,
पाँव में कांटे चुबने का भी डर होगा,
ना माँ उठाएगी सुबह -सुबह,
खुद सोना खुद जागना हर पल ह़ोगा,
बिस्तर पर मिलेगा नहीं चाय का प्याला,
ना कोई होगा तुम्हें बोलने वाला ,
एक बार शुरुआत कर तो सही,
फिर जीवन में होगा उजाला ही उजाला,
मेहनत का परिणाम है क्या,
फिर देखना सुबह -श्याम है क्या,
एक दिन तुम को मिल जाएगा,
तुम्हारी मेहनत का फल,
मत डर क्या होगा कल, साथ तुम्हारे मैं हूँ ना (main Hoon naa ),
धीरे सही पर चल तो सही,
एक बार तूं घर से निकल,
साथ तुम्हारे मैं हूँ ना (main Hoon naa ),
* * * * * *
मैं तो रास्ता दिखा सकता हूँ,
पर चलना तो तुम को ही होगा,
वो कण-कण पर निगाह रखता है,
सबकी मेहनत का हिसाब भी वो ही देगा,
डर को निकाल बाहर भगा,
दिल में कुछ नया करने का जज्बा जगा,
पंख फैलाकर उडने वाले,
परिंदों को देखो आसमान में,
जीतने वाले की ही जय-जयकार होती है,
इस सारे जहान में,
बिन स्वार्थ के सब का भला कर,
जब भी मिलता है कोई निर्बल,
मत डर क्या होगा कल, साथ तुम्हारे मैं हूँ ना (main Hoon naa ),
धीरे सही पर चल तो सही,
एक बार तूं घर से निकल,
साथ तुम्हारे मैं हूँ ना (main Hoon naa ),
* * * * * *
कमाकर खाना औरों को खिलाना,
ये जीवन का है नेक कर्म,
जितना मिला उतना खाना,
हक खाना अपना-अपना
ये ही हैं हम सबका धर्म,
रातों के अंधियारे के बाद,
सूरज का उजाला भी आएगा,
जिसने ठानी है कुछ करने की,
वो ही आसमान को छू पाएगा,
ये ही जमीं है ये ही आसमान,
दुनिया के हर कोने में,
बेकार में यूं ही व्यर्थ ना कर,
अपने नयन भिगोने में,
ऐसे ही परींदो का शोर मिलेगा,
ये ही मिलेगा शीतल जल,
मत डर क्या होगा कल,
साथ तुम्हारे मैं हूँ ना (main Hoon naa ),
धीरे सही पर चल तो सही,
एक बार तूं घर से निकल,
साथ तुम्हारे मैं हूँ ना (main Hoon naa ),
* * * * * *
एक बार घर से निकल,
सूरज की किरणें बेचैन हैं कब से,
तुम्हारा माथा चूमने को,
छू लोगे एक दिन तुम बूलंदियो को,
सफलता तैयार खड़ी है तुम्हारे कदम चूमने को,
दुसरो के लिए मिशाल बन,
पक्का करले अपना मन,
वक्त है एक कीमती गहना,
जो हाथ से फिसलता जा रहा है हर पल,
मत डर क्या होगा कल,
साथ तुम्हारे मैं हूँ ना (main Hoon naa ),
धीरे सही पर चल तो सही,
एक बार तूं घर से निकल, साथ तुम्हारे मैं हूँ ना (main Hoon naa ),
* * * * * *
नींद आँखों की त्यागकर,
चेहरे पर मुस्कान सजाकर,
हर घड़ी रहो तैयार,
वक्त कर रहा है इंतजार,
मौका दे रहा है वो सबका पालनहार,
जीवन में आने वाली हैं बहार,
एक दिन तेरा ये आसमान होगा,
शुरू में हर काम लगेगा मुश्किल,
बाद में हर काम आसान होगा,
चल छोड दे अपनी माँ का दामन,
उठ छोड़ दें अपना बिस्तर मखमल,
मत डर क्या होगा कल,
साथ तुम्हारे मैं हूँ ना (main Hoon naa ),
धीरे सही पर चल तो सही,
एक बार तूं घर से निकल,
साथ तुम्हारे मैं हूँ ना (main Hoon naa ),
* * * * * *
यदि सपनों में रंग भरना है,
फिर तुम को समय के साथ,
कदम से कदम मिलाकर चलना है,
एक दिन खींचना है तुम को जीवन का रथ,
मुश्किल नहीं है जीवन का पथ,
झूठ से दुरी बनाकर रखना,
हमेशा जुबान पर रखना सच,
हार-जीत और सुख और दुख,
जीवन में धूप और छाँव की तरह है,
मुश्किलें है समंदर का खारा पानी,
खुशियां मीठे आम की तरह है,
जीत उसी इन्सान की होती है,
जिसका मन है निर्मल,
मत डर क्या होगा कल,
साथ तुम्हारे मैं हूँ ना (main Hoon naa ),
धीरे सही पर चल तो सही,
एक बार तूं घर से निकल,
साथ तुम्हारे मैं हूँ ना (main Hoon naa ),
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creater-राम सैणी
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