मन्नत का धागा (mannat ka dhaga) : ममता की ताकत
मन्नत का धागा (mannat ka dhaga) : ममता की ताकत आज फल मिला है मेरी वर्षों की मन्नत का तूं […]
मन्नत का धागा (mannat ka dhaga) : ममता की ताकत आज फल मिला है मेरी वर्षों की मन्नत का तूं […]
एक बेटी के आ जाने से, आज सबके चेहरे उतरें हैं क्यूं, बेटी है तो बहू है ( beti
नंगे पाँव चलता फ़रिश्ता(nange paanv chalta farishata) ये रब ने कैसा बनाया रिश्ता है, हर घड़ी परिवार के लिए
सर झूका लीजिए इस मूरत के आगे, माँ ही पहला भगवान ( maa hi pahla bhagwan ) है ,
बड़े चंचल हैं ये नन्हे कदम(nanhe kadam ), सारे घर में मस्ती करते हैं हरदम, मेरी बेटी जब भी
एक-सा अधिकार मिले,बेटी और बहु(beti aur bahu ) को, दोनो की कीमत है एक-सी, आसमान हो चाहे जमीं हो,
मुझे फूलों की तरह रखता है , ससुराल में मेरा पति, तो राजकुमारी बनाकर रखता था, मायके में मेरा
मैंने बेटे को आँचल में छूपाकर पाला है, तो बेटी को भी अपनी जान से ज्यादा संभाला है, मैं
मैंने बचपन में देखा था पापा जैसा बनने का सपना ( papa jaisa banne ka sapna ) उसके जैसा
हमारी खुशियों के दो किनारे (khushiyon ke do kinare )हैं, ये ही सुख-दुख के साथी हमारे हैं, जीवन में खुशियाँ