गरीब घर की बेटी (garib ghar ki beti ) : अमीर संस्कार
ज्यादा नहीं मांगतीं बेटियां, वो धनी होती हैं नशीब की, कभी बहू बनाकर देखो , गरीब घर की बेटी (garib […]
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ज्यादा नहीं मांगतीं बेटियां, वो धनी होती हैं नशीब की, कभी बहू बनाकर देखो , गरीब घर की बेटी (garib […]
निराला है बड़ी माँ तुम्हारा अंदाज, इस उम्र में भी इतना कड़क मिज़ाज ( kadak mijaj ), तुम मीठे बोल
अब खुद को थोडा विश्राम दो, आपके कांधों का भार माँ, चलो अब मैं संभाल लूं ( chalo ab main
मन्नत का धागा (mannat ka dhaga) : ममता की ताकत आज फल मिला है मेरी वर्षों की मन्नत का तूं
एक बेटी के आ जाने से, आज सबके चेहरे उतरें हैं क्यूं, बेटी है तो बहू है ( beti
नंगे पाँव चलता फ़रिश्ता(nange paanv chalta farishata) ये रब ने कैसा बनाया रिश्ता है, हर घड़ी परिवार के लिए
सर झूका लीजिए इस मूरत के आगे, माँ ही पहला भगवान ( maa hi pahla bhagwan ) है ,
बड़े चंचल हैं ये नन्हे कदम(nanhe kadam ), सारे घर में मस्ती करते हैं हरदम, मेरी बेटी जब भी
एक-सा अधिकार मिले,बेटी और बहु(beti aur bahu ) को, दोनो की कीमत है एक-सी, आसमान हो चाहे जमीं हो,
मुझे फूलों की तरह रखता है , ससुराल में मेरा पति, तो राजकुमारी बनाकर रखता था, मायके में मेरा