बेटे होने का हक़ ( bete hone ka huq ) : एक सहारा
जब हम बढ़ने लगें बुढ़ापे की ओर, हमारी नजर भी जब हो जाए कमजोर, तुम हाथ हमारा थामकर चला […]
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जब हम बढ़ने लगें बुढ़ापे की ओर, हमारी नजर भी जब हो जाए कमजोर, तुम हाथ हमारा थामकर चला […]
मैं उन्हें धन्यवाद पापा नहीं कहता हूँ, पापा भी माफ करना बेटा नहीं कहते हैं, ना जाने क्यों पापा हमेशा
सुन बहन की पुकार ( bahan ki pukar ) , दिल से जुड़े दिल के तार, मात-पिता की तरह
जीवनकी की गाड़ी कैसे चलती है, कभी अकेले चलाकर तो दिखा, पिता का किरदार ( pita ka kirdar ) निभाना
बेटियां पिता के,बेटे माँ के दिल के करीब होते हैं, बेटियां ही नहीं बेटे भी अकेले में रोते हैं,
मैं बाबुल के आंगन की एक उड़ती चिड़िया, क्या उड़ना एक दिन सच होगा, जिस दिन आएगी वो घड़ी, मुझे
मेरे मन में एक जिज्ञासा है, माँ प्रेम की परिभाषा ( prem ki paribhasha ) क्या है, कुछ और भी
माँ का ऋण ( maa ka rinn ) हम-सब पर हमेशा रहेगा उधार, कोई गरीब हो,या बड़ा साहुकार, तुम एक
बच्चों की मन चाही खुशियां, उनकी झोली में पा सकती है, क्या माँ के जैसी भी कोई हो सकती
लोरी का जादू ( lori ka jadu ) माँ कितना पुराना है , बचपन की लोरी से हर बच्चे का दोस्ताना