काला रंग ( kaala rang ) ईश्वर की रचना : उजला चरित्र
काला रंग ( kaala rang ) है ईश्वर की रचना, हर घड़ी बस ये ही मानकर हंसना, वो लोग होते […]
काला रंग ( kaala rang ) है ईश्वर की रचना, हर घड़ी बस ये ही मानकर हंसना, वो लोग होते […]
बातें करता हूँ नापतोल कर, अपने से बड़ों को बुलाता हूँ जी बोलकर, प्यार से बोलना मेरा स्वभाव है
मुझे रखना है एक प्यारा-सा नाम, सबसे पहले करना है मुझे ये ही काम, माँ कोई नाम सोचकर बताओ ना,
जब हम बढ़ने लगें बुढ़ापे की ओर, हमारी नजर भी जब हो जाए कमजोर, तुम हाथ हमारा थामकर चला
बेटियां पिता के,बेटे माँ के दिल के करीब होते हैं, बेटियां ही नहीं बेटे भी अकेले में रोते हैं,
चल लाली ( chal lali ) तुझे शैर कराऊं, अपने खेत-खलिहान की, चिड़ियों को चहकते देखना, परींदो को उड़ते देखना, वो
मुझे जी-भरकर सोना है पापा, मुझे आपके जैसा क्यों होना है पापा, मैं अलग हूँ (main alag hoon ) मेरे
माँ चाँद को छूकर देखना है(maa chand ko chhookar dekhana hai) , कुछ पल उसके संग खेलना है, मेरे लिए