मै सोच रही हूँ कल रात से पापा,
मुझे पुछनी है आपसे एक बात है पापा,
मुझे जाना है बाजार बड़ी माँ के साथ,
आपकी आज्ञा चाहिए बस आज के लिए,
मैं लेकर आऊंगी एक तोहफा ( Ek tohfa ) आप के लिए,
एक तोहफ़े का नाम बताना,
वो ही तोहफा मुझे बाजार से लेकर आना,
जो आपके मन को भाएगा,
आप ही देते हो मुझे तोहफा हर बार पापा,
मेरे लिए आप ही सारा संसार पापा,
अब की बार तोहफा आएगा सिर्फ अपके लिए ,
मुझे पुछनी है आपसे एक बात है पापा,
मुझे जाना है बाजार बड़ी माँ के साथ,
आपकी आज्ञा चाहिए बस आज के लिए,
मैं लेकर आऊंगी एक तोहफा ( Ek tohfa ) आप के लिए,
* * * * *
कल बड़ी माँ ने वादा किया था,
अपने साथ लेकर जाने का इरादा किया था,
मुझे मनचाहे तोहफे दिलवाएगी,
बड़ी माँ मुझे बोल रही थी पापा,
लगता है दिव्य कुछ ज्यादा ही खर्च कराएगी,
मैंने बड़ी माँ को बोल दिया है साफ-साफ,
चाहे प्यार से दिलवाना मुझको तोहफा,
चाहे दिलवाना होकर नाराज़,
मुझे लेना है एक कीमती तोहफा,
अपने प्यारे पापा के लिए,
जो करते हैं दिन-रात फिक्र,
प्यारे पापा हम-सब के लिए,
मुझे समझ नहीं आ रहा बड़ी माँ,
पापा को कैसा तोहफा पसंद है,
तेरा हर तोहफा तेरे पापा को स्वीकार है ,
हमारे घर में सिर्फ तेरी ही सरकार है,
चाहे एक लाल रंग का धागा ही खरीद लो,
अपने पापा के हाथ के लिए,
मै सोच रही हूँ कल रात से पापा,
मुझे पुछनी है आपसे एक बात है पापा,
मुझे जाना है बाजार बड़ी माँ के साथ,
आपकी आज्ञा चाहिए बस आज के लिए,
मैं लेकर आऊंगी एक तोहफा ( Ek tohfa ) आप के लिए,
* * * * *
बाजार रंग-बिरंगे तोहफों से भरा पडा था,
लेकिन मुझे पसंद आया एक चाँदी का कडा था,
उस कडे पर लिखा था राम-राम,
मेरे दिल को छू गया ये प्यारा नाम,
मैंने खरीदें हैं दो रेशम के लाल धागे,
आपके प्यारे नाम से हैं,
मैंने खुशियों के सुनहरे पल,
हाथ जोड़कर मांगे,राम से हैं,
धन्यवाद पापा,आपके प्यार भरे साथ के लिए,
मुझे पुछनी है आपसे एक बात है पापा,
मुझे जाना है बाजार बड़ी माँ के साथ,
आपकी आज्ञा चाहिए बस आज के लिए,
मैं लेकर आऊंगी एक तोहफा ( Ek tohfa ) आप के लिए,
* * * * *
एक प्यारी सी बांसुरी भी लेने का मन था,
उस बांसुरी से ना जाने कैसा अपनापन था,
आप हर रोज शाम को उसे बजाना,
मैं गाऊंगी एक प्यारा-सा गाना,
एक सोने का पानी चढ़ा मुझे कलम पसंद है,
मुझे पता है पापा आपको लिखना पसंद है,
मेरा हर अनमोल तोहफ़ा है पापा,
सिर्फ आपके लिए,
मै सोच रही हूँ कल रात से पापा,
मुझे पुछनी है आपसे एक बात है पापा,
मुझे जाना है बाजार बड़ी माँ के साथ,
आपकी आज्ञा चाहिए बस आज के लिए,
मैं लेकर आऊंगी एक तोहफा ( Ek tohfa ) आप के लिए,
* * * * *
एक तोहफा ( Ek tohfa ) आपके लिए : हजार एहसास

बंद कीजिए अपनी दो आँखें,
कुछ देर के लिए बंद कीजिए अपनी ये बातें,
अब धीरे-धीरे अपनी आँखें खोलो पापा,
कैसा लगा मेरा तोहफा बोलो पापा,
आपका हर तोहफा हमें स्वीकार है,
इस तोहफे में छिपा है,
हमारी लाडली का प्यार है,
तोहफे का मोल कीमत से नहीं,
प्यार से लगाया जाता है,
बेटियों को हमेशा सर पर बिठाया जाता है,
धन्यवाद पापा,आपके इस प्यार के लिए,
मुझे पुछनी है आपसे एक बात है पापा,
मुझे जाना है बाजार बड़ी माँ के साथ,
आपकी आज्ञा चाहिए बस आज के लिए,
मैं लेकर आऊंगी एक तोहफा ( Ek tohfa ) आप के लिए,
* * * * *
चलो पापा,मुझे बनाकर खिलाओ ,
आज मीठी लजीज खीर,
मेरी और आपकी होनी चाहिए,
घर में एक बड़ी सी तस्वीर,
उस तस्वीर को कोई नहीं छूएगा,
आपकी मंझली बेटी के सिवा,
क्यों पापा लाखों में एक है ना,
आपकी तेज-तर्रार बेटी दिव्या,
मुझे चाहिए हर घड़ी आपका साथ है पापा,
मै सोच रही हूँ कल रात से पापा,
मुझे पुछनी है आपसे एक बात है पापा,
मुझे जाना है बाजार बड़ी माँ के साथ,
आपकी आज्ञा चाहिए बस आज के लिए,
मैं लेकर आऊंगी एक तोहफा ( Ek tohfa ) आप के लिए,
* * * * *
creation-राम सैणी
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