दान-दहेज (Daan-Dahej ) : दान और दहेज का संघर्ष
दान-दहेज (Daan-Dahej ) भी चाहिए, बहु संस्कारी भी, बिन बोले सब लेकर आएगी, बहु हमारी भी, * […]
Your blog category
दान-दहेज (Daan-Dahej ) भी चाहिए, बहु संस्कारी भी, बिन बोले सब लेकर आएगी, बहु हमारी भी, * […]
मात-पिता करते हैं प्यार हमें, दीवानों की तरह, फिर कुछ लोग क्यों करते हैं व्यहवार, उनसे बेगानों की तरह (beganon
मै उड़ाता रहा धन-दौलत, पिता के खजाने से (pita ke khajane se ), पिता हर बार समझाता था, मुझे किसी
जब किसी की सूनी कोख (sooni kokh ) देखकर , कोई उसे बांझ बोलता है औलाद से तरसती उस माँ
मेरी पहली पाठशाला (pahli pathshala ) पहला प्यार है माँ, उसकी वजह से छाई रहती है, मेरी आंखों में चमक चेहरे
अनमोल बंधन(anmol bandhan ) है ये सबसे निराला , मुस्कान मैं हूँ तेरी तूं है मेरा उजाला, इस जग में
माँ का परिचय (maa ka prichay ) पूछ रहे थे चमकते सितारे मुझसे , क्या माँ ऐसे ही रहती
आगे बढ़ो (aage badho ) : एक बेटे को नशीहत तूम आगे बढो (aage badho ) हर पल, एक
माँ होती है हर बार वजह मेरे मुस्कराने की (vajay mere muskrane ki ) मैं समझता रहा माँ को क्या
बेटी की डोली (beti ki doli ) के वो पावन पल , याद आएगा उसका प्यार-दुलार, जब बेटी को डोली